महीने के त्योहार
हिंदू कैलेंडर अप्रैल 2026: त्योहार, व्रत और तिथि
3 त्योहार
3 त्योहार · 7 व्रत के दिन
हिंदू कैलेंडर में अप्रैल 2026 चैत्र शुक्ल चतुर्दशी से वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तक चलता है (पूर्णिमांत गणना, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी)। इस महीने 3 त्योहार और 7 व्रत के दिन पड़ते हैं; हर दिन की तिथि, नक्षत्र और हर तारीख़ चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से गिनी गई है, किसी सूची से नकल नहीं की गई।
नीचे दी गई हर तारीख़ नई दिल्ली के लिए गणना की गई है। अपने शहर के लिए उस त्योहार का अपना पेज खोलें — चंद्रोदय पर तय होने वाला व्रत, जैसे करवा चौथ, दूसरे शहर में सचमुच किसी और दिन पड़ सकता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | गुरुवार | हनुमान जयंती |
| 14 अप्रैल 2026 | मंगलवार | मेष संक्रांति |
| 19 अप्रैल 2026 | रविवार | अक्षय तृतीया |
हर पंक्ति नई दिल्ली के सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है। तिथि वह है जो सूर्योदय के समय चल रही है — वही दिन का नाम बनती है — और साथ में उसका समाप्ति-समय (24 घंटे की घड़ी, IST)। जो तिथि अगले सूर्योदय पर भी चल रही हो, वह दो दिनों का नाम बनती है (वृद्धि); जो तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर ख़त्म हो जाए, वह क्षय तिथि है और उसी दिन के साथ लिखी गई है। मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना का है; जिन दिनों अमांत नाम अलग है, वह कोष्ठक में है।
| तारीख़ | वार | सूर्योदय की तिथि | नक्षत्र | हिंदू मास | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार | शुक्ल चतुर्दशी — 07:06 तक | उत्तरा फाल्गुनी | चैत्र | — | |
| गुरुवार | पूर्णिमा — 07:41 तक | हस्त | चैत्र | हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) | |
| शुक्रवार | कृष्ण प्रतिपदा — 08:42 तक | चित्रा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| शनिवार | कृष्ण द्वितीया — 10:09 तक | स्वाति | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| रविवार | कृष्ण तृतीया — 12:00 तक | विशाखा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | संकष्टी चतुर्थी | |
| सोमवार | कृष्ण चतुर्थी — 14:11 तक | अनुराधा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| मंगलवार | कृष्ण पंचमी — 16:35 तक | ज्येष्ठा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| बुधवार | कृष्ण षष्ठी — 19:02 तक | मूल | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| गुरुवार | कृष्ण सप्तमी — 21:20 तक | मूल | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| शुक्रवार | कृष्ण अष्टमी — 23:16 तक | पूर्वाषाढ़ा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| शनिवार | कृष्ण नवमी — 12 अप्रैल, 00:38 तक | उत्तराषाढ़ा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| रविवार | कृष्ण दशमी — 13 अप्रैल, 01:17 तक | श्रवण | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| सोमवार | कृष्ण एकादशी — 14 अप्रैल, 01:09 तक | धनिष्ठा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | वरूथिनी एकादशी | |
| मंगलवार | कृष्ण द्वादशी — 15 अप्रैल, 00:12 तक | शतभिषा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | मेष संक्रांति | |
| बुधवार | कृष्ण त्रयोदशी — 22:31 तक | पूर्व भाद्रपदा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | बुध प्रदोष | |
| गुरुवार | कृष्ण चतुर्दशी — 20:11 तक | उत्तर भाद्रपदा | वैशाख (अमांत: चैत्र) | — | |
| शुक्रवार | अमावस्या — 17:21 तक | रेवती | वैशाख (अमांत: चैत्र) | वैशाख अमावस्या | |
| शनिवार | शुक्ल प्रतिपदा — 14:11 तक | अश्विनी | वैशाख | — | |
