वास्तु शास्त्र · घर के लिए
घर का वास्तु

वास्तु घर को दिशाओं के हिसाब से समझने की परंपरा है। यहाँ से शुरू करें: पहले देखें आपका घर किस दिशा-मुखी है, फिर रसोई, नक्शा और सोने की दिशा — सब उसी इंजन से जो ऐप का वास्तु कंपास चलाता है।
- उत्तर
उत्तर मुखी घर
दीवार के 8 द्वार-स्थान; पसंदीदा: N3, N4, N5। - पूर्व
पूर्व मुखी घर
दीवार के 8 द्वार-स्थान; पसंदीदा: E3, E4। - दक्षिण
दक्षिण मुखी घर
दीवार के 8 द्वार-स्थान; पसंदीदा: S3, S4। - पश्चिम
पश्चिम मुखी घर
दीवार के 8 द्वार-स्थान; पसंदीदा: W3, W4, W5।
| ज़ोन | दिशा | विषय | तत्व |
|---|---|---|---|
| उत्तर (N) | 348.75°–11.25° | करियर और अवसर | जल |
| उत्तर-ईशान (NNE) | 11.25°–33.75° | स्वास्थ्य और रोग-प्रतिरोध | जल |
| ईशान (उत्तर-पूर्व) (NE) | 33.75°–56.25° | मन, स्पष्टता और आध्यात्म | जल |
| पूर्व-ईशान (ENE) | 56.25°–78.75° | मनोरंजन और आनंद | वायु |
| पूर्व (E) | 78.75°–101.25° | सामाजिक संबंध | वायु |
| पूर्व-आग्नेय (ESE) | 101.25°–123.75° | विश्लेषण और मंथन | वायु |
| आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (SE) | 123.75°–146.25° | धन-प्रवाह और ऊर्जा (अग्नि) | अग्नि |
| दक्षिण-आग्नेय (SSE) | 146.25°–168.75° | आत्मविश्वास और शक्ति | अग्नि |
| दक्षिण (S) | 168.75°–191.25° | यश और विश्राम | अग्नि |
| दक्षिण-नैऋत्य (SSW) | 191.25°–213.75° | खर्च और निपटान | पृथ्वी |
| नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (SW) | 213.75°–236.25° | कौशल, संबंध और स्थिरता | पृथ्वी |
| पश्चिम-नैऋत्य (WSW) | 236.25°–258.75° | शिक्षा और बचत | आकाश |
| पश्चिम (W) | 258.75°–281.25° | लाभ और प्राप्ति | आकाश |
| पश्चिम-वायव्य (WNW) | 281.25°–303.75° | विषहरण और विश्राम | आकाश |
| वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (NW) | 303.75°–326.25° | सहयोग, बैंकिंग और गतिशीलता | वायु |
| उत्तर-वायव्य (NNW) | 326.25°–348.75° | आकर्षण और बेचैनी | जल |

रसोई घर का वास्तु
रसोई की सबसे अच्छी दिशा, और चूल्हे, सिंक व फ़्रिज की जगह।
घर का वास्तु नक्शा
नक्शे पर 16 ज़ोन और हर कमरे की दिशा।
सोने की दिशा
बिस्तर किस ओर हो, और शोध क्या कहता है।
वास्तु कंपास
फ़ोन को कंपास बनाएँ — 16 ज़ोन और सही उत्तर के साथ।
ऐप में घर का नक्शा स्कैन या ड्रॉ करके कमरे-दर-कमरे जाँच पाएँ, या वास्तु हाउस रिपोर्ट और एस्ट्रो-वास्तु रिपोर्ट देखें। वास्तु की मूल बातें विस्तार से: वास्तु शास्त्र की मूल बातें (अंग्रेज़ी)।
लोग अक्सर क्या पूछते हैं
घर के वास्तु में सबसे पहले क्या देखें?
मुख्य द्वार की दिशा और दीवार पर उसकी जगह, फिर रसोई और मुख्य शयनकक्ष। ये तीन परंपरा में सबसे ज़्यादा वज़न रखते हैं।
वास्तु में दिशा कैसे नापें?
घर के बीच से, सही उत्तर के हिसाब से। फ़ोन का कंपास चुंबकीय उत्तर बताता है; वास्तु कंपास आपकी जगह के हिसाब से अंतर जोड़कर सही उत्तर दिखाता है।
क्या दक्षिण मुखी घर खराब होता है?
नहीं। हर दीवार की तरह दक्षिण में भी पसंदीदा द्वार-स्थान हैं; डर की बात परंपरा से ज़्यादा बाज़ार की है।
क्या वास्तु के लिए घर तोड़ना पड़ता है?
नहीं। ज़्यादातर सुझाव सामान की जगह, सफ़ाई, रोशनी और हवा से जुड़े हैं। ढाँचे का बदलाव केवल असली ज़रूरत पर, इंजीनियर की सलाह से।

