महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर दिसंबर 2026: त्योहार, व्रत और तिथि
मंगल, 1 दिसंबर
4 त्योहार · 7 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में दिसंबर 2026 मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी से पौष कृष्ण अष्टमी तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी)। इस महीने 4 त्योहार और 7 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
उसके बाद: मार्गशीर्ष गुरुवार — बुध, 9 दिसंबर
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 1 दिसंबर 2026 | मंगलवार | काल भैरव जयंती |
| 9 दिसंबर 2026, बुधवार से 7 जनवरी 2027, गुरुवार तक | बुधवार | मार्गशीर्ष गुरुवार |
| 14 दिसंबर 2026 | सोमवार | विवाह पंचमी |
| 23 दिसंबर 2026 | बुधवार | दत्तात्रेय जयंती |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| मंगलवार | कृष्ण अष्टमी — 23:14 तक | मघा | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | काल भैरव जयंती | |
| बुधवार | कृष्ण नवमी — 22:52 तक | पूर्वा फाल्गुनी | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण दशमी — 23:04 तक | उत्तरा फाल्गुनी | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण एकादशी — 23:45 तक | हस्त | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | उत्पन्ना एकादशी | |
| शनिवार | कृष्ण द्वादशी — 6 दिसंबर, 00:52 तक | चित्रा | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | — | |
| रविवार | कृष्ण त्रयोदशी — 7 दिसंबर, 02:22 तक | स्वाति | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | रवि प्रदोष | |
| सोमवार | कृष्ण चतुर्दशी — 8 दिसंबर, 04:13 तक | विशाखा | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | — | |
| मंगलवार | अमावस्या — 9 दिसंबर, 06:21 तक | अनुराधा | मार्गशीर्ष (अमांत: कार्तिक) | मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती अमावस्या) | |
| बुधवार | शुक्ल प्रतिपदा — 10 दिसंबर, 08:46 तक (वृद्धि) | ज्येष्ठा | मार्गशीर्ष | मार्गशीर्ष गुरुवार | |
| गुरुवार | शुक्ल प्रतिपदा — 08:46 तक | मूल | मार्गशीर्ष | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल द्वितीया — 11:23 तक | पूर्वाषाढ़ा | मार्गशीर्ष | — | |
| शनिवार | शुक्ल तृतीया — 14:06 तक | उत्तराषाढ़ा | मार्गशीर्ष | — | |
| रविवार | शुक्ल चतुर्थी — 16:48 तक | श्रवण | मार्गशीर्ष | — | |
| सोमवार | शुक्ल पंचमी — 19:16 तक | श्रवण | मार्गशीर्ष | विवाह पंचमी | |
| मंगलवार | शुक्ल षष्ठी — 21:19 तक | धनिष्ठा | मार्गशीर्ष | — | |
| बुधवार | शुक्ल सप्तमी — 22:46 तक | शतभिषा | मार्गशीर्ष | — | |
| गुरुवार | शुक्ल अष्टमी — 23:26 तक | पूर्व भाद्रपदा | मार्गशीर्ष | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल नवमी — 23:14 तक | उत्तर भाद्रपदा | मार्गशीर्ष | — | |
| शनिवार | शुक्ल दशमी — 22:09 तक | रेवती | मार्गशीर्ष | — | |
| रविवार | शुक्ल एकादशी — 20:15 तक | अश्विनी | मार्गशीर्ष | मोक्षदा एकादशी | |
| सोमवार | शुक्ल द्वादशी — 17:36 तक | भरणी | मार्गशीर्ष | सोम प्रदोष | |
| मंगलवार | शुक्ल त्रयोदशी — 14:24 तक | कृत्तिका | मार्गशीर्ष | — | |
| बुधवार | शुक्ल चतुर्दशी — 10:47 तक; फिर पूर्णिमा (क्षय) | रोहिणी | मार्गशीर्ष | दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा | |
| गुरुवार | कृष्ण प्रतिपदा — 25 दिसंबर, 03:07 तक | आर्द्रा | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण द्वितीया — 23:26 तक | पुनर्वसु | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| शनिवार | कृष्ण तृतीया — 20:05 तक | पुष्य | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | संकष्टी चतुर्थी | |
| रविवार | कृष्ण चतुर्थी — 17:13 तक | आश्लेषा | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| सोमवार | कृष्ण पंचमी — 14:58 तक | मघा | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण षष्ठी — 13:25 तक | पूर्वा फाल्गुनी | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| बुधवार | कृष्ण सप्तमी — 12:36 तक | उत्तरा फाल्गुनी | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण अष्टमी — 12:32 तक | हस्त | पौष (अमांत: मार्गशीर्ष) | — |
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | मार्गशीर्ष | 1 दिसंबर 2026 | 23 दिसंबर 2026 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | पौष | 24 दिसंबर 2026 | 31 दिसंबर 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | कार्तिक | 1 दिसंबर 2026 | 8 दिसंबर 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | मार्गशीर्ष | 9 दिसंबर 2026 | 31 दिसंबर 2026 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 4 दिसंबर 2026 | शुक्रवार | उत्पन्ना एकादशी |
| 6 दिसंबर 2026 | रविवार | रवि प्रदोष |
| 8 दिसंबर 2026 | मंगलवार | मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती अमावस्या) |
| 20 दिसंबर 2026 | रविवार | मोक्षदा एकादशी |
| 21 दिसंबर 2026 | सोमवार | सोम प्रदोष |
| 23 दिसंबर 2026 | बुधवार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा |
| 26 दिसंबर 2026 | शनिवार | संकष्टी चतुर्थी |
दिसंबर 2026 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
दिसंबर 2026 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: मार्गशीर्ष 1 दिसंबर से 23 दिसंबर; पौष 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक। अमांत गणना में: कार्तिक 1 दिसंबर से 8 दिसंबर; मार्गशीर्ष 9 दिसंबर से 31 दिसंबर तक।
दिसंबर 2026 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
दिसंबर 2026 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
काल भैरव जयंती (1), मार्गशीर्ष गुरुवार (9), विवाह पंचमी (14), दत्तात्रेय जयंती (23)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
दिसंबर 2026 में एकादशी कब है?
4 दिसंबर 2026, 20 दिसंबर 2026।
दिसंबर 2026 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 23 दिसंबर 2026। अमावस्या: 8 दिसंबर 2026।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।