शुभ रंग
हरा
मिथुन के स्वामी बुध का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।

मिथुन · Gemini
अक्टूबर 2026: इस महीने मिथुन राशि का औसत गोचर सूचकांक 7.2/10 है — अनुकूल। शुभ दिन: 3, 7, 14, 16 और 24 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर। महीने का बड़ा गोचर: शनिवार, 17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में — आपका पाँचवाँ भाव, प्रतिकूल।
सूचकांक महीने के हर दिन के गोचर सूचकांकों का औसत है: पारंपरिक गोचर संकेतों पर स्वर्ण सिद्धि की भार-पद्धति; यह किसी घटना की संभावना या परिणाम का अंक नहीं है।
अगला शुभ दिन: मंगलवार, 3 नवंबर · 5.0/10
एआई ज्योतिषी से पूछें — अपने लग्न, दशा और गोचर के बारे में
सूचकांक 5.9/10 · मिश्रित, सकारात्मक झुकाव
शुभ दिन: 3, 10, 20, 22 और 30 नवंबर। सावधानी के दिन: 5–6, 15–16, 24–25 नवंबर।
चंद्राष्टम — चंद्रमा मिथुन से आठवीं राशि मकर में: रवि 15 नवंबर, रात 3:11 – मंगल 17 नवंबर, दोपहर 3:31।
महीने की पहली तारीख़ को भारतीय समय आधी रात से यह पेज उस महीने का हो जाता है।
इस महीने काम एक-सी गति से चलता है: जो खुला है उसे पूरा करें और लिखित रखें, प्रतिबद्धताएँ व्यावहारिक रखें और दिशा के बड़े बदलाव किसी साफ़ समय के लिए छोड़ें।
सूर्य कन्या राशि में, आपके चौथे भाव में (17 अक्टूबर तक): चौथे भाव — घर और मन की शांति — में सूर्य प्रतिकूल है। परंपरा घर में खटपट और काम तथा सुख-सुविधा के बीच खिंचाव की बात करती है; घरेलू मामले सरल रखें।
सूर्य तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में (17 अक्टूबर से): पाँचवें भाव — विवेक, विद्या और संतान — में सूर्य प्रतिकूल है। परंपरा इसे बेचैन मन और जल्दबाज़ी के निर्णयों से जोड़ती है; बड़े फ़ैसलों को एक बार और देखें।
किस आधार पर: सूर्य चौथा (प्रतिकूल) → पाँचवाँ (प्रतिकूल); शनि दसवाँ (सामान्य); मंगल दूसरा (प्रतिकूल); बुध पाँचवाँ (प्रतिकूल); गुरु दूसरा (अनुकूल) → तीसरा (प्रतिकूल)।
इस महीने धन के मामले सहज चलते हैं: बकाया और काग़ज़ी काम निपटने की प्रवृत्ति है, और जो पहले से हिसाब में है उसे देखने का स्थिर समय है।
बुध तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में (पूरे महीने): पाँचवें भाव — विवेक और संतान — में बुध प्रतिकूल है। परंपरा धुंधले विवेक और घर में मतभेद की बात करती है; सट्टे जैसे फ़ैसलों से बचें।
किस आधार पर: गुरु दूसरा (अनुकूल) → तीसरा (प्रतिकूल); बुध पाँचवाँ (प्रतिकूल); शुक्र पाँचवाँ (अनुकूल); शनि दसवाँ (सामान्य)।
इस महीने आत्मीयता सहज बहती है: साथ बिताया समय, छोटे-छोटे भाव और मन की बात कहना — सब अच्छा बैठता है।
शुक्र तुला राशि में, आपके पाँचवें भाव में (पूरे महीने): पाँचवाँ भाव — प्रेम, संतान और रचनात्मकता — शुक्र के लिए अनुकूल है। परंपरा इसे स्नेह, रचनात्मक आनंद और संतान से सुख से जोड़ती है।
किस आधार पर: शुक्र पाँचवाँ (अनुकूल); मंगल दूसरा (प्रतिकूल); गुरु दूसरा (अनुकूल) → तीसरा (प्रतिकूल); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
इस महीने मेहनत संतुलित रखें: सीमाएँ खींचने से ज़्यादा आराम, पाचन और नियमित दिनचर्या मायने रखते हैं।
मंगल कर्क राशि में, आपके दूसरे भाव में (पूरे महीने): दूसरे भाव — परिवार और वाणी — में मंगल प्रतिकूल है। परंपरा कड़वे शब्दों और घर में झगड़ों की बात करती है; लहजा शांत रखें।
किस आधार पर: सूर्य चौथा (प्रतिकूल) → पाँचवाँ (प्रतिकूल); मंगल दूसरा (प्रतिकूल); शनि दसवाँ (सामान्य); राहु नौवाँ (प्रतिकूल); केतु तीसरा (अनुकूल); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
शुभ दिन: 3, 7, 14, 16 और 24 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर।
| चंद्रमा की राशि | आरंभ | समाप्ति | भाव | पारंपरिक गोचर फल |
|---|---|---|---|---|
| वृषभ | बुध 30 सितंबर, दोपहर 1:14 | शुक्र 2 अक्टूबर, दोपहर 3:41 | बारहवाँ | प्रतिकूल |
| मिथुन | शुक्र 2 अक्टूबर, दोपहर 3:41 | रवि 4 अक्टूबर, शाम 6:32 | पहला | अनुकूल |
| कर्क | रवि 4 अक्टूबर, शाम 6:32 | मंगल 6 अक्टूबर, रात 10:18 | दूसरा | सामान्य |
