व्रत कैलेंडर · नई दिल्ली
अगली संकष्टी चतुर्थी कब है?
गुरु, 29 अक्टूबर
नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:11
अगली संकष्टी चतुर्थी — करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है; नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:11।
उसके बाद: संकष्टी चतुर्थी — शुक्र, 27 नवंबर
- अंगारकी चतुर्थी मंगलवार, 22 जून 2027
- सकट चौथ सोमवार, 25 जनवरी 2027
- करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026; सोमवार, 18 अक्टूबर 2027
| तारीख | नाम | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | चंद्रोदय | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026अगली | करवा चौथ | कार्तिक · अमांत आश्विन | 29 अक्टू, रात 1:07 | 29 अक्टू, रात 10:10 | 29 अक्टू, रात 8:11 | — |
| शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 | संकष्टी चतुर्थी | मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक | 27 नव, सुबह 9:49 | 28 नव, सुबह 6:40 | 27 नव, रात 8:12 | — |
| शनिवार, 26 दिसंबर 2026 | संकष्टी चतुर्थी | पौष · अमांत मार्गशीर्ष | 26 दिस, रात 8:06 | 27 दिस, शाम 5:13 | 26 दिस, रात 8:14 | — |
| सोमवार, 25 जनवरी 2027 | सकट चौथ | माघ · अमांत पौष | 25 जन, सुबह 8:11 | 26 जन, सुबह 6:00 | 25 जन, रात 9:12 | — |
| बुधवार, 24 फरवरी 2027 | संकष्टी चतुर्थी | फाल्गुन · अमांत माघ | 23 फ़र, रात 9:50 | 24 फ़र, रात 8:41 | 24 फ़र, रात 9:58 | चतुर्थी किसी चंद्रोदय को नहीं छूती; जिस दिन सूर्योदय पर है उसी दिन व्रत |
| गुरुवार, 25 मार्च 2027 | संकष्टी चतुर्थी | चैत्र · अमांत फाल्गुन | 25 मार्च, दोपहर 12:38 | 26 मार्च, दोपहर 12:44 | 25 मार्च, रात 9:44 | — |
| शनिवार, 24 अप्रैल 2027 | संकष्टी चतुर्थी | वैशाख · अमांत चैत्र | 24 अप्रै, सुबह 4:21 | 25 अप्रै, सुबह 5:42 | 24 अप्रै, रात 10:26 | — |
| रविवार, 23 मई 2027 | संकष्टी चतुर्थी | ज्येष्ठ · अमांत वैशाख | 23 मई, रात 8:42 | 24 मई, रात 10:59 | 23 मई, रात 9:58 | चतुर्थी सोमवार, 24 मई 2027 के चंद्रोदय पर भी है; पहला दिन माना जाता है |
| मंगलवार, 22 जून 2027 | अंगारकी चतुर्थी | आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ | 22 जून, दोपहर 1:07 | 23 जून, दोपहर 3:43 | 22 जून, रात 9:52 | — |
| गुरुवार, 22 जुलाई 2027 | संकष्टी चतुर्थी | श्रावण · अमांत आषाढ़ | 22 जुला, सुबह 4:47 | 23 जुला, सुबह 6:57 | 22 जुला, रात 9:23 | — |
| शुक्रवार, 20 अगस्त 2027 | संकष्टी चतुर्थी | भाद्रपद · अमांत श्रावण | 20 अग, शाम 6:54 | 21 अग, रात 8:05 | 20 अग, रात 8:22 | — |
| रविवार, 19 सितंबर 2027 | संकष्टी चतुर्थी | आश्विन · अमांत भाद्रपद | 19 सित, सुबह 7:09 | 20 सित, सुबह 7:09 | 19 सित, रात 8:03 | — |
| सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 | करवा चौथ | कार्तिक · अमांत आश्विन | 18 अक्टू, शाम 5:52 | 19 अक्टू, शाम 4:43 | 18 अक्टू, शाम 7:30 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।
संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, और उसका दिन चंद्रोदय से तय होता है: व्रत चंद्र दर्शन पर पूरा होता है, इसलिए दिन वह है जिसका चंद्रोदय चतुर्थी में पड़े। भारत में चंद्रोदय का समय एक घंटे से भी अधिक बदलता है — सूर्योदय से कहीं ज़्यादा — इसीलिए व्रत जिस समय पर टिका है, वह चंद्रोदय समय आपके चुने शहर के लिए दिया गया है। जब चतुर्थी दो शाम चंद्रोदय पर हो, तो पहला दिन माना जाता है; जब वह किसी चंद्रोदय को न छुए, तो व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन चतुर्थी सूर्योदय पर हो। मंगलवार की संकष्टी अंगारकी चतुर्थी कहलाती है। माघ की संकष्टी सकट चौथ है और कार्तिक की करवा चौथ — दोनों उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में।
संकष्टी चतुर्थी: सामान्य प्रश्न
अगली संकष्टी चतुर्थी कब है?
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 — करवा चौथ; नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:11।
अंगारकी चतुर्थी कब है?
मंगलवार, 22 जून 2027।
सकट चौथ कब है?
सोमवार, 25 जनवरी 2027।
करवा चौथ कब है?
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026; सोमवार, 18 अक्टूबर 2027।
संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय कब होगा?
तालिका में हर संकष्टी के सामने नई दिल्ली का चंद्रोदय समय है। व्रत चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद खोला जाता है, और चंद्रोदय शहर के अनुसार एक घंटे से अधिक बदल जाता है — ऊपर शहर बदलकर देखें।
क्या संकष्टी चतुर्थी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए नई दिल्ली और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।