मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
सोना खरीदने का मुहूर्त 2026 — पुष्य नक्षत्र और सोना खरीदने के शुभ दिन
शनि, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
2026 में सोने की खरीद के 26 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 6 अभी बाकी हैं — अगला शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर) है। गुरु पुष्य: 23 अप्रैल 2026 और 18 जून 2026। अक्षय तृतीया रविवार, 19 अप्रैल 2026 को और धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।
उसके बाद: रवि, 1 नवंबर · सुबह 6:32 – सुबह 4:30 (2 नवंबर)
- जनवरी4, 5, 313 तारीखें
- फरवरी1, 282 तारीखें
- मार्च1, 27, 283 तारीखें
- अप्रैल23, 242 तारीखें
- मई—अधिक ज्येष्ठकोई तारीख नहीं
- जून17, 182 तारीखें
- जुलाई14, 152 तारीखें
- अगस्त11, 122 तारीखें
- सितंबर7, 82 तारीखें
- अक्टूबर4, 5, 313 तारीखें
- नवंबर1, 28, 293 तारीखें
- दिसंबर25, 262 तारीखें
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त पुष्य नक्षत्र का एक हिस्सा है, सूर्योदय पर वैदिक दिनों में बँटा, अपनी तिथि और वार के साथ।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- पुष्य
- अक्टूबर 2026
- रवि पुष्य
रविवार, 1 नवंबर 2026
सुबह 6:32 – सुबह 4:30 (2 नवंबर)
- पुष्य
- नवंबर 2026
- शुभ
शनिवार, 28 नवंबर 2026
दोपहर 12:50 – सुबह 6:54 (29 नवंबर)
- पुष्य
- नवंबर 2026
- रवि पुष्य
रविवार, 29 नवंबर 2026
सुबह 6:54 – सुबह 10:59
- पुष्य
- नवंबर 2026
- शुभ
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026
रात 10:50 – सुबह 7:11 (26 दिसंबर)
- पुष्य
- दिसंबर 2026
सोने के लिए माने जाने वाले दो पर्व तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं, इसलिए वे पुष्य की तारीखों के साथ यहाँ अलग दिए हैं — नई दिल्ली के लिए उन्हीं मुहूर्तों के साथ जो त्योहार पेज दिखाते हैं।
| पर्व | दिन | सोना खरीदने का समय |
|---|---|---|
| अक्षय तृतीया | रविवार, 19 अप्रैल 2026 | सुबह 10:49 से सुबह 5:50 (20 अप्रैल) तक; 20 अप्रैल, सुबह 5:50 से सुबह 7:28 तक |
| धनतेरस | शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | अमृत: सुबह 10:31 से सुबह 10:42 तक; शुभ: दोपहर 12:04 से दोपहर 1:26 तक; चर: शाम 4:10 से शाम 5:32 तक; लाभ: रात 8:48 से रात 10:26 तक; शुभ: 7 नवंबर, रात 12:04 से रात 1:43 तक; अमृत: 7 नवंबर, रात 1:43 से रात 3:21 तक; चर: 7 नवंबर, रात 3:21 से सुबह 4:59 तक; शुभ: 7 नवंबर, सुबह 7:59 से सुबह 9:20 तक |
- रवि पुष्य
रविवार, 4 जनवरी 2026
दोपहर 3:11 – सुबह 7:14 (5 जनवरी)
- पुष्य
- कृष्ण द्वितीया
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
सोमवार, 5 जनवरी 2026
सुबह 7:14 – दोपहर 1:25
- पुष्य
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
- शुभ
शनिवार, 31 जनवरी 2026
रात 1:34 – सुबह 7:09 (1 फरवरी)
- पुष्य
- शुक्ल चतुर्दशी (क्षय) → पूर्णिमा
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- रवि पुष्य
रविवार, 1 फरवरी 2026
सुबह 7:09 – रात 11:58
- पुष्य
- पूर्णिमा
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
शनिवार, 28 फरवरी 2026
सुबह 9:35 – सुबह 6:46 (1 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- रवि पुष्य
रविवार, 1 मार्च 2026
सुबह 6:46 – सुबह 8:34
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
शुक्रवार, 27 मार्च 2026
दोपहर 3:24 – सुबह 6:15 (28 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल दशमी
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- शुभ
शनिवार, 28 मार्च 2026
सुबह 6:15 – दोपहर 2:50
- पुष्य
- शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
