हरिद्वार में आज का शुभ समय कौन-सा है?
1:38 AM – 3:14 AM
शुभ चौघड़िया · शुभ शुरुआत 1:38 AM के लिए रखें
अगला शुभ समय: अमृत चौघड़िया, मंगल, 27 अक्टूबर, 3:14 AM – 4:51 AM
हरिद्वार में अगला शुभ समय शुभ चौघड़िया है, 1:38 AM - 3:14 AM।
अभिजित मुहूर्त
11:39 AM – 12:23 PM
बीत चुका
राहु काल
7:50 AM – 9:14 AM
बीत चुका
शुभ मुहूर्त घड़ी का कोई एक तय समय नहीं है। यह आज के चौघड़िया, अभिजित और ब्रह्म मुहूर्त में से वह खिड़की है जो खुली हो, और हरिद्वार के अपने सूर्योदय से नापी जाती है — इसलिए यह हर दिन बदलता है और हर शहर में अलग होता है।
इस वैदिक दिन की सभी शुभ खिड़कियाँ, सूर्योदय 6:26 AM से कल के सूर्योदय तक। अमृत सबसे प्रबल माना जाता है, फिर शुभ, और लाभ काम व आय के लिए; अभिजित दोपहर का वह मुहूर्त है जिसे पंचांग की और किसी सहमति की आवश्यकता नहीं।
सभी समय हरिद्वार के स्थानीय हैं, Asia/Kolkata (UTC+05:30) के लिए निकाले गए।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| अमृत | 6:26 AM - 7:50 AM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
| शुभ | 9:14 AM - 10:37 AM | शुभ | सोच-समझकर की गई शुरुआत, समझौतों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अवधि। |
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 AM - 12:23 PM | शुभ | दोपहर की एक आम तौर पर अनुकूल खिड़की — जब विस्तार से मुहूर्त न निकाला जा सके तो ज़रूरी काम के लिए इसे लिया जाता है। |
| लाभ | 2:49 PM - 4:12 PM | शुभ | व्यापार, कमाई और व्यावहारिक प्रगति के लिए अक्सर चुनी जाती है। |
| अमृत | 4:12 PM - 5:36 PM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
| लाभ | 10:25 PM - 12:02 AM | शुभ | व्यापार, कमाई और व्यावहारिक प्रगति के लिए अक्सर चुनी जाती है। |
| शुभ | 1:38 AM - 3:14 AM | शुभ | सोच-समझकर की गई शुरुआत, समझौतों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अवधि। |
| अमृत | 3:14 AM - 4:51 AM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
पूजा एकमात्र ऐसा उपयोग है जिसके लिए सामान्य सूची नहीं, बल्कि अपनी अलग खिड़कियाँ मानी जाती हैं। भोर से पहले का ब्रह्म मुहूर्त जप, पाठ और ध्यान का पारंपरिक समय है; अभिजित दोपहर की पूजा को सँभालता है जब कोई और मुहूर्त स्पष्ट न हो; अमृत और शुभ चौघड़िया संकल्प सहित अनुष्ठान के लिए ली जाने वाली खिड़कियाँ हैं।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 4:43 AM - 5:34 AM | शुभ | रात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान। |
| अमृत | 6:26 AM - 7:50 AM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
| शुभ | 9:14 AM - 10:37 AM | शुभ | सोच-समझकर की गई शुरुआत, समझौतों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अवधि। |
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 AM - 12:23 PM | शुभ | दोपहर की एक आम तौर पर अनुकूल खिड़की — जब विस्तार से मुहूर्त न निकाला जा सके तो ज़रूरी काम के लिए इसे लिया जाता है। |
| अमृत | 4:12 PM - 5:36 PM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
| शुभ | 1:38 AM - 3:14 AM | शुभ | सोच-समझकर की गई शुरुआत, समझौतों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अवधि। |
| अमृत | 3:14 AM - 4:51 AM | सर्वाधिक शुभ | ज़रूरी काम और नई शुरुआत के लिए दिन की सबसे अच्छी मानी जाने वाली अवधि। |
