मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
सोना खरीदने का मुहूर्त 2027 — पुष्य नक्षत्र और सोना खरीदने के शुभ दिन
शुक्र, 22 जनवरी 2027
सुबह 10:25 – सुबह 7:13 (23 जनवरी)
2027 में सोने की खरीद के 23 शुभ मुहूर्त हैं; पहला शुक्रवार, 22 जनवरी 2027 को और अंतिम गुरुवार, 16 दिसंबर 2027 को है। गुरु पुष्य: 18 फरवरी 2027, 18 मार्च 2027, 15 अप्रैल 2027, 18 नवंबर 2027 और 16 दिसंबर 2027। अक्षय तृतीया रविवार, 9 मई 2027 को और धनतेरस बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 को है।
उसके बाद: गुरु, 18 फरवरी · रात 9:06 – सुबह 6:56 (19 फरवरी)
- जनवरी221 तारीख
- फरवरी18, 192 तारीखें
- मार्च17, 182 तारीखें
- अप्रैल14, 152 तारीखें
- मई11, 122 तारीखें
- जून7, 82 तारीखें
- जुलाई5, 62 तारीखें
- अगस्त1, 2, 293 तारीखें
- सितंबर25, 262 तारीखें
- अक्टूबर22, 232 तारीखें
- नवंबर18, 192 तारीखें
- दिसंबर161 तारीख
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त पुष्य नक्षत्र का एक हिस्सा है, सूर्योदय पर वैदिक दिनों में बँटा, अपनी तिथि और वार के साथ।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- पुष्य
- अक्टूबर 2026
- रवि पुष्य
रविवार, 1 नवंबर 2026
सुबह 6:32 – सुबह 4:30 (2 नवंबर)
- पुष्य
- नवंबर 2026
- शुभ
शनिवार, 28 नवंबर 2026
दोपहर 12:50 – सुबह 6:54 (29 नवंबर)
- पुष्य
- नवंबर 2026
- रवि पुष्य
रविवार, 29 नवंबर 2026
सुबह 6:54 – सुबह 10:59
- पुष्य
- नवंबर 2026
- शुभ
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026
रात 10:50 – सुबह 7:11 (26 दिसंबर)
- पुष्य
- दिसंबर 2026
सोने के लिए माने जाने वाले दो पर्व तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं, इसलिए वे पुष्य की तारीखों के साथ यहाँ अलग दिए हैं — नई दिल्ली के लिए उन्हीं मुहूर्तों के साथ जो त्योहार पेज दिखाते हैं।
| पर्व | दिन | सोना खरीदने का समय |
|---|---|---|
| अक्षय तृतीया | रविवार, 9 मई 2027 | सुबह 11:43 (8 मई) से सुबह 5:34 तक; सुबह 5:34 से सुबह 9:03 तक |
| धनतेरस | बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 | लाभ: सुबह 6:29 से सुबह 7:53 तक; अमृत: सुबह 7:53 से सुबह 9:16 तक; शुभ: सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 तक; चर: दोपहर 2:52 से शाम 4:16 तक; लाभ: शाम 4:16 से शाम 5:40 तक; शुभ: शाम 7:16 से रात 8:52 तक; अमृत: रात 8:52 से रात 10:29 तक; चर: रात 10:29 से रात 10:50 तक |
- शुभ
शुक्रवार, 22 जनवरी 2027
सुबह 10:25 – सुबह 7:13 (23 जनवरी)
- पुष्य
- पूर्णिमा → कृष्ण प्रतिपदा
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 18 फरवरी 2027
रात 9:06 – सुबह 6:56 (19 फरवरी)
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
शुक्रवार, 19 फरवरी 2027
सुबह 6:56 – शाम 6:35
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी → शुक्ल चतुर्दशी
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- शुभ
बुधवार, 17 मार्च 2027
सुबह 5:07 – सुबह 6:27 (18 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल एकादशी
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 18 मार्च 2027
सुबह 6:27 – रात 3:21 (19 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल एकादशी → शुक्ल द्वादशी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
बुधवार, 14 अप्रैल 2027
सुबह 10:52 – सुबह 5:56 (15 अप्रैल)
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमी
