मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
भूमि पूजन मुहूर्त 2026 — घर बनाने की शुभ तारीखें
शुक्र, 30 अक्टूबर 2026
सुबह 6:31 – सुबह 9:04
2026 में भूमि पूजन के 60 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 21 अभी बाकी हैं — अगला शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:31 – सुबह 9:04 है।
उसके बाद: शनि, 31 अक्टूबर · सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- जनवरी—शुक्र अस्त · धनु में सूर्यकोई तारीख नहीं
- फरवरी18, 19, 20, 21, 25, 26, 28अस्त के कारण 6 दिन छोड़े गए7 तारीखें
- मार्च4, 5, 6, 7, 9, 136 तारीखें
- अप्रैल15, 20, 27, 29, 305 तारीखें
- मई1, 4, 7, 8, 11, 13, 147 तारीखें
- जून—अधिक ज्येष्ठ · मिथुन में सूर्यकोई तारीख नहीं
- जुलाई—मिथुन में सूर्य · गुरु अस्तकोई तारीख नहीं
- अगस्त14, 15, 17, 19, 24, 27, 28, 29, 31अस्त के कारण 4 दिन छोड़े गए9 तारीखें
- सितंबर3, 7, 12, 14, 165 तारीखें
- अक्टूबर30, 31अस्त के कारण 6 दिन छोड़े गए2 तारीखें
- नवंबर4, 5, 6, 7, 11, 14, 16, 20, 21, 25, 26, 2812 तारीखें
- दिसंबर2, 3, 4, 5, 11, 12, 147 तारीखें
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
सुबह 6:31 – सुबह 9:04
- मृगशिरा
- अक्टूबर 2026
- शुभ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- पुष्य
- अक्टूबर 2026
- शुभ
बुधवार, 4 नवंबर 2026
रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- नवंबर 2026
- शुभ
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सुबह 6:35 – सुबह 6:36 (6 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- नवंबर 2026
- शुभ
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
सुबह 6:36 – सुबह 6:37 (7 नवंबर)
- हस्त, चित्रा
- नवंबर 2026
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है और सूर्य 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक धनु राशि में है।
- शुभ
बुधवार, 18 फरवरी 2026
शाम 4:58 – रात 9:16
- शतभिषा
- शुक्ल द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 19 फरवरी 2026
रात 8:52 – सुबह 6:55 (20 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026
सुबह 6:55 – दोपहर 2:38
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 21 फरवरी 2026
दोपहर 1:01 – शाम 7:07
- रेवती
- शुक्ल पंचमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 25 फरवरी 2026
रात 2:41 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 26 फरवरी 2026
सुबह 6:49 – दोपहर 12:11
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 28 फरवरी 2026
सुबह 9:35 – सुबह 6:46 (1 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 4 मार्च 2026
शाम 4:49 – सुबह 6:42 (5 मार्च)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 5 मार्च 2026
सुबह 6:42 – सुबह 6:41 (6 मार्च)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
सुबह 6:41 – शाम 5:53
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 7 मार्च 2026
शाम 7:17 – सुबह 6:38 (8 मार्च)
- स्वाति
- कृष्ण पंचमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 9 मार्च 2026
शाम 4:11 – सुबह 6:36 (10 मार्च)
- अनुराधा
- कृष्ण षष्ठी → कृष्ण सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 13 मार्च 2026
रात 3:03 – सुबह 6:32 (14 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण दशमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
दोपहर 3:22 – रात 10:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
सुबह 5:50 – सुबह 7:28
सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल पंचमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 27 अप्रैल 2026
रात 9:18 – सुबह 5:43 (28 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
सुबह 5:42 – शाम 7:52
- हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
रात 9:13 – सुबह 5:40 (1 मई)
- चित्रा, स्वाति
- पूर्णिमा
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 1 मई 2026
सुबह 5:40 – रात 10:53
- स्वाति
- पूर्णिमा
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 4 मई 2026
सुबह 5:38 – सुबह 9:58
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 7 मई 2026
शाम 6:45 – सुबह 5:34 (8 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 8 मई 2026
सुबह 5:34 – रात 9:20
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी → कृष्ण सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 11 मई 2026
दोपहर 3:25 – रात 1:28 (12 मई)
- शतभिषा
- कृष्ण दशमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 13 मई 2026
सुबह 5:31 – सुबह 5:30 (14 मई)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 14 मई 2026
सुबह 5:30 – रात 10:34
- रेवती
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है और सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है।
सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है और गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- शुभ
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
रात 3:42 – सुबह 5:50 (15 अगस्त)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 15 अगस्त 2026
सुबह 5:50 – शाम 5:29