पहले से चल रही पूजा राहु काल से रुकती नहीं — नियम आरंभ का है, चलते रहने का नहीं। केवल संकल्प, दीप प्रज्वलन और पहला अर्पण ही समय देखकर किए जाते हैं।
जिस दिन-मान से शुभ खिड़कियाँ बनती हैं, उसी से ये भी बनती हैं। हर एक सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन का आठवाँ भाग है, जो वार से तय होता है — इसलिए तीनों सूर्योदय के साथ खिसकते हैं और हर शहर में अलग होते हैं।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| राहु काल | 7:50 AM - 9:14 AM | अशुभ | इस समय कोई ज़रूरी काम शुरू करने से बचा जाता है। जो काम पहले से चल रहा है, वह चलता रह सकता है। |
| यमगण्ड काल | 10:37 AM - 12:01 PM | अशुभ | यात्रा, शुभ कार्यों और ज़रूरी नई शुरुआत के लिए आमतौर पर इससे बचा जाता है। |
| गुलिक काल | 1:25 PM - 2:49 PM | मिला-जुला | नए वादों और सौदों में थोड़ी और सावधानी रखें; परंपरा इसे सतर्कता की अवधि मानती है। |
ये दो खिड़कियाँ चौघड़िया चक्र का भाग नहीं हैं। ब्रह्म मुहूर्त रात्रि के पंद्रह मुहूर्तों में से चौदहवाँ है, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है; अभिजित सूर्योदय से सूर्यास्त तक के पंद्रह समान मुहूर्तों में से आठवाँ है, और शास्त्रीय परंपरा बुधवार को अभिजित नहीं देती।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 4:43 AM - 5:34 AM | शुभ | रात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान। |
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 AM - 12:23 PM | शुभ | दोपहर की एक आम तौर पर अनुकूल खिड़की — जब विस्तार से मुहूर्त न निकाला जा सके तो ज़रूरी काम के लिए इसे लिया जाता है। |
- नई दिल्ली से तुलना। आज हरिद्वार में सूर्योदय 6:26 AM पर, नई दिल्ली (6:29 AM) से 3 मिनट पहले है, और सूर्यास्त 5:36 PM पर, नई दिल्ली (5:41 PM) से 5 मिनट पहले। देशांतर: हरिद्वार दिल्ली से 1.0° पूर्व में है, इसलिए यहाँ मध्याह्न 4 मिनट पहले आता है (12:01 PM, दिल्ली में 12:05 PM)। अक्षांश: हरिद्वार दिल्ली से 1.3° उत्तर में है, और सितंबर से मार्च के विषुव तक दक्षिण की ओर दिन लंबे होते हैं; आज यहाँ का दिन 3 मिनट छोटा है (11 घंटे 10 मिनट बनाम 11 घंटे 13 मिनट), जो सूर्योदय को बाद में और सूर्यास्त को पहले खिसकाता है — दोनों तरफ़ लगभग 2 मिनट। दिल्ली की तालिका यहाँ आज अभिजित और दिन के बाक़ी मुहूर्त को 3–5 मिनट देर से बताती — इस पेज के अपने समय देखें।
- अभिजित की लंबाई। अभिजित मुहूर्त दिनमान का पंद्रहवाँ भाग है: आज 45 मिनट, और 2026 में 41 मिनट से 56 मिनट तक।
- स्थानीय मध्याह्न। हरिद्वार में आज सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच का क्षण 12:01 PM है — घड़ी के 12:00 से 1 मिनट बाद। हरिद्वार उस 82.5° पूर्व देशांतर से 4.3° पश्चिम में है जिस पर यहाँ की घड़ी चलती है, जिससे मध्याह्न 17 मिनट देर से आता है; साल का यह समय (समय-समीकरण) आज 16 मिनट घटाता है। अभिजित मुहूर्त का मध्य यही क्षण होता है, घड़ी के बारह बजे नहीं।
- दिनमान। आज हरिद्वार में दिन 11 घंटे 10 मिनट का है; एक हफ़्ते पहले 11 घंटे 22 मिनट का था और एक हफ़्ते बाद 10 घंटे 59 मिनट का होगा: यहाँ दिन हर हफ़्ते लगभग 11 मिनट छोटे हो रहे हैं, और 21 दिसंबर के आसपास सबसे छोटे दिन तक यही चलेगा। 2026 में सबसे लंबा दिन 14 घंटे 5 मिनट (21 जून के आसपास) और सबसे छोटा 10 घंटे 14 मिनट (21 दिसंबर के आसपास) — 3 घंटे 51 मिनट का अंतर, जो नई दिल्ली के 3 घंटे 39 मिनट से ज़्यादा है।