रात 8:57 – सुबह 5:46 (24 अप्रैल)
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
सुबह 5:46 – रात 8:14
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमी
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- शुभ
बुधवार, 17 जून 2026
दोपहर 1:37 – सुबह 5:23 (18 जून)
- पुष्य
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- गुरु पुष्य
गुरुवार, 18 जून 2026
सुबह 5:23 – सुबह 11:32
- पुष्य
- शुक्ल चतुर्थी
- पुष्य नक्षत्र, गुरुवार
गुरु पुष्य — गुरुवार को पुष्य, सोने के लिए सबसे अधिक माना जाने वाला दिन
- शुभ
मंगलवार, 14 जुलाई 2026
रात 12:09 – सुबह 5:32 (15 जुलाई)
- पुष्य
- शुक्ल प्रतिपदा
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- शुभ
बुधवार, 15 जुलाई 2026
सुबह 5:32 – रात 9:46
- पुष्य
- शुक्ल प्रतिपदा → शुक्ल द्वितीया
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- शुभ
मंगलवार, 11 अगस्त 2026
सुबह 10:09 – सुबह 5:48 (12 अगस्त)
- पुष्य
- कृष्ण चतुर्दशी → अमावस्या
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- शुभ
बुधवार, 12 अगस्त 2026
सुबह 5:48 – सुबह 8:00
- पुष्य
- अमावस्या
- पुष्य नक्षत्र, बुधवार
- शुभ
सोमवार, 7 सितंबर 2026
शाम 6:14 – सुबह 6:02 (8 सितंबर)
- पुष्य
- कृष्ण द्वादशी
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
- शुभ
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
सुबह 6:02 – शाम 4:39
- पुष्य
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- पुष्य नक्षत्र, मंगलवार
- पितृ पक्ष में
रविवार, 4 अक्टूबर 2026
रात 12:14 – सुबह 6:15 (5 अक्टूबर)
- पुष्य
- कृष्ण नवमी → कृष्ण दशमी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में कई परिवार कुछ नया नहीं खरीदते; रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- पितृ पक्ष में
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
सुबह 6:15 – रात 11:09
- पुष्य
- कृष्ण दशमी
- पुष्य नक्षत्र, सोमवार
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में कई परिवार कुछ नया नहीं खरीदते
- शुभ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण सप्तमी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- रवि पुष्य
रविवार, 1 नवंबर 2026
सुबह 6:32 – सुबह 4:30 (2 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
शनिवार, 28 नवंबर 2026
दोपहर 12:50 – सुबह 6:54 (29 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
- रवि पुष्य
रविवार, 29 नवंबर 2026
सुबह 6:54 – सुबह 10:59
- पुष्य
- कृष्ण षष्ठी
- पुष्य नक्षत्र, रविवार
रवि पुष्य — रविवार को पुष्य
- शुभ
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026
रात 10:50 – सुबह 7:11 (26 दिसंबर)
- पुष्य
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- पुष्य नक्षत्र, शुक्रवार
- शुभ
शनिवार, 26 दिसंबर 2026
सुबह 7:11 – रात 8:13
- पुष्य
- कृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थी
- पुष्य नक्षत्र, शनिवार
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 17 मई 2026, रात 1:31 | 15 जून 2026, सुबह 8:24 |
- ये नियम कहाँ से: सोना खरीदने का कोई संस्कार-नियम ग्रंथों में नहीं है। पंचांग इसके लिए पुष्य नक्षत्र बताते हैं — वह एक नक्षत्र जो किसी भी वार या तिथि पर खरीद को शुभ बनाता माना जाता है — और सबसे अधिक गुरु पुष्य, यानी गुरुवार को पुष्य। यह सूची साल के हर पुष्य नक्षत्र की है; अक्षय तृतीया और धनतेरस, सोने के लिए माने जाने वाले दो पर्व, अपने-अपने मुहूर्त के साथ इसके साथ दिए गए हैं।
- वार: कोई भी वार — यह नियम वार नहीं देखता।
- नक्षत्र: चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में हो।
