महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर सितंबर 2027: त्योहार, व्रत और तिथि
बुध, 14 जुलाई
6 त्योहार · 7 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में सितंबर 2027 भाद्रपद शुक्ल प्रतिपदा से आश्विन अमावस्या तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2084 रौद्र)। इस महीने 6 त्योहार और 7 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
उसके बाद: हरतालिका तीज — शुक्र, 3 सितंबर
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 14 जुलाई 2027, बुधवार से 10 नवंबर 2027, बुधवार तक | बुधवार | चातुर्मास |
| 3 सितंबर 2027 | शुक्रवार | हरतालिका तीज |
| 4 सितंबर 2027 | शनिवार | गणेश चतुर्थी |
| 14 सितंबर 2027 | मंगलवार | अनंत चतुर्दशी |
| 15 सितंबर 2027, बुधवार से 30 सितंबर 2027, गुरुवार तक | बुधवार | पितृ पक्ष |
| 30 सितंबर 2027, गुरुवार से 8 अक्टूबर 2027, शुक्रवार तक | गुरुवार | शारदीय नवरात्रि |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार | शुक्ल प्रतिपदा — 19:50 तक | पूर्वा फाल्गुनी | भाद्रपद | — | |
| गुरुवार | शुक्ल द्वितीया — 16:50 तक | उत्तरा फाल्गुनी | भाद्रपद | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल तृतीया — 14:19 तक | हस्त | भाद्रपद | हरतालिका तीज | |
| शनिवार | शुक्ल चतुर्थी — 12:26 तक | चित्रा | भाद्रपद | गणेश चतुर्थी | |
| रविवार | शुक्ल पंचमी — 11:17 तक | स्वाति | भाद्रपद | — | |
| सोमवार | शुक्ल षष्ठी — 10:58 तक | विशाखा | भाद्रपद | — | |
| मंगलवार | शुक्ल सप्तमी — 11:28 तक | अनुराधा | भाद्रपद | — | |
| बुधवार | शुक्ल अष्टमी — 12:44 तक | ज्येष्ठा | भाद्रपद | — | |
| गुरुवार | शुक्ल नवमी — 14:39 तक | मूल | भाद्रपद | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल दशमी — 17:00 तक | पूर्वाषाढ़ा | भाद्रपद | — | |
| शनिवार | शुक्ल एकादशी — 19:36 तक | उत्तराषाढ़ा | भाद्रपद | परिवर्तिनी एकादशी | |
| रविवार | शुक्ल द्वादशी — 22:13 तक | श्रवण | भाद्रपद | — | |
| सोमवार | शुक्ल त्रयोदशी — 14 सितंबर, 00:40 तक | श्रवण | भाद्रपद | सोम प्रदोष | |
| मंगलवार | शुक्ल चतुर्दशी — 15 सितंबर, 02:48 तक | धनिष्ठा | भाद्रपद | अनंत चतुर्दशी | |
| बुधवार | पूर्णिमा — 16 सितंबर, 04:33 तक | शतभिषा | भाद्रपद | पितृ पक्ष, भाद्रपद पूर्णिमा (पूर्णिमा श्राद्ध) | |
| गुरुवार | कृष्ण प्रतिपदा — 17 सितंबर, 05:52 तक | पूर्व भाद्रपदा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण द्वितीया — 18 सितंबर, 06:44 तक (वृद्धि) | उत्तर भाद्रपदा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| शनिवार | कृष्ण द्वितीया — 06:44 तक | रेवती | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| रविवार | कृष्ण तृतीया — 07:09 तक | अश्विनी | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | संकष्टी चतुर्थी | |
| सोमवार | कृष्ण चतुर्थी — 07:09 तक | भरणी | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण पंचमी — 06:43 तक; फिर षष्ठी (क्षय) | कृत्तिका | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| बुधवार | कृष्ण सप्तमी — 23 सितंबर, 04:37 तक | रोहिणी | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण अष्टमी — 24 सितंबर, 02:57 तक | मृगशिरा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण नवमी — 25 सितंबर, 00:55 तक | आर्द्रा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| शनिवार | कृष्ण दशमी — 22:31 तक | पुनर्वसु | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| रविवार | कृष्ण एकादशी — 19:49 तक | पुष्य | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | इंदिरा एकादशी | |
| सोमवार | कृष्ण द्वादशी — 16:55 तक | आश्लेषा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | सोम प्रदोष | |
| मंगलवार | कृष्ण त्रयोदशी — 13:55 तक | मघा | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| बुधवार | कृष्ण चतुर्दशी — 10:55 तक | उत्तरा फाल्गुनी | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | — | |
| गुरुवार | अमावस्या — 08:06 तक; फिर प्रतिपदा (क्षय) | हस्त | आश्विन (अमांत: भाद्रपद) | शारदीय नवरात्रि (9 में से 1वाँ दिन), आश्विन अमावस्या (महालया अमावस्या) |
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | भाद्रपद | 1 सितंबर 2027 | 15 सितंबर 2027 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | आश्विन | 16 सितंबर 2027 | 30 सितंबर 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | भाद्रपद | 1 सितंबर 2027 | 30 सितंबर 2027 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 11 सितंबर 2027 | शनिवार | परिवर्तिनी एकादशी |
| 13 सितंबर 2027 | सोमवार | सोम प्रदोष |
| 15 सितंबर 2027 | बुधवार | भाद्रपद पूर्णिमा (पूर्णिमा श्राद्ध) |
| 19 सितंबर 2027 | रविवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 26 सितंबर 2027 | रविवार | इंदिरा एकादशी |
| 27 सितंबर 2027 | सोमवार | सोम प्रदोष |
| 30 सितंबर 2027 | गुरुवार | आश्विन अमावस्या (महालया अमावस्या) |
सितंबर 2027 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
सितंबर 2027 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: भाद्रपद 1 सितंबर से 15 सितंबर; आश्विन 16 सितंबर से 30 सितंबर तक। अमांत गणना में: भाद्रपद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक।
सितंबर 2027 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
सितंबर 2027 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
चातुर्मास (14), हरतालिका तीज (3), गणेश चतुर्थी (4), अनंत चतुर्दशी (14), पितृ पक्ष (15), शारदीय नवरात्रि (30)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
सितंबर 2027 में एकादशी कब है?
11 सितंबर 2027, 26 सितंबर 2027।
सितंबर 2027 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 15 सितंबर 2027। अमावस्या: 30 सितंबर 2027।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।