- 2026 के छोर। सबसे जल्दी सूर्योदय 5:16 AM (10 जून के आसपास) और सबसे देर का 7:14 AM (10 जनवरी के आसपास); सबसे जल्दी सूर्यास्त 5:17 PM (2 दिसंबर के आसपास) और सबसे देर का 7:23 PM (30 जून के आसपास)। इनमें से कोई भी संक्रांति के दिन नहीं पड़ता: सूर्य का घड़ी-समय साल भर खिसकता है, इसलिए सबसे देर की सुबहें सबसे छोटे दिन के कई हफ़्ते बाद आती हैं।
- सिर के ऊपर सूर्य। हरिद्वार 29.9° उत्तर में, कर्क रेखा से आगे है, इसलिए सूर्य कभी ठीक सिर के ऊपर नहीं आता: 21 जून के आसपास दोपहर में यह सबसे ऊँचा, क्षितिज से 83° ऊपर होता है।
- यहाँ का कैलेंडर। उत्तराखंड में चांद्र मास पूर्णिमा से पूर्णिमा (पूर्णिमांत) गिना जाता है, इसलिए आज आश्विन पूर्णिमा है।
- सबसे पास के शहर। ऋषिकेश (19 किमी उत्तर-पूर्व) — सूर्योदय एक ही मिनट में; देहरादून (43 किमी उत्तर) — सूर्योदय 1 मिनट बाद।
| शहर | शुभ समय | राहु काल (बचें) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | शुभ चौघड़िया, 1:41 AM से | 7:53 AM – 9:17 AM |
| मुंबई | लाभ चौघड़िया, 12:23 AM तक | 8:03 AM – 9:29 AM |
| कोलकाता | शुभ चौघड़िया, 12:55 AM से | 7:03 AM – 8:29 AM |
| चेन्नई | शुभ चौघड़िया, 1:25 AM से | 7:29 AM – 8:57 AM |
| बेंगलुरु | शुभ चौघड़िया, 1:36 AM से | 7:40 AM – 9:08 AM |
| हैदराबाद | शुभ चौघड़िया, 1:33 AM से | 7:39 AM – 9:06 AM |
| अहमदाबाद | लाभ चौघड़िया, 12:24 AM तक | 8:07 AM – 9:32 AM |
| पुणे | लाभ चौघड़िया, 12:19 AM तक | 7:58 AM – 9:25 AM |
| जयपुर | लाभ चौघड़िया, 12:11 AM तक | 7:57 AM – 9:22 AM |
| लखनऊ | शुभ चौघड़िया, 1:26 AM से | 7:36 AM – 9:01 AM |
हरिद्वार के लिए आगे
सूर्योदय और सूर्यास्त इस शहर के अक्षांश-देशांतर और इस तिथि के लिए स्विस एफेमेरिस से आते हैं। दिन-मान को दिन के आठ चौघड़िया में और रात को आठ और में बाँटा जाता है; पंद्रह मुहूर्तों से अभिजित मिलता है; वार से तय आठवें भागों से राहु काल, यमगंड और गुलिक मिलते हैं। फिर यह पेज उस शुभ खिड़की का नाम लेता है जो चल रही है, या जो अगली खुलेगी, और यदि वह राहु काल या यमगंड से टकराती है तो उसे चिह्नित कर देता है।
हरिद्वार की पूरी सोलह-पंक्ति चौघड़िया तालिका अपने अलग पेज पर है, और यह पेज उसे दोहराता नहीं: चौघड़िया तालिका है, यह उसका पाठ है।
संस्कार और खरीद के शुभ मुहूर्त
विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या वाहन खरीद अपने नियमों से तय होते हैं — नक्षत्र, तिथि, वार और ऋतु — आज की खिड़कियों से नहीं। नीचे की हर सूची में साल की हर तारीख उसके समय के साथ है।
- विवाह मुहूर्त 2026 · विवाह मुहूर्त 2027
- गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027
- मुंडन मुहूर्त 2026 · मुंडन मुहूर्त 2027
- अन्नप्राशन मुहूर्त 2026 · अन्नप्राशन मुहूर्त 2027
- नामकरण मुहूर्त 2026 · नामकरण मुहूर्त 2027
- वाहन खरीद मुहूर्त 2026 · वाहन खरीद मुहूर्त 2027
- भूमि पूजन मुहूर्त 2026 · भूमि पूजन मुहूर्त 2027
- संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026 · संपत्ति खरीद मुहूर्त 2027
- सगाई मुहूर्त 2026 · सगाई मुहूर्त 2027
- कर्णवेध मुहूर्त 2026 · कर्णवेध मुहूर्त 2027
- सोना खरीदने का मुहूर्त 2026 · सोना खरीदने का मुहूर्त 2027
आज का शुभ मुहूर्त: सामान्य प्रश्न
हरिद्वार में आज सबसे शुभ समय कौन-सा है?