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 17 अगस्त 2026
सुबह 5:51 – सुबह 5:51 (18 अगस्त)
- चित्रा, स्वाति
- शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 19 अगस्त 2026
सुबह 5:52 – सुबह 6:47
- स्वाति
- शुक्ल सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 24 अगस्त 2026
रात 8:28 – सुबह 5:55 (25 अगस्त)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 27 अगस्त 2026
सुबह 9:09 – सुबह 5:56 (28 अगस्त)
- धनिष्ठा, शतभिषा
- पूर्णिमा
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
सुबह 5:56 – सुबह 9:48
- शतभिषा
- पूर्णिमा
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 29 अगस्त 2026
रात 3:42 – सुबह 5:57 (30 अगस्त)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 31 अगस्त 2026
सुबह 5:58 – सुबह 8:51
- रेवती
- कृष्ण तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
रात 12:29 – रात 2:25 (4 सितंबर)
- रोहिणी
- कृष्ण सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 7 सितंबर 2026
शाम 6:14 – सुबह 6:02 (8 सितंबर)
- पुष्य
- कृष्ण द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 12 सितंबर 2026
सुबह 7:46 – सुबह 6:04 (13 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 14 सितंबर 2026
सुबह 6:05 – सुबह 7:07
- चित्रा
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 16 सितंबर 2026
शाम 5:22 – सुबह 6:06 (17 सितंबर)
- अनुराधा
- शुक्ल षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
सुबह 6:31 – सुबह 9:04
- मृगशिरा
- कृष्ण पंचमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 4 नवंबर 2026
रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण एकादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सुबह 6:35 – सुबह 6:36 (6 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
सुबह 6:36 – सुबह 6:37 (7 नवंबर)
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 7 नवंबर 2026
सुबह 6:37 – सुबह 10:48
- चित्रा
- कृष्ण त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 11 नवंबर 2026
सुबह 6:40 – सुबह 11:38
- अनुराधा
- शुक्ल द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 14 नवंबर 2026
रात 8:24 – सुबह 6:43 (15 नवंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 16 नवंबर 2026
रात 2:17 – सुबह 4:20 (17 नवंबर)
- धनिष्ठा
- शुक्ल सप्तमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
सुबह 6:56 – सुबह 6:48 (21 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी (क्षय) → शुक्ल द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – सुबह 5:55 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
शाम 4:50 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 28 नवंबर 2026
दोपहर 12:50 – सुबह 6:54 (29 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 2 दिसंबर 2026
रात 10:52 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण दशमी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026
सुबह 6:57 – सुबह 6:58 (4 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026
सुबह 6:58 – सुबह 6:58 (5 दिसंबर)
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 5 दिसंबर 2026
सुबह 6:58 – सुबह 6:59 (6 दिसंबर)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026
रात 3:04 – सुबह 7:03 (12 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 12 दिसंबर 2026
सुबह 7:03 – दोपहर 2:06
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल तृतीया
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
सुबह 9:12 – सुबह 7:05 (15 दिसंबर)
- धनिष्ठा
- शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 26 नवंबर 2025, सुबह 11:51 | 17 फरवरी 2026, दोपहर 3:08 |
| धनु राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 16 दिसंबर 2025, सुबह 4:20 | 14 जनवरी 2026, दोपहर 3:07 |
| मीन राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 15 मार्च 2026, रात 1:03 | 14 अप्रैल 2026, सुबह 9:32 |
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 17 मई 2026, रात 1:31 | 15 जून 2026, सुबह 8:24 |
| मिथुन राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 15 जून 2026, दोपहर 12:53 | 16 जुलाई 2026, रात 11:39 |
| गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु | 14 जुलाई 2026, शाम 6:04 | 13 अगस्त 2026, दोपहर 3:53 |
| कन्या राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 17 सितंबर 2026, सुबह 7:53 | 17 अक्टूबर 2026, शाम 7:52 |
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 19 अक्टूबर 2026, सुबह 8:15 | 29 अक्टूबर 2026, सुबह 9:40 |
| धनु राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 16 दिसंबर 2026, सुबह 10:25 | 14 जनवरी 2027, रात 9:10 |
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| बुधवार, 21 जनवरी 2026 | शुक्र | 3.4° (सीमा 10°) | सुबह 7:13 – रात 2:47 (22 जनवरी) |
| शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 | शुक्र | 3.9° (सीमा 10°) | दोपहर 2:33 – सुबह 7:12 (24 जनवरी) |
| शनिवार, 24 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.2° (सीमा 10°) | सुबह 7:12 – सुबह 7:12 (25 जनवरी) |
| बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.1° (सीमा 10°) | सुबह 9:27 – सुबह 7:10 (29 जनवरी) |
| गुरुवार, 29 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.3° (सीमा 10°) | सुबह 7:10 – सुबह 5:29 (30 जनवरी) |
| शनिवार, 31 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.8° (सीमा 10°) | सुबह 5:53 – सुबह 7:09 (1 फरवरी) |
| बुधवार, 4 फरवरी 2026 | शुक्र | 6.8° (सीमा 10°) | रात 10:12 – रात 12:10 (5 फरवरी) |
| गुरुवार, 5 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.0° (सीमा 10°) | रात 12:22 – सुबह 7:06 (6 फरवरी) |
| शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.3° (सीमा 10°) | सुबह 7:06 – सुबह 7:05 (7 फरवरी) |
| शनिवार, 7 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.5° (सीमा 10°) | सुबह 7:05 – सुबह 7:04 (8 फरवरी) |
| बुधवार, 11 फरवरी 2026 | शुक्र | 8.5° (सीमा 10°) | सुबह 9:59 – सुबह 10:53 |
| शनिवार, 14 फरवरी 2026 | शुक्र | 9.2° (सीमा 10°) | शाम 6:16 – सुबह 6:59 (15 फरवरी) |
| शनिवार, 18 जुलाई 2026 | गुरु | 7.7° (सीमा 11°) | शाम 6:00 – सुबह 5:35 (19 जुलाई) |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | गुरु | 6.2° (सीमा 11°) | सुबह 5:35 – सुबह 4:03 (21 जुलाई) |
| गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | गुरु | 4.0° (सीमा 11°) | रात 1:42 – सुबह 5:37 (24 जुलाई) |
| शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 | गुरु | 3.3° (सीमा 11°) | सुबह 5:37 – सुबह 4:36 (25 जुलाई) |
| बुधवार, 29 जुलाई 2026 | गुरु | 0.4° (सीमा 11°) | सुबह 5:40 – दोपहर 3:37 |
| गुरुवार, 30 जुलाई 2026 | गुरु | 0.4° (सीमा 11°) | रात 9:30 – सुबह 5:41 (31 जुलाई) |
| शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 | गुरु | 1.1° (सीमा 11°) | सुबह 5:41 – सुबह 5:42 (1 अगस्त) |
| शनिवार, 1 अगस्त 2026 | गुरु | 1.8° (सीमा 11°) | सुबह 5:42 – रात 8:45 |
| सोमवार, 3 अगस्त 2026 | गुरु | 3.3° (सीमा 11°) | सुबह 5:43 – सुबह 5:44 (4 अगस्त) |
| शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 | गुरु | 6.3° (सीमा 11°) | शाम 6:43 – सुबह 5:46 (8 अगस्त) |
| शनिवार, 8 अगस्त 2026 | गुरु | 7.0° (सीमा 11°) | सुबह 5:46 – सुबह 5:46 (9 अगस्त) |
| बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 3.4° (सीमा 8°) | सुबह 6:25 – सुबह 6:25 (22 अक्टूबर) |
| गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 1.8° (सीमा 8°) | सुबह 6:25 – रात 8:49 |
| शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | रात 9:03 – सुबह 6:27 (24 अक्टूबर) |
| शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | सुबह 6:27 – दोपहर 1:37 |
| बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 6.2° (सीमा 8°) | दोपहर 1:26 – रात 1:07 (29 अक्टूबर) |
| गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | शुक्र | 7.8° (सीमा 8°) | रात 10:10 – सुबह 6:31 (30 अक्टूबर) |
- जाँचने को कोई गणना-आधारित सूची नहीं। इस खोज पर दिखने वाली भूमि पूजन सूचियाँ किसी एक नियम से गणना नहीं की गईं — एक तो प्रतिपदा और ज्येष्ठा नक्षत्र में भी तारीख देती है, जिन्हें गृहारंभ के नियम वर्जित करते हैं। यह पेज ऊपर के नियम लागू करता है, और कुछ नहीं।
- सौर या चांद्र मास। कुछ परंपराएँ निर्माण के महीने चांद्र पंचांग से बताती हैं (वैशाख, श्रावण, कार्तिक, मार्गशीर्ष, फाल्गुन), सूर्य की राशि से नहीं। यह पेज सूर्य की राशि मानता है; ज़्यादातर महीनों में दोनों एक ही बात कहते हैं।
- अस्त अंश से या दृष्टि से। गुरु और शुक्र को अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में अस्त माना गया है; जो पंचांग अस्त केवल ग्रह के दिखना बंद होने तक मानते हैं, वे कुछ और दिन खोलते हैं — वे दिन छोड़े गए दिनों की तालिका में हैं।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2026 में भूमि पूजन के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
60। महीनेवार: फरवरी 7, मार्च 6, अप्रैल 5, मई 7, अगस्त 9, सितंबर 5, अक्टूबर 2, नवंबर 12, दिसंबर 7। जनवरी, जून और जुलाई में कोई नहीं।
2026 का अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:31 – सुबह 9:04, मृगशिरा नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में भूमि पूजन मुहूर्त नहीं है?
जनवरी, जून और जुलाई — शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है, सूर्य 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक धनु राशि में है, अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है, सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है और गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
2026 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।
किन महीनों में भूमि पूजन नहीं होता?
जब सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु या मीन — में से किसी में हो। धनु और मीन खरमास के दो महीने हैं; मिथुन जून-जुलाई में और कन्या सितंबर-अक्टूबर में पड़ती है।
क्या भूमि पूजन और गृह प्रवेश एक ही हैं?
नहीं। भूमि पूजन से भूखंड पर निर्माण शुरू होता है; गृह प्रवेश बने हुए घर में प्रवेश है, जिसके अपने नियम और अपनी सूची है।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।