महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर मई 2026: त्योहार, व्रत और तिथि
1 त्योहार
1 त्योहार · 8 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में मई 2026 वैशाख पूर्णिमा से अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी)। इस महीने 1 त्योहार और 8 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 16 मई 2026 | शनिवार | वट सावित्री व्रत |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार | पूर्णिमा — 22:53 तक | स्वाति | वैशाख | वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) | |
| शनिवार | कृष्ण प्रतिपदा — 3 मई, 00:50 तक | विशाखा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| रविवार | कृष्ण द्वितीया — 4 मई, 03:02 तक | विशाखा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| सोमवार | कृष्ण तृतीया — 5 मई, 05:24 तक | अनुराधा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण चतुर्थी — 6 मई, 07:51 तक (वृद्धि) | ज्येष्ठा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | अंगारकी चतुर्थी | |
| बुधवार | कृष्ण चतुर्थी — 07:51 तक | मूल | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण पंचमी — 10:14 तक | पूर्वाषाढ़ा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण षष्ठी — 12:22 तक | उत्तराषाढ़ा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| शनिवार | कृष्ण सप्तमी — 14:03 तक | श्रवण | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| रविवार | कृष्ण अष्टमी — 15:07 तक | धनिष्ठा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| सोमवार | कृष्ण नवमी — 15:25 तक | शतभिषा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण दशमी — 14:52 तक | पूर्व भाद्रपदा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| बुधवार | कृष्ण एकादशी — 13:30 तक | उत्तर भाद्रपदा | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | अपरा एकादशी | |
| गुरुवार | कृष्ण द्वादशी — 11:21 तक | रेवती | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | गुरु प्रदोष | |
| शुक्रवार | कृष्ण त्रयोदशी — 08:31 तक; फिर चतुर्दशी (क्षय) | अश्विनी | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| शनिवार | अमावस्या — 17 मई, 01:31 तक | भरणी | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या (शनि अमावस्या, शनि जयंती) | |
| रविवार | शुक्ल प्रतिपदा — 21:41 तक | कृत्तिका | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| सोमवार | शुक्ल द्वितीया — 17:53 तक | रोहिणी | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| मंगलवार | शुक्ल तृतीया — 14:18 तक | मृगशिरा | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| बुधवार | शुक्ल चतुर्थी — 11:07 तक | आर्द्रा | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| गुरुवार | शुक्ल पंचमी — 08:27 तक | पुष्य | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल षष्ठी — 06:25 तक; फिर सप्तमी (क्षय) | आश्लेषा | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| शनिवार | शुक्ल अष्टमी — 24 मई, 04:27 तक | मघा | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| रविवार | शुक्ल नवमी — 25 मई, 04:31 तक | पूर्वा फाल्गुनी | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| सोमवार | शुक्ल दशमी — 26 मई, 05:11 तक | उत्तरा फाल्गुनी | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| मंगलवार | शुक्ल एकादशी — 27 मई, 06:22 तक (वृद्धि) | हस्त | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| बुधवार | शुक्ल एकादशी — 06:22 तक | हस्त | अधिक ज्येष्ठ | पद्मिनी एकादशी | |
| गुरुवार | शुक्ल द्वादशी — 07:57 तक | चित्रा | अधिक ज्येष्ठ | गुरु प्रदोष | |
| शुक्रवार | शुक्ल त्रयोदशी — 09:51 तक | स्वाति | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| शनिवार | शुक्ल चतुर्दशी — 11:58 तक | विशाखा | अधिक ज्येष्ठ | — | |
| रविवार | पूर्णिमा — 14:15 तक | अनुराधा | अधिक ज्येष्ठ | अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा |
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | वैशाख | 1 मई 2026 | 1 मई 2026 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | ज्येष्ठ | 2 मई 2026 | 16 मई 2026 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | अधिक ज्येष्ठ | 17 मई 2026 | 31 मई 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | वैशाख | 1 मई 2026 | 16 मई 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | अधिक ज्येष्ठ | 17 मई 2026 | 31 मई 2026 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) |
| 5 मई 2026 | मंगलवार | अंगारकी चतुर्थी |
| 13 मई 2026 | बुधवार | अपरा एकादशी |
| 14 मई 2026 | गुरुवार | गुरु प्रदोष |
| 16 मई 2026 | शनिवार | ज्येष्ठ अमावस्या (शनि अमावस्या, शनि जयंती) |
| 27 मई 2026 | बुधवार | पद्मिनी एकादशी |
| 28 मई 2026 | गुरुवार | गुरु प्रदोष |
| 31 मई 2026 | रविवार | अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा |
मई 2026 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
मई 2026 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: वैशाख 1 मई से 1 मई; ज्येष्ठ 2 मई से 16 मई; अधिक ज्येष्ठ 17 मई से 31 मई तक। अमांत गणना में: वैशाख 1 मई से 16 मई; अधिक ज्येष्ठ 17 मई से 31 मई तक।
मई 2026 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
मई 2026 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
वट सावित्री व्रत (16)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
मई 2026 में एकादशी कब है?
13 मई 2026, 27 मई 2026।
मई 2026 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 1 मई 2026, 31 मई 2026। अमावस्या: 16 मई 2026।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।