मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
विवाह मुहूर्त 2026 — शादी की शुभ तारीखें
शनि, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
2026 में विवाह के 57 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 12 अभी बाकी हैं — अगला शनिवार, 21 नवंबर 2026 को सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर) है।
उसके बाद: मंगल, 24 नवंबर · रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- जनवरी—शुक्र अस्त · खरमासकोई तारीख नहीं
- फरवरी19, 20, 21, 25, 26अस्त के कारण 9 दिन छोड़े गए5 तारीखें
- मार्च2, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 128 तारीखें
- अप्रैल15, 19, 20, 21, 25, 26, 28, 298 तारीखें
- मई1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 148 तारीखें
- जून19, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 2910 तारीखें
- जुलाई1, 6, 7, 8, 11, 12अस्त के कारण 7 दिन छोड़े गए6 तारीखें
- अगस्त—गुरु अस्त · चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- सितंबर—चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- अक्टूबर—चातुर्मास · शुक्र अस्तकोई तारीख नहीं
- नवंबर21, 24, 25, 26, 305 तारीखें
- दिसंबर2, 3, 4, 5, 6, 11, 127 तारीखें
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- नवंबर 2026
- शुभ
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- रोहिणी
- नवंबर 2026
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
सुबह 6:51 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- नवंबर 2026
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- नवंबर 2026
- शुभ
सोमवार, 30 नवंबर 2026
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:27
- मघा
- नवंबर 2026
विवाह का मौसम चातुर्मास बीतने पर खुलता है और खरमास में, धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक, रुकता है। इसका हर महीना, और महीने के बाकी दिन क्यों बंद हैं, नई दिल्ली के लिए:
| महीना | संख्या | तारीखें | बाकी दिन क्यों बंद |
|---|---|---|---|
| नवंबर 2026 | 5 | 21, 24, 25, 26, 30 | चातुर्मास 20 नवंबर तक |
| दिसंबर 2026 | 7 | 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 | खरमास 16 दिसंबर से |
| जनवरी 2027 | 9 | 15, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 31 | खरमास 14 जनवरी तक |
| फरवरी 2027 | 13 | 2, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28 | कोई वर्जित अवधि नहीं |
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2025) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) तक है।
- शुभ
गुरुवार, 19 फरवरी 2026
रात 8:52 – सुबह 6:55 (20 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026
सुबह 6:55 – रात 1:52 (21 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शनिवार, 21 फरवरी 2026
दोपहर 1:01 – शाम 7:07
- रेवती
- शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 25 फरवरी 2026
रात 1:28 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- मृगशिरा
- शुक्ल नवमी → शुक्ल दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 26 फरवरी 2026
सुबह 6:49 – दोपहर 12:11
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 2 मार्च 2026
दोपहर 12:19 – शाम 5:56
सुबह 5:28 – सुबह 6:44 (3 मार्च)
- मघा
- शुक्ल चतुर्दशी → पूर्णिमा
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
मंगलवार, 3 मार्च 2026
सुबह 6:44 – सुबह 7:31
- मघा
- पूर्णिमा
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 4 मार्च 2026
सुबह 7:39 – सुबह 8:52
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण कौलव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 7 मार्च 2026
सुबह 11:15 – सुबह 6:38 (8 मार्च)
- स्वाति
- कृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
रविवार, 8 मार्च 2026
सुबह 6:38 – सुबह 7:04
- स्वाति
- कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 9 मार्च 2026
शाम 4:11 – रात 11:27
- अनुराधा
- कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 11 मार्च 2026
रात 10:00 – सुबह 6:34 (12 मार्च)
- मूल
- कृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
गुरुवार, 12 मार्च 2026
सुबह 6:34 – सुबह 9:58
- मूल
- कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
दोपहर 3:22 – रात 10:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 19 अप्रैल 2026
सुबह 4:35 – सुबह 5:50 (20 अप्रैल)
- रोहिणी
- शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
सुबह 5:50 – शाम 5:50
सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी (क्षय) → शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण गरज / वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
मंगलवार, 21 अप्रैल 2026
सुबह 5:49 – दोपहर 12:31
- मृगशिरा
- शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 25 अप्रैल 2026
रात 11:43 – सुबह 5:44 (26 अप्रैल)
- मघा
- शुक्ल दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 26 अप्रैल 2026
सुबह 5:44 – रात 8:27
- मघा
- शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
रात 9:04 – सुबह 5:42 (29 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
सुबह 5:42 – रात 8:51
- हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी → शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शुक्रवार, 1 मई 2026
सुबह 10:00 – रात 9:13
- स्वाति
- पूर्णिमा
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 3 मई 2026
सुबह 7:10 – रात 10:28
- अनुराधा
- कृष्ण द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 5 मई 2026
दोपहर 12:54 – सुबह 5:36 (6 मई)
- मूल
- कृष्ण चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 6 मई 2026
सुबह 5:36 – दोपहर 3:53
- मूल
- कृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 7 मई 2026
शाम 6:45 – सुबह 5:34 (8 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 8 मई 2026
सुबह 5:34 – दोपहर 12:22
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 13 मई 2026
रात 8:54 – सुबह 5:30 (14 मई)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 14 मई 2026
सुबह 5:30 – रात 10:34
- रेवती
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 19 जून 2026
सुबह 10:07 – दोपहर 2:53
- मघा
- शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 21 जून 2026
सुबह 9:31 – सुबह 11:21
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 22 जून 2026
सुबह 10:31 – सुबह 5:24 (23 जून)
- हस्त
- शुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 23 जून 2026
सुबह 5:24 – सुबह 10:13
- हस्त
- शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 24 जून 2026
दोपहर 1:59 – सुबह 5:24 (25 जून)
- स्वाति
- शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 25 जून 2026
सुबह 5:24 – सुबह 7:08
- स्वाति
- शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 26 जून 2026
शाम 7:16 – सुबह 5:25 (27 जून)
- अनुराधा
- शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 27 जून 2026
सुबह 5:25 – रात 10:11
- अनुराधा
- शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 28 जून 2026
रात 1:09 – रात 3:06 (29 जून)
- मूल
- शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
सोमवार, 29 जून 2026
शाम 4:17 – सुबह 4:03 (30 जून)
- मूल
- पूर्णिमा
- विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 1 जुलाई 2026
सुबह 6:51 – शाम 4:04
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 6 जुलाई 2026
रात 1:41 – सुबह 5:29 (7 जुलाई)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 7 जुलाई 2026
सुबह 5:29 – दोपहर 2:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 8 जुलाई 2026
दोपहर 12:38 – शाम 4:00
- रेवती
- कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शनिवार, 11 जुलाई 2026
रात 12:05 – सुबह 5:31 (12 जुलाई)
- रोहिणी
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 12 जुलाई 2026
सुबह 5:31 – रात 10:30
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है और शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है।
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- रोहिणी
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
सुबह 6:51 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 30 नवंबर 2026
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:27
- मघा
- कृष्ण सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 2 दिसंबर 2026
सुबह 10:31 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण नवमी → कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026
सुबह 6:57 – सुबह 10:54
रात 11:04 – सुबह 6:58 (4 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026
सुबह 6:58 – सुबह 10:23
- हस्त
- कृष्ण एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 5 दिसंबर 2026
सुबह 11:49 – सुबह 6:59 (6 दिसंबर)
- स्वाति
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 6 दिसंबर 2026
सुबह 6:59 – सुबह 7:41
- स्वाति
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026
रात 3:04 – सुबह 7:03 (12 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 12 दिसंबर 2026
सुबह 7:03 – रात 3:28 (13 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 26 नवंबर 2025, सुबह 11:51 | 17 फरवरी 2026, दोपहर 3:08 |
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2025, सुबह 4:20 | 14 जनवरी 2026, दोपहर 3:07 |
| खरमास — मीन राशि में सूर्य | 15 मार्च 2026, रात 1:03 | 14 अप्रैल 2026, सुबह 9:32 |
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 17 मई 2026, रात 1:31 | 15 जून 2026, सुबह 8:24 |
| गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु | 14 जुलाई 2026, शाम 6:04 | 13 अगस्त 2026, दोपहर 3:53 |
| चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी | 24 जुलाई 2026, सुबह 9:13 | 20 नवंबर 2026, सुबह 7:16 |
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 19 अक्टूबर 2026, सुबह 8:15 | 29 अक्टूबर 2026, सुबह 9:40 |
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2026, सुबह 10:25 | 14 जनवरी 2027, रात 9:10 |
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 15 जनवरी 2026 | शुक्र | 2.0° (सीमा 10°) | सुबह 5:47 – सुबह 7:14 (16 जनवरी) |
| शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 | शुक्र | 2.2° (सीमा 10°) | सुबह 7:14 – रात 9:06 |
| शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 | शुक्र | 3.9° (सीमा 10°) | दोपहर 3:59 – सुबह 7:12 (24 जनवरी) |
| शनिवार, 24 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.2° (सीमा 10°) | सुबह 7:12 – सुबह 7:12 (25 जनवरी) |
| रविवार, 25 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.4° (सीमा 10°) | सुबह 7:12 – दोपहर 1:35 |
| बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.1° (सीमा 10°) | सुबह 9:27 – रात 3:17 (29 जनवरी) |
| गुरुवार, 29 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.3° (सीमा 10°) | दोपहर 1:55 – रात 8:27 |
| सोमवार, 2 फरवरी 2026 | शुक्र | 6.3° (सीमा 10°) | रात 10:47 – सुबह 7:08 (3 फरवरी) |
| मंगलवार, 3 फरवरी 2026 | शुक्र | 6.5° (सीमा 10°) | सुबह 7:08 – रात 10:10 |
| बुधवार, 4 फरवरी 2026 | शुक्र | 6.8° (सीमा 10°) | रात 1:04 – सुबह 7:06 (5 फरवरी) |
| गुरुवार, 5 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.0° (सीमा 10°) | सुबह 7:06 – सुबह 7:06 (6 फरवरी) |
| शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.3° (सीमा 10°) | सुबह 7:06 – रात 11:37 |
| रविवार, 8 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.8° (सीमा 10°) | रात 12:08 – सुबह 5:02 (9 फरवरी) |
| मंगलवार, 10 फरवरी 2026 | शुक्र | 8.2° (सीमा 10°) | सुबह 7:55 – रात 1:42 (11 फरवरी) |
| गुरुवार, 12 फरवरी 2026 | शुक्र | 8.7° (सीमा 10°) | दोपहर 1:42 – रात 3:06 (13 फरवरी) |
| शनिवार, 14 फरवरी 2026 | शुक्र | 9.2° (सीमा 10°) | शाम 6:16 – रात 3:17 (15 फरवरी) |
| गुरुवार, 16 जुलाई 2026 | गुरु | 9.2° (सीमा 11°) | शाम 7:52 – रात 1:22 (17 जुलाई) |
| शनिवार, 18 जुलाई 2026 | गुरु | 7.7° (सीमा 11°) | शाम 6:00 – रात 8:45 |
| रविवार, 19 जुलाई 2026 | गुरु | 7.0° (सीमा 11°) | शाम 7:23 – सुबह 5:35 (20 जुलाई) |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | गुरु | 6.2° (सीमा 11°) | सुबह 5:35 – शाम 7:09 |
| मंगलवार, 21 जुलाई 2026 | गुरु | 5.5° (सीमा 11°) | रात 8:49 – सुबह 5:36 (22 जुलाई) |
| बुधवार, 22 जुलाई 2026 | गुरु | 4.8° (सीमा 11°) | सुबह 5:36 – रात 11:03 |
| गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | गुरु | 4.0° (सीमा 11°) | रात 1:42 – सुबह 5:37 (24 जुलाई) |
- अस्त अंश से या दृष्टि से। यह पेज गुरु या शुक्र को तब अस्त मानता है जब वे अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में हों। कुछ पंचांग अस्त तब मानते हैं जब ग्रह सचमुच सूर्य की चमक में दिखना बंद हो जाए, जो छोटी अवधि होती है — इसलिए वे ऊपर की ‘अस्त के कारण छोड़े गए दिन’ तालिका के 23 दिनों में से कुछ को भी सूची में रखते हैं।
- रिक्ता तिथि। यहाँ ये हटाई नहीं गईं, चिह्नित की गई हैं — बड़े पंचांग विवाह के लिए इन्हें मान्य रखते हैं।
- खरमास और चातुर्मास। कुछ प्रकाशित सूचियों में इन अवधियों के भीतर की तारीखें भी मिलती हैं; यह पेज शास्त्रीय नियम मानकर दोनों को छोड़ता है।
- अतिरिक्त दोष और लग्न। कुछ पंचांग हर दिन को और दोषों पर भी जाँचते हैं, जिससे कुछ तिथियाँ और घट जाती हैं। इस सूची को पंचांग-शुद्धि की शुरुआत मानें और अंतिम मुहूर्त पंडित से तय कराएँ।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2026 में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
57। महीनेवार: फरवरी 5, मार्च 8, अप्रैल 8, मई 8, जून 10, जुलाई 6, नवंबर 5, दिसंबर 7। जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई नहीं।
2026 का अगला विवाह मुहूर्त कब है?
शनिवार, 21 नवंबर 2026 को सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर), उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं है?
जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर — शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है, खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2025) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) तक है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है, चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है और शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है।
2026 में खरमास कब है?
खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2025) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) मीन संक्रांति (15 मार्च 2026) से मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2026) तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2026) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2027) तक है।
2026 में चातुर्मास कब से कब तक है?
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है — देवशयनी एकादशी के आरंभ से देवउठनी एकादशी के आरंभ तक। इस बीच विवाह नहीं होते।
2026 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।
क्या चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी को विवाह हो सकता है?
बड़े पंचांग इन रिक्ता तिथियों को विवाह के लिए मान्य रखते हैं, इसलिए यह सूची भी रखती है। 2026 की 16 तारीखों पर रिक्ता तिथि आती है और वे तालिका में चिह्नित हैं — जो परिवार रिक्ता टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
मुख्य कारण अस्त गिनने का तरीका (अंश-सीमा या दृष्टि), अतिरिक्त दोष और लग्न की जाँच, और शहर का सूर्योदय हैं। हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है।