व्रत कैलेंडर · नई दिल्ली
अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्र, 6 नवंबर
प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक
अगला प्रदोष व्रत — शुक्र प्रदोष — शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है; प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक।
उसके बाद: रवि प्रदोष — रवि, 22 नवंबर
- सोम प्रदोष सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 3 मई 2027; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027
- भौम प्रदोष मंगलवार, 5 जनवरी 2027; मंगलवार, 12 अक्टूबर 2027
- शनि प्रदोष शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027
| तारीख | नाम | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | प्रदोष पूजा का समय | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 6 नवंबर 2026अगली | शुक्र प्रदोष | कृष्ण | कार्तिक · अमांत आश्विन | 6 नव, सुबह 10:31 | 7 नव, सुबह 10:48 | 6 नव, शाम 5:32 → शाम 7:56 | — |
| रविवार, 22 नवंबर 2026 | रवि प्रदोष | शुक्ल | कार्तिक | 22 नव, सुबह 4:57 | 23 नव, रात 2:37 | 22 नव, शाम 5:25 → शाम 7:49 | — |
| रविवार, 6 दिसंबर 2026 | रवि प्रदोष | कृष्ण | मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक | 6 दिस, रात 12:52 | 7 दिस, रात 2:22 | 6 दिस, शाम 5:24 → शाम 7:48 | — |
| सोमवार, 21 दिसंबर 2026 | सोम प्रदोष | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 21 दिस, शाम 5:37 | 22 दिस, दोपहर 2:24 | 21 दिस, शाम 5:37 → शाम 7:53 | — |
| मंगलवार, 5 जनवरी 2027 | भौम प्रदोष | कृष्ण | पौष · अमांत मार्गशीर्ष | 4 जन, शाम 6:16 | 5 जन, रात 8:40 | 5 जन, शाम 5:38 → रात 8:02 | त्रयोदशी सोमवार, 4 जनवरी 2027 के प्रदोष में भी है; व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो |
| बुधवार, 20 जनवरी 2027 | बुध प्रदोष | शुक्ल | पौष | 20 जन, सुबह 4:42 | 21 जन, रात 1:12 | 20 जन, शाम 5:50 → रात 8:14 | — |
| बुधवार, 3 फरवरी 2027 | बुध प्रदोष | कृष्ण | माघ · अमांत पौष | 3 फ़र, दोपहर 1:50 | 4 फ़र, शाम 4:32 | 3 फ़र, शाम 6:01 → रात 8:25 | — |
| गुरुवार, 18 फरवरी 2027 | गुरु प्रदोष | शुक्ल | माघ | 18 फ़र, दोपहर 2:28 | 19 फ़र, सुबह 11:14 | 18 फ़र, शाम 6:13 → रात 8:37 | — |
| शुक्रवार, 5 मार्च 2027 | शुक्र प्रदोष | कृष्ण | फाल्गुन · अमांत माघ | 5 मार्च, सुबह 9:54 | 6 मार्च, दोपहर 12:04 | 5 मार्च, शाम 6:23 → रात 8:47 | — |
| शनिवार, 20 मार्च 2027 | शनि प्रदोष | शुक्ल | फाल्गुन | 19 मार्च, रात 11:18 | 20 मार्च, रात 8:46 | 20 मार्च, शाम 6:32 → रात 8:46 | — |
| रविवार, 4 अप्रैल 2027 | रवि प्रदोष | कृष्ण | चैत्र · अमांत फाल्गुन | 4 अप्रै, सुबह 4:27 | 5 अप्रै, सुबह 5:23 | 4 अप्रै, शाम 6:40 → रात 9:04 | — |
| रविवार, 18 अप्रैल 2027 | रवि प्रदोष | शुक्ल | चैत्र | 18 अप्रै, सुबह 7:43 | 19 अप्रै, सुबह 6:09 | 18 अप्रै, शाम 6:48 → रात 9:12 | — |
| सोमवार, 3 मई 2027 | सोम प्रदोष | कृष्ण | वैशाख · अमांत चैत्र | 3 मई, रात 8:05 | 4 मई, शाम 7:31 | 3 मई, रात 8:05 → रात 9:21 | — |
| सोमवार, 17 मई 2027 | सोम प्रदोष | शुक्ल | वैशाख | 17 मई, शाम 4:28 | 18 मई, शाम 4:04 | 17 मई, शाम 7:06 → रात 9:30 | — |
| बुधवार, 2 जून 2027 | बुध प्रदोष | कृष्ण | ज्येष्ठ · अमांत वैशाख | 2 जून, सुबह 8:29 | 3 जून, सुबह 6:35 | 2 जून, शाम 7:15 → रात 9:39 | — |
| बुधवार, 16 जून 2027 | बुध प्रदोष | शुक्ल | ज्येष्ठ | 16 जून, रात 2:31 | 17 जून, रात 3:21 | 16 जून, शाम 7:20 → रात 9:44 | — |