| रविवार | शुक्ल द्वितीया — 10:49 तक | भरणी | वैशाख | अक्षय तृतीया | |
| सोमवार | शुक्ल तृतीया — 07:28 तक; फिर चतुर्थी (क्षय) | रोहिणी | वैशाख | — | |
| मंगलवार | शुक्ल पंचमी — 22 अप्रैल, 01:20 तक | मृगशिरा | वैशाख | — | |
| बुधवार | शुक्ल षष्ठी — 22:50 तक | आर्द्रा | वैशाख | — | |
| गुरुवार | शुक्ल सप्तमी — 20:49 तक | पुनर्वसु | वैशाख | — | |
| शुक्रवार | शुक्ल अष्टमी — 19:22 तक | पुष्य | वैशाख | — | |
| शनिवार | शुक्ल नवमी — 18:28 तक | आश्लेषा | वैशाख | — | |
| रविवार | शुक्ल दशमी — 18:07 तक | मघा | वैशाख | — | |
| सोमवार | शुक्ल एकादशी — 18:16 तक | पूर्वा फाल्गुनी | वैशाख | मोहिनी एकादशी | |
| मंगलवार | शुक्ल द्वादशी — 18:52 तक | उत्तरा फाल्गुनी | वैशाख | भौम प्रदोष | |
| बुधवार | शुक्ल त्रयोदशी — 19:52 तक | हस्त | वैशाख | — | |
| गुरुवार | शुक्ल चतुर्दशी — 21:13 तक | चित्रा | वैशाख | — |
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
| गणना | हिंदू मास | से | तक |
|---|---|---|---|
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | चैत्र | 1 अप्रैल 2026 | 2 अप्रैल 2026 |
| पूर्णिमांत (उत्तर भारत: मास पूर्णिमा पर पूरा होता है) | वैशाख | 3 अप्रैल 2026 | 30 अप्रैल 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | चैत्र | 1 अप्रैल 2026 | 17 अप्रैल 2026 |
| अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत: मास अमावस्या पर पूरा होता है) | वैशाख | 18 अप्रैल 2026 | 30 अप्रैल 2026 |
दोनों गणनाएँ हर महीने लगभग आधे दिनों को अलग नाम देती हैं: पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष अगले मास के नाम से गिना जाता है, जबकि अमांत मास अमावस्या तक चलता है। विक्रम संवत यहाँ पूर्णिमांत चैत्र के पहले दिन से बदला गया है, जैसा AstroSage छापता है; अमांत पंचांग मानने वाले नया वर्ष लगभग पंद्रह दिन बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादि) से मानते हैं, और शक संवत भी उसी दिन बदलता है।
| तारीख़ | वार | त्योहार / व्रत |
|---|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | गुरुवार | चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) |
| 5 अप्रैल 2026 | रविवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 अप्रैल 2026 | सोमवार | वरूथिनी एकादशी |
| 15 अप्रैल 2026 | बुधवार | बुध प्रदोष |
| 17 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | वैशाख अमावस्या |
| 27 अप्रैल 2026 | सोमवार | मोहिनी एकादशी |
| 28 अप्रैल 2026 | मंगलवार | भौम प्रदोष |
अप्रैल 2026 के त्योहार — सामान्य प्रश्न
अप्रैल 2026 में कौन-सा हिंदू मास है?
पूर्णिमांत गणना में: चैत्र 1 अप्रैल से 2 अप्रैल; वैशाख 3 अप्रैल से 30 अप्रैल तक। अमांत गणना में: चैत्र 1 अप्रैल से 17 अप्रैल; वैशाख 18 अप्रैल से 30 अप्रैल तक।
अप्रैल 2026 में कौन-सा विक्रम संवत है?
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी), शक संवत 1948।
अप्रैल 2026 में कौन-कौन से त्योहार हैं?
हनुमान जयंती (2), मेष संक्रांति (14), अक्षय तृतीया (19)। हर तारीख़ नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना की गई है।
अप्रैल 2026 में एकादशी कब है?
13 अप्रैल 2026, 27 अप्रैल 2026।
अप्रैल 2026 में पूर्णिमा और अमावस्या कब है?
पूर्णिमा: 2 अप्रैल 2026। अमावस्या: 17 अप्रैल 2026।
क्या ये तारीख़ें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
लगभग, पर हमेशा नहीं। तिथि किस दिन का नाम बनेगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से ज़्यादा अलग होता है — इसलिए किसी-किसी साल कोई व्रत दो शहरों में अलग दिन पड़ता है। हर त्योहार के अपने पेज पर शहर बदलने की सुविधा है।