शुभ रंग
गहरा नीला या काला
कुंभ के स्वामी शनि का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।

कुंभ · Aquarius
अक्टूबर 2026: इस महीने कुंभ राशि का औसत गोचर सूचकांक 3.1/10 है — चुनौतीपूर्ण। शुभ दिन: 6, 8, 15, 17 और 21 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर। महीने का बड़ा गोचर: शनिवार, 17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में — आपका नौवाँ भाव, प्रतिकूल।
सूचकांक महीने के हर दिन के गोचर सूचकांकों का औसत है: पारंपरिक गोचर संकेतों पर स्वर्ण सिद्धि की भार-पद्धति; यह किसी घटना की संभावना या परिणाम का अंक नहीं है।
अगला शुभ दिन: सोमवार, 2 नवंबर · 5.9/10
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सूचकांक 4.9/10 · मिश्रित, सावधानी का झुकाव
शुभ दिन: 2, 4, 11, 17 और 29 नवंबर। सावधानी के दिन: 5–6, 15–16, 24–25 नवंबर।
चंद्राष्टम — चंद्रमा कुंभ से आठवीं राशि कन्या में: गुरु 5 नवंबर, सुबह 9:35 – शनि 7 नवंबर, शाम 5:15।
महीने की पहली तारीख़ को भारतीय समय आधी रात से यह पेज उस महीने का हो जाता है।
इस महीने काम धैर्य माँगता है: वरिष्ठों से विवाद न छेड़ें, अपने काम की गुणवत्ता को साख बचाने दें और दबाव में जल्दबाज़ी के क़दम न उठाएँ।
सूर्य कन्या राशि में, आपके आठवें भाव में (17 अक्टूबर तक): आठवें भाव में सूर्य प्रतिकूल है। परंपरा इसे बाधाओं, देरी और अधिकारियों से टकराव से जोड़ती है; बचत बनाए रखें, टकराव से बचें और रोज़ के काम को ही यह समय पार कराने दें।
सूर्य तुला राशि में, आपके नौवें भाव में (17 अक्टूबर से): नौवें भाव — भाग्य, पिता और गुरुजन — में सूर्य प्रतिकूल है। परंपरा देर से साथ देने वाले भाग्य और बड़ों से मतभेद की बात करती है; स्थिर कर्तव्य ही उसकी सलाह है।
किस आधार पर: सूर्य आठवाँ (प्रतिकूल) → नौवाँ (प्रतिकूल); शनि दूसरा (प्रतिकूल); मंगल छठा (अनुकूल); बुध नौवाँ (प्रतिकूल); गुरु छठा (प्रतिकूल) → सातवाँ (अनुकूल)।
इस महीने धन सँभालकर रखें: जल्दबाज़ी में उधार न दें, हस्ताक्षर न करें और बड़ी रकम की प्रतिबद्धता न करें; अचानक खर्च पर नज़र रखें।
बुध तुला राशि में, आपके नौवें भाव में (पूरे महीने): नौवें भाव में बुध प्रतिकूल है। परंपरा काम में बाधाओं और दोबारा कोशिश माँगने वाली योजनाओं की बात करती है।
किस आधार पर: गुरु छठा (प्रतिकूल) → सातवाँ (अनुकूल); बुध नौवाँ (प्रतिकूल); शुक्र नौवाँ (अनुकूल); शनि दूसरा (प्रतिकूल)।
इस महीने बड़े इशारों से ज़्यादा स्थिर ध्यान काम आता है: बोलने से ज़्यादा सुनें और पुराने चुभते मुद्दों से दूर रहें।
शुक्र तुला राशि में, आपके नौवें भाव में (पूरे महीने): नौवाँ भाव शुक्र के लिए अनुकूल है। परंपरा इसे सद्भावना, उदारता और परिवार तथा आस्था में सुख से जोड़ती है।
किस आधार पर: शुक्र नौवाँ (अनुकूल); मंगल छठा (अनुकूल); गुरु छठा (प्रतिकूल) → सातवाँ (अनुकूल); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
इस महीने अपने प्रति नरम रहें: मेहनत कम करें, नींद बचाएँ, सादा खाएँ और थकान के शुरुआती संकेतों को सुनें — और जो भी चिंता दे, उसके लिए डॉक्टर से मिलें।
मंगल कर्क राशि में, आपके छठे भाव में (पूरे महीने): छठा भाव मंगल के अनुकूल भावों में से एक है। परंपरा इसे बल, सेहत में सुधार और प्रतिस्पर्धियों तथा लंबित विवादों पर बढ़त से जोड़ती है।
किस आधार पर: सूर्य आठवाँ (प्रतिकूल) → नौवाँ (प्रतिकूल); मंगल छठा (अनुकूल); शनि दूसरा (प्रतिकूल); राहु पहला (प्रतिकूल); केतु सातवाँ (प्रतिकूल); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
शुभ दिन: 6, 8, 15, 17 और 21 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर।
| चंद्रमा की राशि | आरंभ | समाप्ति | भाव | पारंपरिक गोचर फल |
|---|---|---|---|---|
| वृषभ | बुध 30 सितंबर, दोपहर 1:14 | शुक्र 2 अक्टूबर, दोपहर 3:41 | चौथा | प्रतिकूल |
| मिथुन | शुक्र 2 अक्टूबर, दोपहर 3:41 | रवि 4 अक्टूबर, शाम 6:32 | पाँचवाँ | सामान्य |
| कर्क | रवि 4 अक्टूबर, शाम 6:32 | मंगल 6 अक्टूबर, रात 10:18 | छठा | अनुकूल |