अगला शुभ समय शुभ चौघड़िया है, 1:38 AM - 3:14 AM।
हरिद्वार में आज पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
पूजा के लिए आज की खिड़कियाँ: ब्रह्म मुहूर्त 4:43 AM - 5:34 AM, अमृत चौघड़िया 6:26 AM - 7:50 AM, शुभ चौघड़िया 9:14 AM - 10:37 AM. संकल्प और दीप प्रज्वलन इन्हीं में किए जाते हैं।
हरिद्वार में आज किन समयों से बचना चाहिए?
राहु काल 7:50 AM - 9:14 AM, यमगण्ड काल 10:37 AM - 12:01 PM, गुलिक काल 1:25 PM - 2:49 PM. नियम नया काम आरंभ करने का है; पहले से चल रहा काम रुकता नहीं।
हरिद्वार में आज कितने शुभ मुहूर्त हैं?
इस वैदिक दिन में 8 शुभ खिड़कियाँ हैं। पहली चार: अमृत चौघड़िया 6:26 AM - 7:50 AM, शुभ चौघड़िया 9:14 AM - 10:37 AM, अभिजित मुहूर्त 11:39 AM - 12:23 PM, लाभ चौघड़िया 2:49 PM - 4:12 PM.
हरिद्वार में आज ब्रह्म मुहूर्त कब है?
4:43 AM - 5:34 AM — रात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले।
शुभ मुहूर्त हर शहर में अलग क्यों होता है?
क्योंकि हर खिड़की स्थानीय सूर्योदय से नापी जाती है, और भारत लगभग तीस देशांतर अंशों पर एक ही घड़ी रखता है। दिल्ली और चेन्नई एक ही मिनट पर एक ही चौघड़िया में नहीं होते।
आने वाले त्योहार · अगले 30 दिन
- करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर
- अहोई अष्टमी 2026 रविवार, 1 नवंबर
- पुष्य नक्षत्र 2026 (रवि पुष्य) रविवार, 1 नवंबर
अगले 30 दिनों में 16 और त्योहार
- रमा एकादशी 2026 गुरुवार, 5 नवंबर
- धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर
- दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर
- काली पूजा 2026 रविवार, 8 नवंबर
- नरक चतुर्दशी 2026 रविवार, 8 नवंबर
- मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 रविवार, 8 नवंबर
- गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर
- भाई दूज 2026 बुधवार, 11 नवंबर
- लाभ पंचमी 2026 शनिवार, 14 नवंबर
- छठ पूजा 2026 रविवार, 15 नवंबर
- गोपाष्टमी 2026 मंगलवार, 17 नवंबर
- देवउठनी एकादशी 2026 शुक्रवार, 20 नवंबर
- तुलसी विवाह 2026 शनिवार, 21 नवंबर
- देव दीपावली 2026 मंगलवार, 24 नवंबर
- गुरु नानक जयंती 2026 मंगलवार, 24 नवंबर
- कार्तिक पूर्णिमा 2026 मंगलवार, 24 नवंबर
दिल्ली और सभी बड़े शहर एक पेज पर: आज का शुभ मुहूर्त।
शुभ समय स्थान का गुण है, क्योंकि सूर्योदय स्थान का गुण है। दिल्ली के लिए निकाली गई खिड़की चेन्नई में ठीक-ठाक अंतर से गलत होती है, और पूरे साल एक ही दिशा में गलत रहती है।
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