महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर अगस्त 2027: त्योहार, व्रत और तिथि
बुध, 14 जुलाई
4 त्योहार · 8 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में अगस्त 2027 श्रावण कृष्ण चतुर्दशी से भाद्रपद अमावस्या तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2084 रौद्र)। इस महीने 4 त्योहार और 8 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
उसके बाद: नाग पंचमी — शुक्र, 6 अगस्त
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 14 जुलाई 2027, बुधवार से 10 नवंबर 2027, बुधवार तक | बुधवार | चातुर्मास |
| 6 अगस्त 2027 | शुक्रवार | नाग पंचमी |
| 17 अगस्त 2027 | मंगलवार | रक्षाबंधन |
| 25 अगस्त 2027 | बुधवार | कृष्ण जन्माष्टमी |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| रविवार | कृष्ण चतुर्दशी — 19:20 तक | पुनर्वसु | श्रावण (अमांत: आषाढ़) | — | |
| सोमवार | अमावस्या — 15:35 तक | पुष्य | श्रावण (अमांत: आषाढ़) | श्रावण अमावस्या (सोमवती अमावस्या, हरियाली अमावस्या) | |
| मंगलवार | शुक्ल प्रतिपदा — 11:51 तक | आश्लेषा | श्रावण | — | |
| बुधवार | शुक्ल द्वितीया — 08:20 तक; फिर तृतीया (क्षय) | मघा | श्रावण | — | |
| गुरुवार | शुक्ल चतुर्थी — 6 अगस्त, 02:27 तक | पूर्वा फाल्गुनी | श्रावण | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल पंचमी — 7 अगस्त, 00:23 तक | उत्तरा फाल्गुनी | श्रावण | नाग पंचमी | |
| शनिवार | शुक्ल षष्ठी — 23:01 तक | हस्त | श्रावण | — | |
| रविवार | शुक्ल सप्तमी — 22:24 तक | चित्रा | श्रावण | — | |
| सोमवार | शुक्ल अष्टमी — 22:34 तक | स्वाति | श्रावण | — | |
| मंगलवार | शुक्ल नवमी — 23:28 तक | विशाखा | श्रावण | — | |
| बुधवार | शुक्ल दशमी — 12 अगस्त, 00:59 तक | अनुराधा | श्रावण | — | |
| गुरुवार | शुक्ल एकादशी — 13 अगस्त, 03:00 तक | ज्येष्ठा | श्रावण | श्रावण पुत्रदा एकादशी | |
| शुक्रवार | शुक्ल द्वादशी — 14 अगस्त, 05:21 तक | मूल | श्रावण | — | |
| शनिवार | शुक्ल त्रयोदशी — 15 अगस्त, 07:54 तक (वृद्धि) | पूर्वाषाढ़ा | श्रावण | शनि प्रदोष | |
| रविवार | शुक्ल त्रयोदशी — 07:54 तक | उत्तराषाढ़ा | श्रावण | — | |
| सोमवार | शुक्ल चतुर्दशी — 10:29 तक | श्रवण | श्रावण | — | |
| मंगलवार | पूर्णिमा — 12:58 तक | धनिष्ठा | श्रावण | रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) | |
| बुधवार | कृष्ण प्रतिपदा — 15:16 तक | शतभिषा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण द्वितीया — 17:16 तक | पूर्व भाद्रपदा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण तृतीया — 18:53 तक | पूर्व भाद्रपदा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | संकष्टी चतुर्थी | |
| शनिवार | कृष्ण चतुर्थी — 20:05 तक | उत्तर भाद्रपदा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| रविवार | कृष्ण पंचमी — 20:46 तक | रेवती | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| सोमवार | कृष्ण षष्ठी — 20:53 तक | अश्विनी | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण सप्तमी — 20:25 तक | भरणी | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| बुधवार | कृष्ण अष्टमी — 19:20 तक | कृत्तिका | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | कृष्ण जन्माष्टमी | |
| गुरुवार | कृष्ण नवमी — 17:39 तक | रोहिणी | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण दशमी — 15:25 तक | मृगशिरा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| शनिवार | कृष्ण एकादशी — 12:42 तक | आर्द्रा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | अजा एकादशी | |
| रविवार | कृष्ण द्वादशी — 09:36 तक | पुनर्वसु | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | रवि प्रदोष | |
| सोमवार | कृष्ण त्रयोदशी — 06:13 तक; फिर चतुर्दशी (क्षय) | आश्लेषा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | — | |
| मंगलवार | अमावस्या — 23:11 तक | मघा | भाद्रपद (अमांत: श्रावण) | भाद्रपद अमावस्या (भौमवती अमावस्या, पिठोरी अमावस्या) |
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | श्रावण | 1 अगस्त 2027 | 17 अगस्त 2027 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | भाद्रपद | 18 अगस्त 2027 | 31 अगस्त 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | आषाढ़ | 1 अगस्त 2027 | 2 अगस्त 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | श्रावण | 3 अगस्त 2027 | 31 अगस्त 2027 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 2 अगस्त 2027 | सोमवार | श्रावण अमावस्या (सोमवती अमावस्या, हरियाली अमावस्या) |
| 12 अगस्त 2027 | गुरुवार | श्रावण पुत्रदा एकादशी |
| 14 अगस्त 2027 | शनिवार | शनि प्रदोष |
| 17 अगस्त 2027 | मंगलवार | श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) |
| 20 अगस्त 2027 | शुक्रवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 28 अगस्त 2027 | शनिवार | अजा एकादशी |
| 29 अगस्त 2027 | रविवार | रवि प्रदोष |
| 31 अगस्त 2027 | मंगलवार | भाद्रपद अमावस्या (भौमवती अमावस्या, पिठोरी अमावस्या) |
अगस्त 2027 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
अगस्त 2027 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: श्रावण 1 अगस्त से 17 अगस्त; भाद्रपद 18 अगस्त से 31 अगस्त तक। अमांत गणना में: आषाढ़ 1 अगस्त से 2 अगस्त; श्रावण 3 अगस्त से 31 अगस्त तक।
अगस्त 2027 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
अगस्त 2027 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
चातुर्मास (14), नाग पंचमी (6), रक्षाबंधन (17), कृष्ण जन्माष्टमी (25)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
अगस्त 2027 में एकादशी कब है?
12 अगस्त 2027, 28 अगस्त 2027।
अगस्त 2027 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 17 अगस्त 2027। अमावस्या: 2 अगस्त 2027, 31 अगस्त 2027।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।