| सिंह | मंगल 6 अक्टूबर, रात 10:18 | शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 | तीसरा | अनुकूल |
| कन्या | शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 | रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04 | चौथा | प्रतिकूल |
| तुला | रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04 | मंगल 13 अक्टूबर, रात 7:13 | पाँचवाँ | सामान्य |
| वृश्चिक | मंगल 13 अक्टूबर, रात 7:13 | शुक्र 16 अक्टूबर, सुबह 6:48 | छठा | अनुकूल |
| धनु | शुक्र 16 अक्टूबर, सुबह 6:48 | रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 | सातवाँ | अनुकूल |
| मकर | रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 | बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 | आठवाँ | प्रतिकूल · चंद्राष्टम |
| कुंभ | बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 | शुक्र 23 अक्टूबर, दोपहर 3:04 | नौवाँ | सामान्य |
| मीन | शुक्र 23 अक्टूबर, दोपहर 3:04 | रवि 25 अक्टूबर, रात 7:22 | दसवाँ | अनुकूल |
| मेष | रवि 25 अक्टूबर, रात 7:22 | मंगल 27 अक्टूबर, रात 9:07 | ग्यारहवाँ | अनुकूल |
| वृषभ | मंगल 27 अक्टूबर, रात 9:07 | गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 | बारहवाँ | प्रतिकूल |
| मिथुन | गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 | रवि 1 नवंबर, रात 12:01 | पहला | अनुकूल |
चंद्राष्टम — चंद्रमा मिथुन से आठवीं राशि मकर में: रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 – बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01।
इस अवधि का हर राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना, ग्रहण और त्योहार, भारतीय समय की तारीख़ के साथ — और आपकी चंद्र राशि से वह किस भाव में पड़ता है।
हिंदू महीना (पूर्णिमांत, उत्तर भारत के पंचांग की तरह, नई दिल्ली के सूर्योदय पर): आश्विन (1 अक्टूबर–26 अक्टूबर); कार्तिक (27 अक्टूबर–31 अक्टूबर)।
गुरु, शनि, राहु और केतु इतने धीमे चलते हैं कि एक महीने में कम ही बदलते हैं; ऊपर का हर दिन इन्हीं की पृष्ठभूमि पर पढ़ा जाता है। मिथुन से इनका भाव और गोचर फल:
धीमे ग्रहों का पूरा फल: मिथुन राशिफल 2027 · किस राशि पर साढ़ेसाती है
इस महीने मिथुन पर सबसे भारी मंगल है: दिनों में उसका गोचर योगदान औसतन -0.88 है (भाव दूसरा)। मंगल का पारंपरिक मुफ़्त उपाय:
नौ ग्रहों के उपाय · मंगल मंत्र
ये मन को स्थिर रखने के पारंपरिक अभ्यास हैं, चिंतन के लिए; ये चिकित्सीय, क़ानूनी या आर्थिक सहायता की जगह नहीं लेते।
हरा
मिथुन के स्वामी बुध का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।
बुधवार: 7, 14, 21 और 28 अक्टूबर
बुध का दिन; यह भी राशि-स्वामी से तय है और हर सप्ताह वही रहता है।
शुभ अंक तारीख़ के अंकों का योग है और रोज़ बदलता है, इसलिए वह दैनिक राशिफल पर है: आज का मिथुन राशिफल.
शुभ दिन: 3, 7, 14, 16 और 24 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर। शुभ दिन वह है जब चंद्रमा मिथुन से उस भाव में हो जिसे गोचर-तालिका अनुकूल गिनती है (पहला, तीसरा, छठा, सातवाँ, दसवाँ या ग्यारहवाँ) और तारा भी अनुकूल हो; अधिक से अधिक 5 दिन, ऊँचे सूचकांक से। सावधानी का दिन वह है जब चंद्रमा चौथे, आठवें या बारहवें भाव में हो — आठवाँ चंद्राष्टम है। हर दिन भारतीय समय शाम 5:30 की स्थिति से पढ़ा जाता है, वही क्षण जो दैनिक राशिफल लेता है।
चंद्राष्टम — चंद्रमा मिथुन से आठवीं राशि मकर में: रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 – बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01।
शनिवार, 17 अक्टूबर को सूर्य तुला में; शनिवार, 31 अक्टूबर को गुरु सिंह में; शनिवार, 3 अक्टूबर को शुक्र वक्री; शनिवार, 24 अक्टूबर को बुध वक्री।
चंद्र राशि से। मिथुन राशि का अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा निरयन राशि चक्र में मिथुन में था। यह अक्सर अंग्रेज़ी अख़बारों वाली सूर्य राशि से अलग होती है; निःशुल्क कुंडली एक मिनट में बता देती है।
हर महीने की पहली तारीख़ को भारतीय समय आधी रात को; महीने के आख़िरी सात दिनों में इसमें अगले महीने का फल भी रहता है।