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
सुबह 5:56 – सुबह 9:33
- पुष्य
- शुक्ल नवमी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
मंगलवार, 11 मई 2027
शाम 4:26 – सुबह 5:32 (12 मई)
- पुष्य
- शुक्ल षष्ठी → शुक्ल सप्तमी
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- शुभ
बुधवार, 12 मई 2027
सुबह 5:32 – दोपहर 2:56
- पुष्य
- शुक्ल सप्तमी
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- शुभ
सोमवार, 7 जून 2027
रात 11:45 – सुबह 5:22 (8 जून)
- पुष्य
- शुक्ल चतुर्थी
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
- शुभ
मंगलवार, 8 जून 2027
सुबह 5:22 – रात 9:37
- पुष्य
- शुक्ल चतुर्थी → शुक्ल पंचमी
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- शुभ
सोमवार, 5 जुलाई 2027
सुबह 9:19 – सुबह 5:28 (6 जुलाई)
- पुष्य
- शुक्ल द्वितीया → शुक्ल तृतीया
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
- शुभ
मंगलवार, 6 जुलाई 2027
सुबह 5:28 – सुबह 6:34
- पुष्य
- शुक्ल तृतीया
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- रवि पुष्य
रविवार, 1 अगस्त 2027
रात 8:05 – सुबह 5:42 (2 अगस्त)
- पुष्य
- अमावस्या
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
सोमवार, 2 अगस्त 2027
सुबह 5:42 – शाम 5:09
- पुष्य
- अमावस्या → शुक्ल प्रतिपदा
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
- रवि पुष्य
रविवार, 29 अगस्त 2027
सुबह 6:17 – रात 3:45 (30 अगस्त)
- पुष्य
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- पितृ पक्ष में
शनिवार, 25 सितंबर 2027
दोपहर 2:27 – सुबह 6:11 (26 सितंबर)
- पुष्य
- कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में कई परिवार कुछ नया नहीं खरीदते
- पितृ पक्ष में
रविवार, 26 सितंबर 2027
सुबह 6:11 – दोपहर 12:38
- पुष्य
- कृष्ण एकादशी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में कई परिवार कुछ नया नहीं खरीदते; रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027
रात 8:25 – सुबह 6:26 (23 अक्टूबर)
- पुष्य
- कृष्ण अष्टमी
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- शुभ
शनिवार, 23 अक्टूबर 2027
सुबह 6:26 – शाम 7:07
- पुष्य
- कृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 18 नवंबर 2027
रात 1:52 – सुबह 6:46 (19 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण षष्ठी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027
सुबह 6:46 – रात 12:27 (20 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण षष्ठी → कृष्ण सप्तमी
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 16 दिसंबर 2027
सुबह 9:13 – सुबह 7:06 (17 दिसंबर)
- पुष्य
- कृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- ये नियम कहाँ से: सोना खरीदने का कोई संस्कार-नियम ग्रंथों में नहीं है। पंचांग इसके लिए पुष्य नक्षत्र बताते हैं — वह एक नक्षत्र जो किसी भी वार या तिथि पर खरीद को शुभ बनाता माना जाता है — और सबसे अधिक गुरु पुष्य, यानी गुरुवार को पुष्य। यह सूची साल के हर पुष्य नक्षत्र की है; अक्षय तृतीया और धनतेरस, सोने के लिए माने जाने वाले दो पर्व, अपने-अपने मुहूर्त के साथ इसके साथ दिए गए हैं।
- वार: कोई भी वार — यह नियम वार नहीं देखता।
- नक्षत्र: चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में हो।
- तिथि: कोई भी — यह नियम तिथि नहीं देखता।