| सिंह | मंगल 6 अक्टूबर, रात 10:18 | शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 | सातवाँ | अनुकूल |
| कन्या | शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 | रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04 | आठवाँ | प्रतिकूल · चंद्राष्टम |
| तुला | रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04 | मंगल 13 अक्टूबर, रात 7:13 | नौवाँ | सामान्य |
| वृश्चिक | मंगल 13 अक्टूबर, रात 7:13 | शुक्र 16 अक्टूबर, सुबह 6:48 | दसवाँ | अनुकूल |
| धनु | शुक्र 16 अक्टूबर, सुबह 6:48 | रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 | ग्यारहवाँ | अनुकूल |
| मकर | रवि 18 अक्टूबर, रात 7:33 | बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 | बारहवाँ | प्रतिकूल |
| कुंभ | बुध 21 अक्टूबर, सुबह 7:01 | शुक्र 23 अक्टूबर, दोपहर 3:04 | पहला | अनुकूल |
| मीन | शुक्र 23 अक्टूबर, दोपहर 3:04 | रवि 25 अक्टूबर, रात 7:22 | दूसरा | सामान्य |
| मेष | रवि 25 अक्टूबर, रात 7:22 | मंगल 27 अक्टूबर, रात 9:07 | तीसरा | अनुकूल |
| वृषभ | मंगल 27 अक्टूबर, रात 9:07 | गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 | चौथा | प्रतिकूल |
| मिथुन | गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 | रवि 1 नवंबर, रात 12:01 | पाँचवाँ | सामान्य |
चंद्राष्टम — चंद्रमा कुंभ से आठवीं राशि कन्या में: शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 – रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04।
इस अवधि का हर राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना, ग्रहण और त्योहार, भारतीय समय की तारीख़ के साथ — और आपकी चंद्र राशि से वह किस भाव में पड़ता है।
हिंदू महीना (पूर्णिमांत, उत्तर भारत के पंचांग की तरह, नई दिल्ली के सूर्योदय पर): आश्विन (1 अक्टूबर–26 अक्टूबर); कार्तिक (27 अक्टूबर–31 अक्टूबर)।
गुरु, शनि, राहु और केतु इतने धीमे चलते हैं कि एक महीने में कम ही बदलते हैं; ऊपर का हर दिन इन्हीं की पृष्ठभूमि पर पढ़ा जाता है। कुंभ से इनका भाव और गोचर फल:
धीमे ग्रहों का पूरा फल: कुंभ राशिफल 2027 · किस राशि पर साढ़ेसाती है
इस महीने कुंभ पर सबसे भारी शनि है: दिनों में उसका गोचर योगदान औसतन -1.05 है (भाव दूसरा)। शनि का पारंपरिक मुफ़्त उपाय:
ये मन को स्थिर रखने के पारंपरिक अभ्यास हैं, चिंतन के लिए; ये चिकित्सीय, क़ानूनी या आर्थिक सहायता की जगह नहीं लेते।
गहरा नीला या काला
कुंभ के स्वामी शनि का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।
शनिवार: 3, 10, 17, 24 और 31 अक्टूबर
शनि का दिन; यह भी राशि-स्वामी से तय है और हर सप्ताह वही रहता है।
शुभ अंक तारीख़ के अंकों का योग है और रोज़ बदलता है, इसलिए वह दैनिक राशिफल पर है: आज का कुंभ राशिफल.
शुभ दिन: 6, 8, 15, 17 और 21 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 1, 9–10, 19–20, 28–29 अक्टूबर। शुभ दिन वह है जब चंद्रमा कुंभ से उस भाव में हो जिसे गोचर-तालिका अनुकूल गिनती है (पहला, तीसरा, छठा, सातवाँ, दसवाँ या ग्यारहवाँ) और तारा भी अनुकूल हो; अधिक से अधिक 5 दिन, ऊँचे सूचकांक से। सावधानी का दिन वह है जब चंद्रमा चौथे, आठवें या बारहवें भाव में हो — आठवाँ चंद्राष्टम है। हर दिन भारतीय समय शाम 5:30 की स्थिति से पढ़ा जाता है, वही क्षण जो दैनिक राशिफल लेता है।
चंद्राष्टम — चंद्रमा कुंभ से आठवीं राशि कन्या में: शुक्र 9 अक्टूबर, रात 3:18 – रवि 11 अक्टूबर, सुबह 10:04।
शनिवार, 17 अक्टूबर को सूर्य तुला में; शनिवार, 31 अक्टूबर को गुरु सिंह में; शनिवार, 3 अक्टूबर को शुक्र वक्री; शनिवार, 24 अक्टूबर को बुध वक्री।
चंद्र राशि से। कुंभ राशि का अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा निरयन राशि चक्र में कुंभ में था। यह अक्सर अंग्रेज़ी अख़बारों वाली सूर्य राशि से अलग होती है; निःशुल्क कुंडली एक मिनट में बता देती है।
हर महीने की पहली तारीख़ को भारतीय समय आधी रात को; महीने के आख़िरी सात दिनों में इसमें अगले महीने का फल भी रहता है।