मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
विवाह मुहूर्त 2027 — शादी की शुभ तारीखें
शुक्र, 15 जनवरी 2027
सुबह 7:14 – दोपहर 2:14
2027 में विवाह के 93 शुभ मुहूर्त हैं; पहला शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को और अंतिम मंगलवार, 14 दिसंबर 2027 को है।
उसके बाद: मंगल, 19 जनवरी · सुबह 7:50 – सुबह 7:13 (20 जनवरी)
- जनवरी15, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 319 तारीखें
- फरवरी2, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 2813 तारीखें
- मार्च1, 2, 3, 4, 9, 10, 11, 148 तारीखें
- अप्रैल18, 19, 21, 23, 24, 25, 26, 27, 289 तारीखें
- मई4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30, 3119 तारीखें
- जून1, 5, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 18, 19, 21, 26, 27, 2816 तारीखें
- जुलाई—शुक्र अस्त · चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- अगस्त—शुक्र अस्त · चातुर्मास · गुरु अस्तकोई तारीख नहीं
- सितंबर—शुक्र अस्त · चातुर्मास · गुरु अस्तकोई तारीख नहीं
- अक्टूबर—चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- नवंबर10, 11, 12, 15, 16, 20, 21, 23, 24, 25, 26, 2912 तारीखें
- दिसंबर2, 7, 8, 9, 12, 13, 147 तारीखें
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- नवंबर 2026
- शुभ
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- रोहिणी
- नवंबर 2026
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
सुबह 6:51 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- नवंबर 2026
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- नवंबर 2026
- शुभ
सोमवार, 30 नवंबर 2026
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:27
- मघा
- नवंबर 2026
विवाह का मौसम चातुर्मास बीतने पर खुलता है और खरमास में, धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक, रुकता है। इसका हर महीना, और महीने के बाकी दिन क्यों बंद हैं, नई दिल्ली के लिए:
| महीना | संख्या | तारीखें | बाकी दिन क्यों बंद |
|---|---|---|---|
| नवंबर 2026 | 5 | 21, 24, 25, 26, 30 | चातुर्मास 20 नवंबर तक |
| दिसंबर 2026 | 7 | 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 | खरमास 16 दिसंबर से |
| जनवरी 2027 | 9 | 15, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 31 | खरमास 14 जनवरी तक |
| फरवरी 2027 | 13 | 2, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28 | कोई वर्जित अवधि नहीं |
- शुभ
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
सुबह 7:14 – दोपहर 2:14
- रेवती
- शुक्ल सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 19 जनवरी 2027
सुबह 7:50 – सुबह 7:13 (20 जनवरी)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल द्वादशी (क्षय) → शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म / इन्द्र, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 20 जनवरी 2027
सुबह 7:13 – शाम 4:17
- मृगशिरा
- शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 23 जनवरी 2027
सुबह 4:53 – सुबह 7:12 (24 जनवरी)
- मघा
- कृष्ण द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 24 जनवरी 2027
सुबह 7:12 – रात 9:30
- मघा
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 26 जनवरी 2027
रात 8:18 – सुबह 7:11 (27 जनवरी)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 27 जनवरी 2027
सुबह 7:11 – रात 11:56
- हस्त
- कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा / धृति, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 30 जनवरी 2027
रात 3:55 – सुबह 7:09 (31 जनवरी)
- अनुराधा
- कृष्ण नवमी → कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
रविवार, 31 जनवरी 2027
सुबह 7:09 – शाम 7:34
- अनुराधा
- कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 2 फरवरी 2027
शाम 5:47 – सुबह 7:08 (3 फरवरी)
- मूल
- कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 3 फरवरी 2027
सुबह 7:08 – दोपहर 12:26
- मूल
- कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 9 फरवरी 2027
रात 3:40 – सुबह 7:03 (10 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 10 फरवरी 2027
सुबह 7:03 – दोपहर 2:46
रात 3:05 – सुबह 7:02 (11 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल चतुर्थी → शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 11 फरवरी 2027
सुबह 7:02 – सुबह 5:42 (12 फरवरी)
- रेवती
- शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 14 फरवरी 2027
सुबह 4:46 – सुबह 6:59 (15 फरवरी)
- रोहिणी
- शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 15 फरवरी 2027
सुबह 6:59 – दोपहर 12:33
- रोहिणी
- शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
रविवार, 21 फरवरी 2027
सुबह 11:27 – दोपहर 1:51
- मघा
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 22 फरवरी 2027
