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पूरा चाँद · शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि · साल में 12 से 13 बार

अगली पूर्णिमा कब है?

अगली पूर्णिमा

आज

सोम, 26 अक्टूबर

आश्विन पूर्णिमा · चंद्रोदय शाम 5:34

अगली पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को है। नई दिल्ली में पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 तक रहेगी।

उसके बाद: मंगल, 24 नवंबर

तिथि: 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 → 26 अक्टूबर, सुबह 9:41

नई दिल्ली

अगली पूर्णिमा · नई दिल्ली

अगली पूर्णिमा: तारीख और तिथि का समय

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

आश्विन पूर्णिमा · आज · चंद्रोदय शाम 5:34

तिथि आरंभ
25 अक्टूबर, सुबह 11:56
तिथि समाप्त
26 अक्टूबर, सुबह 9:41
पक्ष
शुक्ल
हिंदू मास
आश्विन
इस तिथि का पर्व
शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की रात मनाई जाती है। पूर्णिमा 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 तक है, इसलिए पूर्णिमा की रात 25 अक्टूबर की है; 26 अक्टूबर की रात तक वह बीत चुकी होती है। पूर्णिमा का व्रत सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को है, जिस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि है। पूरी जानकारी और समय।

पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि है — पूरा चाँद। दिन वह माना जाता है जिसके सूर्योदय पर यह तिथि चल रही हो; यह अक्सर, पर हमेशा नहीं, वही रात होती है जब चाँद सबसे पूरा दिखता है।

2026 · नई दिल्ली

पूर्णिमा 2026: सभी तारीखें

2026 में नई दिल्ली के लिए 13 पूर्णिमा हैं। यह संख्या हर साल बदलती है: बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में संख्या बढ़ जाती है।

पूर्णिमा 2026: सभी तारीखें
तारीखपक्षमास (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तपर्व
3 जनवरी, शनिवारशुक्लपौष2 जनवरी, शाम 6:543 जनवरी, दोपहर 3:33—
1 फरवरी, रविवारशुक्लमाघ1 फरवरी, सुबह 5:532 फरवरी, रात 3:39माघ पूर्णिमा
3 मार्च, मंगलवारशुक्लफाल्गुन2 मार्च, शाम 5:563 मार्च, शाम 5:08होलिका दहन
2 अप्रैल, गुरुवारशुक्लचैत्र1 अप्रैल, सुबह 7:072 अप्रैल, सुबह 7:42हनुमान जयंती
1 मई, शुक्रवारशुक्लवैशाख30 अप्रैल, रात 9:131 मई, रात 10:53—
31 मई, रविवारशुक्लअधिक ज्येष्ठ30 मई, सुबह 11:5831 मई, दोपहर 2:15—
29 जून, सोमवार · अगले दिन भी मान्यशुक्लज्येष्ठ29 जून, रात 3:0730 जून, सुबह 5:27—
29 जुलाई, बुधवारशुक्लआषाढ़28 जुलाई, शाम 6:1929 जुलाई, रात 8:05गुरु पूर्णिमा
28 अगस्त, शुक्रवारशुक्लश्रावण27 अगस्त, सुबह 9:0928 अगस्त, सुबह 9:48रक्षाबंधन
26 सितंबर, शनिवारशुक्लभाद्रपद25 सितंबर, रात 11:0726 सितंबर, रात 10:19पितृ पक्ष
26 अक्टूबर, सोमवार · शरद पूर्णिमा: 25 अक्टूबर की रातअगलीशुक्लआश्विन25 अक्टूबर, सुबह 11:5626 अक्टूबर, सुबह 9:41शरद पूर्णिमा (25 अक्टूबर)
24 नवंबर, मंगलवारशुक्लकार्तिक23 नवंबर, रात 11:4224 नवंबर, रात 8:23कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली गुरु नानक जयंती
23 दिसंबर, बुधवार · क्षय तिथिशुक्लमार्गशीर्ष23 दिसंबर, सुबह 10:4724 दिसंबर, सुबह 6:58दत्तात्रेय जयंती

समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। क्षय तिथि वाली पंक्ति की तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। अगले दिन भी मान्य वाली पंक्ति में तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

पर्व वाले कॉलम के बारे में: नाम केवल उन पंक्तियों पर है जिन पर हमारी गणना का कोई पर्व — जैसे गुरु पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा — उसी तिथि पर पड़ता है। जहाँ पर्व का दिन इस पंक्ति से अलग है — जैसे प्रदोष में मनाया जाने वाला पर्व — वहाँ उसकी अपनी तारीख कोष्ठक में दी है।

पूर्णिमा 2026 की पूरी सूची

पूर्णिमा 2027 की पूरी सूची

पंचांगों में पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों होती है

तिथि चंद्र मास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है और लगभग कभी सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। यह पेज सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का है। इसके दो परिणाम ऊपर की तालिका में दिखते हैं, और दोनों भूल नहीं हैं।

  1. दो सूर्योदय पर तिथि। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं।
  2. क्षय तिथि। जब तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय है, और व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली।
  3. शहर। सूर्योदय भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा बदलता है, इसलिए एक शहर में जो तिथि सूर्योदय के ठीक बाद ख़त्म होती है, वह दूसरे में ठीक पहले ख़त्म हो सकती है — और दिन बदल जाता है।

आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है। यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना, ताकि आप अपने पंचांग से मिलान कर सकें।

पूर्णिमा से जुड़े सामान्य प्रश्न

अगली पूर्णिमा कब है?

अगली पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को है। नई दिल्ली में पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 तक रहेगी।

2026 में कितनी पूर्णिमा हैं?

नई दिल्ली के लिए 2026 में 13। यह संख्या हर साल बदलती है, क्योंकि बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में एक-दो और जुड़ जाती हैं।

मेरे कैलेंडर में पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि बहुत कम ही सूर्योदय पर शुरू या ख़त्म होती है। जब वह दो दिन सूर्योदय पर चलती है, या किसी दिन नहीं, तब परंपराएँ बँट जाती हैं: कुछ सूर्योदय वाला दिन लेती हैं, कुछ वह दिन जब तिथि शुरू हुई। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना।

2026 में पूर्णिमा पर कौन-से पर्व पड़ते हैं?

माघ पूर्णिमा (1 फरवरी), होलिका दहन (3 मार्च), हनुमान जयंती (2 अप्रैल), गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई), रक्षाबंधन (28 अगस्त), पितृ पक्ष (26 सितंबर), शरद पूर्णिमा (25 अक्टूबर), कार्तिक पूर्णिमा (24 नवंबर), देव दीपावली (24 नवंबर), गुरु नानक जयंती (24 नवंबर), दत्तात्रेय जयंती (23 दिसंबर)। तारीखें नई दिल्ली के लिए हैं; हर पर्व का अपना पेज उसका मुहूर्त और निर्णय का नियम बताता है।