- तिथि: कोई भी — यह नियम तिथि नहीं देखता।
- मौसम: कोई नियम नहीं। पुष्य किसी भी महीने में लिया जाता है: खरमास, चातुर्मास या गुरु-शुक्र अस्त यहाँ खरीद के नियम नहीं हैं; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा इस साइट पर हर खरीद के लिए है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु पुष्य और रवि पुष्य: गुरुवार (गुरु पुष्य) या रविवार (रवि पुष्य) को पुष्य सोने के लिए सबसे अधिक माना जाता है, और ये पंक्तियाँ चिह्नित हैं — 2026 में 2 गुरु पुष्य और 6 रवि पुष्य के दिन। वार वैदिक है, जो सूर्योदय से बदलता है, इसलिए बुधवार रात शुरू होने वाला पुष्य गुरुवार के सूर्योदय तक बुधवार की पंक्ति में है।
- अक्षय तृतीया और धनतेरस: सोने के लिए माने जाने वाले ये दो पर्व तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं। इनके मुहूर्त अपनी अलग तालिका में हैं — अक्षय तृतीया पर पूरी तृतीया, धनतेरस पर त्रयोदशी रहते शुभ चौघड़िया — त्योहार पेजों के उसी इंजन से निकाले गए।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध के पखवाड़े (26 सितंबर 2026 – 10 अक्टूबर 2026) का पुष्य रखा गया है और चिह्नित है — 2026 में 2 पंक्तियाँ। परंपराएँ अलग हैं: कई परिवार पितृ पक्ष में कुछ नया नहीं खरीदते, जबकि कुछ मानते हैं कि पुष्य तब भी खरीद को शुभ बनाता है।
- पुष्य और विवाह: जो नक्षत्र खरीद को शुभ बनाता है, वह विवाह में नहीं लिया जाता; विवाह सूची एक अलग नियम से पुष्य को छोड़ती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: खरीदार की अपनी कुंडली और उस दिन का राहु काल। कई परिवार खरीद में राहु काल टालते हैं; यहाँ के मुहूर्त उसे नहीं काटते, इसलिए अपने शहर का उस दिन का राहु काल देख लें।
- हर वैदिक दिन की अलग पंक्ति। कुछ सूचियाँ हर पुष्य की एक ही तारीख छापती हैं — जिस दिन वह शुरू हो, या जिस दिन उसका ज़्यादा हिस्सा पड़े। यह पेज हर वह वैदिक दिन देता है जिसे यह नक्षत्र छूता है, अपने समय के साथ, इसलिए सूर्योदय के पार जाने वाला पुष्य दो पंक्तियाँ बनता है।
- दूसरे नक्षत्र। कुछ लेख आभूषण के लिए रोहिणी, हस्त, चित्रा या रेवती भी बताते हैं; यह सूची पुष्य तक रहती है, वह एक नक्षत्र जिसे हर पंचांग सोने के लिए बताता है।
- अधिक मास। अधिक (मल) मास में पड़ने वाला पुष्य छोड़ा गया है, जैसे इस साइट पर हर खरीद के लिए; जो सूचियाँ अधिक मास बंद नहीं करतीं, वे उसे छापती हैं।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2026 में सोने की खरीद के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
26। महीनेवार: जनवरी 3, फरवरी 2, मार्च 3, अप्रैल 2, जून 2, जुलाई 2, अगस्त 2, सितंबर 2, अक्टूबर 3, नवंबर 3, दिसंबर 2। मई में कोई नहीं।
2026 का अगला सोना खरीदने का मुहूर्त कब है?
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:39 – सुबह 6:32 (1 नवंबर), पुष्य नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में सोना खरीदने का मुहूर्त नहीं है?
मई — अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
सोना खरीदने के लिए पुष्य नक्षत्र शुभ क्यों है?
पुष्य, जिसके देवता बृहस्पति हैं, क्षिप्र (लघु) नक्षत्रों में गिना जाता है और सत्ताईस नक्षत्रों में सबसे पोषक माना जाता है; परंपरा कहती है कि इसमें खरीदी चीज़ टिकती और बढ़ती है। यही एक नक्षत्र है जिसे पंचांग किसी भी वार और तिथि पर खरीद के लिए बताते हैं — पर विवाह के लिए नहीं।
क्या अक्षय तृतीया और धनतेरस इस सूची में हैं?
वे इसके साथ, अपनी अलग तालिका में हैं: दोनों तिथि के दिन हैं, पुष्य के नहीं। अक्षय तृतीया पर पूरी तृतीया सोने का समय है; धनतेरस पर त्रयोदशी रहते शुभ चौघड़िया।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।