सुबह 11:55 – सुबह 5:00 (23 फरवरी)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 25 फरवरी 2027
सुबह 9:33 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- स्वाति
- कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 26 फरवरी 2027
सुबह 6:49 – सुबह 10:13
- स्वाति
- कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 27 फरवरी 2027
रात 10:08 – सुबह 6:47 (28 फरवरी)
- अनुराधा
- कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 28 फरवरी 2027
सुबह 6:47 – दोपहर 1:47
- अनुराधा
- कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 1 मार्च 2027
रात 11:11 – सुबह 6:45 (2 मार्च)
- मूल
- कृष्ण नवमी → कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
मंगलवार, 2 मार्च 2027
सुबह 6:45 – दोपहर 3:25
- मूल
- कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 3 मार्च 2027
रात 1:06 – सुबह 6:43 (4 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 4 मार्च 2027
सुबह 6:43 – रात 1:35 (5 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 9 मार्च 2027
सुबह 9:58 – सुबह 6:36 (10 मार्च)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल प्रतिपदा → शुक्ल द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 10 मार्च 2027
सुबह 6:36 – सुबह 6:35 (11 मार्च)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वितीया → शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 11 मार्च 2027
सुबह 6:35 – सुबह 11:20
- रेवती
- शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म, करण गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 14 मार्च 2027
शाम 5:10 – सुबह 6:31 (15 मार्च)
- रोहिणी
- शुक्ल सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 18 अप्रैल 2027
सुबह 6:06 – रात 9:58
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 19 अप्रैल 2027
शाम 7:44 – सुबह 4:40 (20 अप्रैल)
- हस्त
- शुक्ल चतुर्दशी (क्षय)
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 21 अप्रैल 2027
शाम 4:10 – सुबह 4:44 (22 अप्रैल)
- स्वाति
- कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54
सुबह 4:21 – सुबह 5:47 (24 अप्रैल)
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 24 अप्रैल 2027
सुबह 5:47 – सुबह 6:57
- अनुराधा
- कृष्ण चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
रविवार, 25 अप्रैल 2027
दोपहर 2:11 – सुबह 5:45 (26 अप्रैल)
- मूल
- कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 26 अप्रैल 2027
सुबह 5:45 – सुबह 11:30
- मूल
- कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 27 अप्रैल 2027
रात 11:13 – सुबह 5:43 (28 अप्रैल)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण सप्तमी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 28 अप्रैल 2027
सुबह 5:43 – शाम 5:30
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 4 मई 2027
शाम 4:14 – शाम 7:31
- रेवती
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 7 मई 2027
रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई)
- रोहिणी
- शुक्ल द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 8 मई 2027
रात 2:37 – सुबह 5:34 (9 मई)
- मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 9 मई 2027
सुबह 5:34 – शाम 7:43
- मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
गुरुवार, 13 मई 2027
दोपहर 1:41 – सुबह 5:31 (14 मई)
- मघा
- शुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 14 मई 2027
सुबह 5:31 – सुबह 8:50
- मघा
- शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शनिवार, 15 मई 2027
दोपहर 12:00 – सुबह 4:31 (16 मई)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 16 मई 2027
रात 2:42 – सुबह 5:29 (17 मई)
- हस्त
- शुक्ल द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 17 मई 2027
सुबह 5:29 – सुबह 11:29
- हस्त
- शुक्ल द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 18 मई 2027
रात 11:55 – सुबह 5:28 (19 मई)
- स्वाति
- शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 19 मई 2027
सुबह 5:28 – दोपहर 12:19
- स्वाति
- शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 20 मई 2027
रात 10:26 – सुबह 5:27 (21 मई)
- अनुराधा
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 21 मई 2027
सुबह 5:27 – दोपहर 2:51
- अनुराधा
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 22 मई 2027
शाम 4:50 – सुबह 5:26 (23 मई)
- मूल
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 23 मई 2027
सुबह 5:26 – सुबह 7:42
- मूल
- कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 24 मई 2027
रात 10:08 – सुबह 5:25 (25 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
मंगलवार, 25 मई 2027
सुबह 5:25 – रात 1:12 (26 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
