महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर फरवरी 2026: त्योहार, व्रत और तिथि
2 त्योहार
2 त्योहार · 6 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में फरवरी 2026 माघ पूर्णिमा से फाल्गुन शुक्ल द्वादशी तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2082 कालयुक्त)। इस महीने 2 त्योहार और 6 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 1 फरवरी 2026 | रविवार | माघ पूर्णिमा |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | महाशिवरात्रि |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| रविवार | पूर्णिमा — 2 फरवरी, 03:39 तक | पुष्य | माघ | माघ पूर्णिमा | |
| सोमवार | कृष्ण प्रतिपदा — 3 फरवरी, 01:52 तक | आश्लेषा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण द्वितीया — 4 फरवरी, 00:41 तक | मघा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| बुधवार | कृष्ण तृतीया — 5 फरवरी, 00:10 तक | पूर्वा फाल्गुनी | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण चतुर्थी — 6 फरवरी, 00:22 तक | उत्तरा फाल्गुनी | फाल्गुन (अमांत: माघ) | संकष्टी चतुर्थी | |
| शुक्रवार | कृष्ण पंचमी — 7 फरवरी, 01:19 तक | हस्त | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| शनिवार | कृष्ण षष्ठी — 8 फरवरी, 02:54 तक | चित्रा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| रविवार | कृष्ण सप्तमी — 9 फरवरी, 05:01 तक | स्वाति | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| सोमवार | कृष्ण अष्टमी — 10 फरवरी, 07:27 तक (वृद्धि) | विशाखा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण अष्टमी — 07:27 तक | विशाखा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| बुधवार | कृष्ण नवमी — 09:59 तक | अनुराधा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण दशमी — 12:22 तक | ज्येष्ठा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण एकादशी — 14:26 तक | मूल | फाल्गुन (अमांत: माघ) | विजया एकादशी | |
| शनिवार | कृष्ण द्वादशी — 16:02 तक | पूर्वाषाढ़ा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | शनि प्रदोष | |
| रविवार | कृष्ण त्रयोदशी — 17:05 तक | उत्तराषाढ़ा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | महाशिवरात्रि | |
| सोमवार | कृष्ण चतुर्दशी — 17:34 तक | श्रवण | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| मंगलवार | अमावस्या — 17:31 तक | धनिष्ठा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | फाल्गुन अमावस्या (भौमवती अमावस्या) | |
| बुधवार | शुक्ल प्रतिपदा — 16:58 तक | शतभिषा | फाल्गुन | — | |
| गुरुवार | शुक्ल द्वितीया — 15:59 तक | पूर्व भाद्रपदा | फाल्गुन | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल तृतीया — 14:38 तक | उत्तर भाद्रपदा | फाल्गुन | — | |
| शनिवार | शुक्ल चतुर्थी — 13:01 तक | रेवती | फाल्गुन | — | |
| रविवार | शुक्ल पंचमी — 11:10 तक | अश्विनी | फाल्गुन | — | |
| सोमवार | शुक्ल षष्ठी — 09:09 तक | भरणी | फाल्गुन | — | |
| मंगलवार | शुक्ल सप्तमी — 07:02 तक; फिर अष्टमी (क्षय) | कृत्तिका | फाल्गुन | — | |
| बुधवार | शुक्ल नवमी — 26 फरवरी, 02:41 तक | रोहिणी | फाल्गुन | — | |
| गुरुवार | शुक्ल दशमी — 27 फरवरी, 00:33 तक | मृगशिरा | फाल्गुन | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल एकादशी — 22:33 तक | आर्द्रा | फाल्गुन | आमलकी एकादशी | |
| शनिवार | शुक्ल द्वादशी — 20:43 तक | पुनर्वसु | फाल्गुन | शनि प्रदोष |
विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | माघ | 1 फरवरी 2026 | 1 फरवरी 2026 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | फाल्गुन | 2 फरवरी 2026 | 28 फरवरी 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | माघ | 1 फरवरी 2026 | 17 फरवरी 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | फाल्गुन | 18 फरवरी 2026 | 28 फरवरी 2026 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 5 फरवरी 2026 | गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | विजया एकादशी |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | शनि प्रदोष |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या (भौमवती अमावस्या) |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | आमलकी एकादशी |
| 28 फरवरी 2026 | शनिवार | शनि प्रदोष |
फरवरी 2026 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
फरवरी 2026 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: माघ 1 फरवरी से 1 फरवरी; फाल्गुन 2 फरवरी से 28 फरवरी तक। अमांत गणना में: माघ 1 फरवरी से 17 फरवरी; फाल्गुन 18 फरवरी से 28 फरवरी तक।
फरवरी 2026 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947।
फरवरी 2026 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
माघ पूर्णिमा (1), महाशिवरात्रि (15)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
फरवरी 2026 में एकादशी कब है?
13 फरवरी 2026, 27 फरवरी 2026।
फरवरी 2026 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: इस महीने नहीं। अमावस्या: 17 फरवरी 2026।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।