| गुरुवार, 1 जुलाई 2027 | गुरु प्रदोष | कृष्ण | आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ | 1 जुला, शाम 6:15 | 2 जुला, दोपहर 3:23 | 1 जुला, शाम 7:23 → रात 9:47 | — |
| गुरुवार, 15 जुलाई 2027 | गुरु प्रदोष | शुक्ल | आषाढ़ | 15 जुला, दोपहर 2:41 | 16 जुला, शाम 4:35 | 15 जुला, शाम 7:21 → रात 9:45 | — |
| शनिवार, 31 जुलाई 2027 | शनि प्रदोष | कृष्ण | श्रावण · अमांत आषाढ़ | 31 जुला, रात 2:19 | 31 जुला, रात 10:58 | 31 जुला, शाम 7:13 → रात 9:37 | — |
| शनिवार, 14 अगस्त 2027 | शनि प्रदोष | शुक्ल | श्रावण | 14 अग, सुबह 5:22 | 15 अग, सुबह 7:54 | 14 अग, शाम 7:02 → रात 9:26 | — |
| रविवार, 29 अगस्त 2027 | रवि प्रदोष | कृष्ण | भाद्रपद · अमांत श्रावण | 29 अग, सुबह 9:36 | 30 अग, सुबह 6:13 | 29 अग, शाम 6:46 → रात 9:10 | — |
| सोमवार, 13 सितंबर 2027 | सोम प्रदोष | शुक्ल | भाद्रपद | 12 सित, रात 10:13 | 14 सित, रात 12:40 | 13 सित, शाम 6:29 → रात 8:53 | — |
| सोमवार, 27 सितंबर 2027 | सोम प्रदोष | कृष्ण | आश्विन · अमांत भाद्रपद | 27 सित, शाम 4:55 | 28 सित, दोपहर 1:55 | 27 सित, शाम 6:12 → रात 8:36 | — |
| मंगलवार, 12 अक्टूबर 2027 | भौम प्रदोष | शुक्ल | आश्विन | 12 अक्टू, शाम 4:14 | 13 अक्टू, शाम 5:49 | 12 अक्टू, शाम 5:55 → रात 8:19 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।
प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाता है — पर उसका दिन सूर्योदय से नहीं, शाम से तय होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का संध्या समय है; यह पृष्ठ उसे सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) मानता है और देखता है कि उसके मध्य में त्रयोदशी चल रही है या नहीं। इसीलिए प्रदोष अक्सर उस दिन से एक दिन पहले पड़ता है जिस दिन त्रयोदशी सूर्योदय पर होती है। जब त्रयोदशी दो शाम प्रदोष काल में हो, तो व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो; जब वह दोनों शाम मध्य बिंदु पर न हो, तो व्रत उस शाम रखा जाता है जिस शाम वह आरंभ होती है। हर प्रदोष का नाम उसके वार से है; सोम, भौम (मंगल) और शनि प्रदोष का विशेष महत्व माना जाता है। दिया गया पूजा समय प्रदोष काल का वही भाग है जिसमें त्रयोदशी सचमुच चल रही हो, इसलिए वह 2 घंटे 24 मिनट से छोटा भी हो सकता है।
प्रदोष व्रत: सामान्य प्रश्न
अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 — शुक्र प्रदोष; प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक।
सोम प्रदोष कब है?
सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 3 मई 2027; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027।
शनि प्रदोष कब है?
शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027।
प्रदोष काल क्या है?
सूर्यास्त के बाद का संध्या समय, जिसे यहाँ सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) माना गया है। व्रत उस दिन होता है जिस दिन इसके मध्य में त्रयोदशी चल रही हो, और पूजा का समय इसी काल का वह भाग है जिसमें त्रयोदशी हो।
प्रदोष त्रयोदशी से एक दिन पहले क्यों पड़ता है?
क्योंकि प्रदोष शाम से तय होता है, सूर्योदय से नहीं। त्रयोदशी अक्सर दोपहर या शाम को आरंभ होती है, इसलिए उस शाम प्रदोष में वही चल रही होती है, जबकि सूर्योदय वाला पंचांग अगले दिन को त्रयोदशी कहता है।
क्या प्रदोष व्रत पूरे भारत में एक ही दिन होता है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए नई दिल्ली और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।