रविवार, 30 मई 2027
सुबह 11:32 – रात 9:55
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 31 मई 2027
सुबह 10:02 – सुबह 5:23 (1 जून)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 1 जून 2027
सुबह 5:23 – दोपहर 12:50
- रेवती
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 5 जून 2027
सुबह 11:36 – दोपहर 12:10
- मृगशिरा
- शुक्ल प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 9 जून 2027
शाम 7:48 – सुबह 5:22 (10 जून)
- मघा
- शुक्ल षष्ठी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 10 जून 2027
सुबह 5:22 – दोपहर 3:24
- मघा
- शुक्ल षष्ठी → शुक्ल सप्तमी (क्षय)
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 11 जून 2027
शाम 5:27 – सुबह 5:22 (12 जून)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 12 जून 2027
सुबह 5:22 – सुबह 10:48
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
रविवार, 13 जून 2027
सुबह 9:05 – शाम 5:00
- हस्त
- शुक्ल दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 15 जून 2027
सुबह 6:46 – शाम 6:23
- स्वाति
- शुक्ल द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 16 जून 2027
शाम 7:44 – सुबह 5:22 (17 जून)
- अनुराधा
- शुक्ल त्रयोदशी → शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
गुरुवार, 17 जून 2027
सुबह 5:22 – रात 9:30
- अनुराधा
- शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शुक्रवार, 18 जून 2027
रात 11:40 – सुबह 5:23 (19 जून)
- मूल
- पूर्णिमा
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण बव — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 19 जून 2027
सुबह 5:23 – रात 2:13 (20 जून)
- मूल
- पूर्णिमा → कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 21 जून 2027
सुबह 5:23 – रात 11:50
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म / इन्द्र, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 26 जून 2027
शाम 7:23 – सुबह 5:25 (27 जून)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 27 जून 2027
सुबह 5:25 – सुबह 5:25 (28 जून)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 28 जून 2027
सुबह 5:25 – सुबह 11:45
- रेवती
- कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।
शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।
शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।
चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।
- शुभ
बुधवार, 10 नवंबर 2027
सुबह 9:11 – रात 11:40
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 11 नवंबर 2027
रात 10:57 – सुबह 6:40 (12 नवंबर)
- रेवती
- शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 12 नवंबर 2027
सुबह 6:40 – सुबह 7:55
- रेवती
- शुक्ल त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 15 नवंबर 2027
दोपहर 3:21 – सुबह 6:43 (16 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया (क्षय) → कृष्ण तृतीया
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 16 नवंबर 2027
सुबह 6:43 – शाम 4:43
रात 3:42 – सुबह 4:42 (17 नवंबर)
- मृगशिरा
- कृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थी
- विवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
शनिवार, 20 नवंबर 2027
रात 11:07 – सुबह 6:47 (21 नवंबर)
- मघा
- कृष्ण अष्टमी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 21 नवंबर 2027
सुबह 6:47 – शाम 7:25
- मघा
- कृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमी
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
मंगलवार, 23 नवंबर 2027
दोपहर 2:08 – सुबह 6:50 (24 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 24 नवंबर 2027
सुबह 6:50 – शाम 6:53
- हस्त
- कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
- विवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 25 नवंबर 2027
शाम 6:17 – सुबह 6:51 (26 नवंबर)
- स्वाति
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 26 नवंबर 2027
सुबह 6:51 – सुबह 9:48
- स्वाति
- कृष्ण त्रयोदशी
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 29 नवंबर 2027
शाम 7:47 – रात 2:30 (30 नवंबर)
- मूल
- शुक्ल द्वितीया
- विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027
दोपहर 1:44 – रात 2:30 (3 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल पंचमी
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण बव — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
मंगलवार, 7 दिसंबर 2027
दोपहर 2:15 – सुबह 6:57 (8 दिसंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल नवमी → शुक्ल दशमी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 8 दिसंबर 2027
सुबह 6:34 – सुबह 7:01 (9 दिसंबर)
- रेवती
- शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
सुबह 7:01 – दोपहर 3:15
