महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर जून 2027: त्योहार, व्रत और तिथि
शुक्र, 4 जून
2 त्योहार · 8 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में जून 2027 ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी से आषाढ़ कृष्ण एकादशी तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2084 रौद्र)। इस महीने 2 त्योहार और 8 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
उसके बाद: गंगा दशहरा — रवि, 13 जून
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 4 जून 2027 | शुक्रवार | वट सावित्री व्रत |
| 13 जून 2027 | रविवार | गंगा दशहरा |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| मंगलवार | कृष्ण एकादशी — 09:40 तक | रेवती | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | अपरा एकादशी | |
| बुधवार | कृष्ण द्वादशी — 08:29 तक | अश्विनी | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | बुध प्रदोष | |
| गुरुवार | कृष्ण त्रयोदशी — 06:35 तक; फिर चतुर्दशी (क्षय) | भरणी | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | — | |
| शुक्रवार | अमावस्या — 5 जून, 01:10 तक | कृत्तिका | ज्येष्ठ (अमांत: वैशाख) | वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या (शनि जयंती) | |
| शनिवार | शुक्ल प्रतिपदा — 21:59 तक | रोहिणी | ज्येष्ठ | — | |
| रविवार | शुक्ल द्वितीया — 18:41 तक | आर्द्रा | ज्येष्ठ | — | |
| सोमवार | शुक्ल तृतीया — 15:26 तक | पुनर्वसु | ज्येष्ठ | — | |
| मंगलवार | शुक्ल चतुर्थी — 12:22 तक | पुष्य | ज्येष्ठ | — | |
| बुधवार | शुक्ल पंचमी — 09:35 तक | आश्लेषा | ज्येष्ठ | — | |
| गुरुवार | शुक्ल षष्ठी — 07:12 तक; फिर सप्तमी (क्षय) | मघा | ज्येष्ठ | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल अष्टमी — 12 जून, 03:45 तक | पूर्वा फाल्गुनी | ज्येष्ठ | — | |
| शनिवार | शुक्ल नवमी — 13 जून, 02:44 तक | उत्तरा फाल्गुनी | ज्येष्ठ | — | |
| रविवार | शुक्ल दशमी — 14 जून, 02:12 तक | हस्त | ज्येष्ठ | गंगा दशहरा | |
| सोमवार | शुक्ल एकादशी — 15 जून, 02:08 तक | चित्रा | ज्येष्ठ | निर्जला एकादशी | |
| मंगलवार | शुक्ल द्वादशी — 16 जून, 02:31 तक | स्वाति | ज्येष्ठ | — | |
| बुधवार | शुक्ल त्रयोदशी — 17 जून, 03:20 तक | विशाखा | ज्येष्ठ | बुध प्रदोष | |
| गुरुवार | शुक्ल चतुर्दशी — 18 जून, 04:35 तक | अनुराधा | ज्येष्ठ | — | |
| शुक्रवार | पूर्णिमा — 19 जून, 06:14 तक (वृद्धि) | ज्येष्ठा | ज्येष्ठ | ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) | |
| शनिवार | पूर्णिमा — 06:14 तक | मूल | ज्येष्ठ | — | |
| रविवार | कृष्ण प्रतिपदा — 08:15 तक | पूर्वाषाढ़ा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| सोमवार | कृष्ण द्वितीया — 10:35 तक | उत्तराषाढ़ा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण तृतीया — 13:07 तक | उत्तराषाढ़ा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | अंगारकी चतुर्थी | |
| बुधवार | कृष्ण चतुर्थी — 15:43 तक | श्रवण | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण पंचमी — 18:10 तक | धनिष्ठा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण षष्ठी — 20:17 तक | शतभिषा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| शनिवार | कृष्ण सप्तमी — 21:52 तक | पूर्व भाद्रपदा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| रविवार | कृष्ण अष्टमी — 22:45 तक | उत्तर भाद्रपदा | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| सोमवार | कृष्ण नवमी — 22:49 तक | रेवती | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण दशमी — 22:04 तक | अश्विनी | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | — | |
| बुधवार | कृष्ण एकादशी — 20:31 तक | भरणी | आषाढ़ (अमांत: ज्येष्ठ) | योगिनी एकादशी |
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | ज्येष्ठ | 1 जून 2027 | 19 जून 2027 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | आषाढ़ | 20 जून 2027 | 30 जून 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | वैशाख | 1 जून 2027 | 4 जून 2027 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | ज्येष्ठ | 5 जून 2027 | 30 जून 2027 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 1 जून 2027 | मंगलवार | अपरा एकादशी |
| 2 जून 2027 | बुधवार | बुध प्रदोष |
| 4 जून 2027 | शुक्रवार | ज्येष्ठ अमावस्या (शनि जयंती) |
| 14 जून 2027 | सोमवार | निर्जला एकादशी |
| 16 जून 2027 | बुधवार | बुध प्रदोष |
| 18 जून 2027 | शुक्रवार | ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) |
| 22 जून 2027 | मंगलवार | अंगारकी चतुर्थी |
| 30 जून 2027 | बुधवार | योगिनी एकादशी |
जून 2027 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
जून 2027 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: ज्येष्ठ 1 जून से 19 जून; आषाढ़ 20 जून से 30 जून तक। अमांत गणना में: वैशाख 1 जून से 4 जून; ज्येष्ठ 5 जून से 30 जून तक।
जून 2027 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2084 (रौद्र), शक संवत 1949।
जून 2027 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
वट सावित्री व्रत (4), गंगा दशहरा (13)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
जून 2027 में एकादशी कब है?
1 जून 2027, 14 जून 2027, 30 जून 2027।
जून 2027 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 18 जून 2027। अमावस्या: 4 जून 2027।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।