महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर मार्च 2027: त्योहार, व्रत और तिथि
शनि, 6 मार्च
3 त्योहार · 7 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में मार्च 2027 फाल्गुन कृष्ण नवमी से चैत्र कृष्ण नवमी तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी)। इस महीने 3 त्योहार और 7 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
उसके बाद: होलिका दहन — सोम, 22 मार्च
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 6 मार्च 2027 | शनिवार | महाशिवरात्रि |
| 22 मार्च 2027 | सोमवार | होलिका दहन |
| 23 मार्च 2027 | मंगलवार | होली |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| सोमवार | कृष्ण नवमी — 2 मार्च, 02:07 तक | ज्येष्ठा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण दशमी — 3 मार्च, 04:44 तक | मूल | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| बुधवार | कृष्ण एकादशी — 4 मार्च, 07:24 तक (वृद्धि) | पूर्वाषाढ़ा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण एकादशी — 07:24 तक | उत्तराषाढ़ा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | विजया एकादशी | |
| शुक्रवार | कृष्ण द्वादशी — 09:54 तक | श्रवण | फाल्गुन (अमांत: माघ) | शुक्र प्रदोष | |
| शनिवार | कृष्ण त्रयोदशी — 12:04 तक | धनिष्ठा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | महाशिवरात्रि | |
| रविवार | कृष्ण चतुर्दशी — 13:46 तक | धनिष्ठा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | — | |
| सोमवार | अमावस्या — 14:59 तक | शतभिषा | फाल्गुन (अमांत: माघ) | फाल्गुन अमावस्या (सोमवती अमावस्या) | |
| मंगलवार | शुक्ल प्रतिपदा — 15:41 तक | पूर्व भाद्रपदा | फाल्गुन | — | |
| बुधवार | शुक्ल द्वितीया — 15:53 तक | उत्तर भाद्रपदा | फाल्गुन | — | |
| गुरुवार | शुक्ल तृतीया — 15:37 तक | रेवती | फाल्गुन | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल चतुर्थी — 14:57 तक | अश्विनी | फाल्गुन | — | |
| शनिवार | शुक्ल पंचमी — 13:55 तक | भरणी | फाल्गुन | — | |
| रविवार | शुक्ल षष्ठी — 12:32 तक | कृत्तिका | फाल्गुन | — | |
| सोमवार | शुक्ल सप्तमी — 10:51 तक | रोहिणी | फाल्गुन | — | |
| मंगलवार | शुक्ल अष्टमी — 08:54 तक | मृगशिरा | फाल्गुन | — | |
| बुधवार | शुक्ल नवमी — 06:44 तक; फिर दशमी (क्षय) | आर्द्रा | फाल्गुन | — | |
| गुरुवार | शुक्ल एकादशी — 19 मार्च, 01:51 तक | पुष्य | फाल्गुन | आमलकी एकादशी | |
| शुक्रवार | शुक्ल द्वादशी — 23:17 तक | आश्लेषा | फाल्गुन | — | |
| शनिवार | शुक्ल त्रयोदशी — 20:45 तक | मघा | फाल्गुन | शनि प्रदोष | |
| रविवार | शुक्ल चतुर्दशी — 18:22 तक | पूर्वा फाल्गुनी | फाल्गुन | — | |
| सोमवार | पूर्णिमा — 16:13 तक | उत्तरा फाल्गुनी | फाल्गुन | होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन) | |
| मंगलवार | कृष्ण प्रतिपदा — 14:28 तक | हस्त | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | होली | |
| बुधवार | कृष्ण द्वितीया — 13:14 तक | चित्रा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण तृतीया — 12:38 तक | स्वाति | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | संकष्टी चतुर्थी | |
| शुक्रवार | कृष्ण चतुर्थी — 12:43 तक | विशाखा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| शनिवार | कृष्ण पंचमी — 13:33 तक | अनुराधा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| रविवार | कृष्ण षष्ठी — 15:05 तक | ज्येष्ठा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| सोमवार | कृष्ण सप्तमी — 17:11 तक | मूल | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण अष्टमी — 19:40 तक | पूर्वाषाढ़ा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — | |
| बुधवार | कृष्ण नवमी — 22:16 तक | पूर्वाषाढ़ा | चैत्र (अमांत: फाल्गुन) | — |
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948। विक्रम संवत 2084 (रौद्र) 23 मार्च 2027 से शुरू होता है।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | फाल्गुन | 1 मार्च 2027 | 22 मार्च 2027 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | चैत्र | 23 मार्च 2027 | 31 मार्च 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | माघ | 1 मार्च 2027 | 8 मार्च 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | फाल्गुन | 9 मार्च 2027 | 31 मार्च 2027 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 4 मार्च 2027 | गुरुवार | विजया एकादशी |
| 5 मार्च 2027 | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष |
| 8 मार्च 2027 | सोमवार | फाल्गुन अमावस्या (सोमवती अमावस्या) |
| 18 मार्च 2027 | गुरुवार | आमलकी एकादशी |
| 20 मार्च 2027 | शनिवार | शनि प्रदोष |
| 22 मार्च 2027 | सोमवार | फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन) |
| 25 मार्च 2027 | गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी |
मार्च 2027 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
मार्च 2027 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: फाल्गुन 1 मार्च से 22 मार्च; चैत्र 23 मार्च से 31 मार्च तक। अमांत गणना में: माघ 1 मार्च से 8 मार्च; फाल्गुन 9 मार्च से 31 मार्च तक।
मार्च 2027 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948। विक्रम संवत 2084 (रौद्र) 23 मार्च 2027 से शुरू होता है।
मार्च 2027 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
महाशिवरात्रि (6), होलिका दहन (22), होली (23)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
मार्च 2027 में एकादशी कब है?
4 मार्च 2027, 18 मार्च 2027।
मार्च 2027 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 22 मार्च 2027। अमावस्या: 8 मार्च 2027।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।