- रेवती
- शुक्ल एकादशी
- विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 12 दिसंबर 2027
शाम 4:42 – रात 11:55
- रोहिणी
- शुक्ल चतुर्दशी
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
- शुभ
सोमवार, 13 दिसंबर 2027
सुबह 10:50 – सुबह 7:05 (14 दिसंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- पूर्णिमा → कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- शुभ
मंगलवार, 14 दिसंबर 2027
सुबह 7:05 – दोपहर 1:25
- मृगशिरा
- कृष्ण प्रतिपदा
- विवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2026, सुबह 10:25 | 14 जनवरी 2027, रात 9:10 |
| खरमास — मीन राशि में सूर्य | 15 मार्च 2027, सुबह 7:00 | 14 अप्रैल 2027, दोपहर 3:29 |
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 6 जुलाई 2027, रात 8:42 | 17 सितंबर 2027, रात 10:49 |
| चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी | 13 जुलाई 2027, दोपहर 12:09 | 9 नवंबर 2027, सुबह 7:35 |
| गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु | 16 अगस्त 2027, शाम 7:42 | 15 सितंबर 2027, रात 3:12 |
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2027, शाम 4:39 | 15 जनवरी 2028, रात 3:24 |
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, दोपहर 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, सुबह 7:35) तक।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| मंगलवार, 6 जुलाई 2027 | शुक्र | 9.9° (सीमा 10°) | सुबह 4:03 – सुबह 5:29 (7 जुलाई) |
| बुधवार, 7 जुलाई 2027 | शुक्र | 9.6° (सीमा 10°) | सुबह 5:29 – सुबह 8:13 शाम 6:44 – रात 11:58 |
| गुरुवार, 8 जुलाई 2027 | शुक्र | 9.4° (सीमा 10°) | रात 12:18 – सुबह 5:29 (9 जुलाई) |
| शुक्रवार, 9 जुलाई 2027 | शुक्र | 9.1° (सीमा 10°) | सुबह 5:29 – शाम 6:16 |
| रविवार, 11 जुलाई 2027 | शुक्र | 8.5° (सीमा 10°) | रात 11:05 – सुबह 5:31 (12 जुलाई) |
| सोमवार, 12 जुलाई 2027 | शुक्र | 8.3° (सीमा 10°) | सुबह 5:31 – रात 11:56 |
- अस्त अंश से या दृष्टि से। यह पेज गुरु या शुक्र को तब अस्त मानता है जब वे अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में हों। कुछ पंचांग अस्त तब मानते हैं जब ग्रह सचमुच सूर्य की चमक में दिखना बंद हो जाए, जो छोटी अवधि होती है — इसलिए वे ऊपर की ‘अस्त के कारण छोड़े गए दिन’ तालिका के 6 दिनों में से कुछ को भी सूची में रखते हैं।
- रिक्ता तिथि। यहाँ ये हटाई नहीं गईं, चिह्नित की गई हैं — बड़े पंचांग विवाह के लिए इन्हें मान्य रखते हैं।
- खरमास और चातुर्मास। कुछ प्रकाशित सूचियों में इन अवधियों के भीतर की तारीखें भी मिलती हैं; यह पेज शास्त्रीय नियम मानकर दोनों को छोड़ता है।
- अतिरिक्त दोष और लग्न। कुछ पंचांग हर दिन को और दोषों पर भी जाँचते हैं, जिससे कुछ तिथियाँ और घट जाती हैं। इस सूची को पंचांग-शुद्धि की शुरुआत मानें और अंतिम मुहूर्त पंडित से तय कराएँ।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2027 में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
93। महीनेवार: जनवरी 9, फरवरी 13, मार्च 8, अप्रैल 9, मई 19, जून 16, नवंबर 12, दिसंबर 7। जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई नहीं।
2027 का पहला विवाह मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को सुबह 7:14 – दोपहर 2:14, रेवती नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
2027 के किन महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं है?
जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर — शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।
2027 में खरमास कब है?
खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2026) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2027) तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) मीन संक्रांति (15 मार्च 2027) से मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2027) तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2027) से मकर संक्रांति (15 जनवरी 2028) तक है।
2027 में चातुर्मास कब से कब तक है?
चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है — देवशयनी एकादशी के आरंभ से देवउठनी एकादशी के आरंभ तक। इस बीच विवाह नहीं होते।
2027 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?
शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।
क्या चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी को विवाह हो सकता है?
बड़े पंचांग इन रिक्ता तिथियों को विवाह के लिए मान्य रखते हैं, इसलिए यह सूची भी रखती है। 2027 की 25 तारीखों पर रिक्ता तिथि आती है और वे तालिका में चिह्नित हैं — जो परिवार रिक्ता टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
मुख्य कारण अस्त गिनने का तरीका (अंश-सीमा या दृष्टि), अतिरिक्त दोष और लग्न की जाँच, और शहर का सूर्योदय हैं। हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है।