- मौसम: कोई नियम नहीं। पुष्य किसी भी महीने में लिया जाता है: खरमास, चातुर्मास या गुरु-शुक्र अस्त यहाँ खरीद के नियम नहीं हैं; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा इस साइट पर हर खरीद के लिए है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- गुरु पुष्य और रवि पुष्य: गुरुवार (गुरु पुष्य) या रविवार (रवि पुष्य) को पुष्य सोने के लिए सबसे अधिक माना जाता है, और ये पंक्तियाँ चिह्नित हैं — 2027 में 5 गुरु पुष्य और 3 रवि पुष्य के दिन। वार वैदिक है, जो सूर्योदय से बदलता है, इसलिए बुधवार रात शुरू होने वाला पुष्य गुरुवार के सूर्योदय तक बुधवार की पंक्ति में है।
- अक्षय तृतीया और धनतेरस: सोने के लिए माने जाने वाले ये दो पर्व तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं। इनके मुहूर्त अपनी अलग तालिका में हैं — अक्षय तृतीया पर पूरी तृतीया, धनतेरस पर त्रयोदशी रहते शुभ चौघड़िया — त्योहार पेजों के उसी इंजन से निकाले गए।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध के पखवाड़े (15 सितंबर 2027 – 30 सितंबर 2027) का पुष्य रखा गया है और चिह्नित है — 2027 में 2 पंक्तियाँ। परंपराएँ अलग हैं: कई परिवार पितृ पक्ष में कुछ नया नहीं खरीदते, जबकि कुछ मानते हैं कि पुष्य तब भी खरीद को शुभ बनाता है।
- पुष्य और विवाह: जो नक्षत्र खरीद को शुभ बनाता है, वह विवाह में नहीं लिया जाता; विवाह सूची एक अलग नियम से पुष्य को छोड़ती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: खरीदार की अपनी कुंडली और उस दिन का राहु काल। कई परिवार खरीद में राहु काल टालते हैं; यहाँ के मुहूर्त उसे नहीं काटते, इसलिए अपने शहर का उस दिन का राहु काल देख लें।
- हर वैदिक दिन की अलग पंक्ति। कुछ सूचियाँ हर पुष्य की एक ही तारीख छापती हैं — जिस दिन वह शुरू हो, या जिस दिन उसका ज़्यादा हिस्सा पड़े। यह पेज हर वह वैदिक दिन देता है जिसे यह नक्षत्र छूता है, अपने समय के साथ, इसलिए सूर्योदय के पार जाने वाला पुष्य दो पंक्तियाँ बनता है।
- दूसरे नक्षत्र। कुछ लेख आभूषण के लिए रोहिणी, हस्त, चित्रा या रेवती भी बताते हैं; यह सूची पुष्य तक रहती है, वह एक नक्षत्र जिसे हर पंचांग सोने के लिए बताता है।
- अधिक मास। अधिक (मल) मास में पड़ने वाला पुष्य छोड़ा गया है, जैसे इस साइट पर हर खरीद के लिए; जो सूचियाँ अधिक मास बंद नहीं करतीं, वे उसे छापती हैं।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2027 में सोने की खरीद के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
23। महीनेवार: जनवरी 1, फरवरी 2, मार्च 2, अप्रैल 2, मई 2, जून 2, जुलाई 2, अगस्त 3, सितंबर 2, अक्टूबर 2, नवंबर 2, दिसंबर 1।
2027 का पहला सोना खरीदने का मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 22 जनवरी 2027 को सुबह 10:25 – सुबह 7:13 (23 जनवरी), पुष्य नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
सोना खरीदने के लिए पुष्य नक्षत्र शुभ क्यों है?
पुष्य, जिसके देवता बृहस्पति हैं, क्षिप्र (लघु) नक्षत्रों में गिना जाता है और सत्ताईस नक्षत्रों में सबसे पोषक माना जाता है; परंपरा कहती है कि इसमें खरीदी चीज़ टिकती और बढ़ती है। यही एक नक्षत्र है जिसे पंचांग किसी भी वार और तिथि पर खरीद के लिए बताते हैं — पर विवाह के लिए नहीं।
क्या अक्षय तृतीया और धनतेरस इस सूची में हैं?
वे इसके साथ, अपनी अलग तालिका में हैं: दोनों तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं। अक्षय तृतीया पर पूरी तृतीया सोने का समय है; धनतेरस पर त्रयोदशी रहते शुभ चौघड़िया।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।