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राँची में आज का गुलिक काल, राहु काल और यमगण्ड

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 · राँची

आज के लिए बीत चुका

12:58 PM – 2:24 PM

आज का बाक़ी दिन इससे मुक्त है

अगला: मंगल, 27 अक्टूबर, 11:33 AM – 12:58 PM

राँची में आज गुलिक काल 12:58 PM से 2:24 PM तक था। यह बीत चुका है।

राहु काल

7:16 AM – 8:42 AM

बीत चुका

यमगण्ड काल

10:07 AM – 11:33 AM

बीत चुका

राँची, झारखंड का गुलिक काल, 26 अक्टूबर 2026

सूर्योदय 5:51 AM · सूर्यास्त 5:15 PM · पूर्णिमा तिथि · अश्विनी नक्षत्र

सभी समय राँची के स्थानीय समय में हैं, Asia/Kolkata (UTC+05:30) के अनुसार।

26 अक्टूबर 2026 को राँची, झारखंड के लिए गुलिक काल का समय — स्थानीय सूर्योदय 5:51 AM से। सभी समय Asia/Kolkata (UTC+05:30)।
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
गुलिक काल12:58 PM - 2:24 PMमिला-जुलानए वादों और सौदों में थोड़ी और सावधानी रखें; परंपरा इसे सतर्कता की अवधि मानती है।
राहु काल7:16 AM - 8:42 AMअशुभइस समय कोई ज़रूरी काम शुरू करने से बचा जाता है। जो काम पहले से चल रहा है, वह चलता रह सकता है।
यमगण्ड काल10:07 AM - 11:33 AMअशुभयात्रा, शुभ कार्यों और ज़रूरी नई शुरुआत के लिए आमतौर पर इससे बचा जाता है।
अभिजित मुहूर्त11:10 AM - 11:55 AMशुभदोपहर की एक आम तौर पर अनुकूल खिड़की — जब विस्तार से मुहूर्त न निकाला जा सके तो ज़रूरी काम के लिए इसे लिया जाता है।

राँची में सूर्योदय, मध्याह्न और दिनमान

  • नई दिल्ली से तुलना। आज राँची में सूर्योदय 5:51 AM पर, नई दिल्ली (6:29 AM) से 38 मिनट पहले है, और सूर्यास्त 5:15 PM पर, नई दिल्ली (5:41 PM) से 26 मिनट पहले। देशांतर: राँची दिल्ली से 8.1° पूर्व में है, इसलिए यहाँ मध्याह्न 32 मिनट पहले आता है (11:33 AM, दिल्ली में 12:05 PM)। अक्षांश: राँची दिल्ली से 5.3° दक्षिण में है, और सितंबर से मार्च के विषुव तक दक्षिण की ओर दिन लंबे होते हैं; आज यहाँ का दिन 11 मिनट लंबा है (11 घंटे 24 मिनट बनाम 11 घंटे 13 मिनट), जो सूर्योदय को पहले और सूर्यास्त को बाद में खिसकाता है — दोनों तरफ़ लगभग 6 मिनट। आज यहाँ गुलिक काल 12:58 PM–2:24 PM है और नई दिल्ली में 1:29 PM–2:53 PM। दिल्ली की तालिका यहाँ आज गुलिक काल को 29–31 मिनट देर से बताती — इस पेज के अपने समय देखें।
  • गुलिक काल की लंबाई। यह दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए आज 1 घंटे 26 मिनट का है। 2026 में यह 1 घंटे 20 मिनट (21 दिसंबर के आसपास) से 1 घंटे 42 मिनट (21 जून के आसपास) तक रहता है।
  • स्थानीय मध्याह्न। राँची में आज सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच का क्षण 11:33 AM है — घड़ी के 12:00 से 27 मिनट पहले। राँची उस 82.5° पूर्व देशांतर से 2.8° पूर्व में है जिस पर यहाँ की घड़ी चलती है, जिससे मध्याह्न 11 मिनट पहले आता है; साल का यह समय (समय-समीकरण) आज 16 मिनट घटाता है। अभिजित मुहूर्त का मध्य यही क्षण होता है, घड़ी के बारह बजे नहीं।
  • दिनमान। आज राँची में दिन 11 घंटे 24 मिनट का है; एक हफ़्ते पहले 11 घंटे 33 मिनट का था और एक हफ़्ते बाद 11 घंटे 16 मिनट का होगा: यहाँ दिन हर हफ़्ते लगभग 9 मिनट छोटे हो रहे हैं, और 21 दिसंबर के आसपास सबसे छोटे दिन तक यही चलेगा। 2026 में सबसे लंबा दिन 13 घंटे 35 मिनट (21 जून के आसपास) और सबसे छोटा 10 घंटे 42 मिनट (21 दिसंबर के आसपास) — 2 घंटे 52 मिनट का अंतर, जो नई दिल्ली के 3 घंटे 39 मिनट से कम है।
  • 2026 के छोर। सबसे जल्दी सूर्योदय 5:02 AM (7 जून के आसपास) और सबसे देर का 6:32 AM (15 जनवरी के आसपास); सबसे जल्दी सूर्यास्त 5:02 PM (28 नवंबर के आसपास) और सबसे देर का 6:39 PM (3 जुलाई के आसपास)। इनमें से कोई भी संक्रांति के दिन नहीं पड़ता: सूर्य का घड़ी-समय साल भर खिसकता है, इसलिए सबसे देर की सुबहें सबसे छोटे दिन के कई हफ़्ते बाद आती हैं।
  • सिर के ऊपर सूर्य। राँची भूमध्य रेखा से 23.3° उत्तर में, कर्क रेखा से दक्षिण है, इसलिए दोपहर का सूर्य साल में दो बार ठीक सिर के ऊपर आता है — 2026 में 16 जून और 26 जून के आसपास। उन दिनों स्थानीय मध्याह्न पर सीधे खड़े खंभे की परछाईं लगभग नहीं बनती।
  • यहाँ का कैलेंडर। झारखंड में चांद्र मास पूर्णिमा से पूर्णिमा (पूर्णिमांत) गिना जाता है, इसलिए आज आश्विन पूर्णिमा है।
  • सबसे पास के शहर। जमशेदपुर (109 किमी दक्षिण-पूर्व) — सूर्योदय 5 मिनट पहले; पटना (251 किमी उत्तर) — सूर्योदय 3 मिनट बाद।

गुलिक काल की गणना कैसे होती है

गुलिक काल दिन के उजाले का आठवाँ भाग है, जो वार से तय होता है और आपके शहर के सूर्योदय से नापा जाता है — इसलिए हर शहर में इसका समय अलग होता है और हर दिन थोड़ा खिसकता है। राहु काल और यमगण्ड भी इसी तरह बनते हैं, बस खंड अलग होता है।

ऊपर का सारा हिसाब उसी गणना से आता है जो आज के पूरे पंचांग के पीछे है — स्विस एफ़िमेरिस की ग्रह स्थिति और आपके शहर के असली अक्षांश-देशांतर से, किसी राष्ट्रीय औसत से नहीं।

ये अवधियाँ क्या कहती हैं और परंपरा में इनका इस्तेमाल कैसे होता है — इनकी सीमाओं समेत — यह पढ़ने के लिए देखें गुलिक काल की गाइड. सोच-समझकर समय चुनने के तरीक़े के लिए देखें मुहूर्त असल में कैसे चुना जाता है.

धीमे गोचर बिलकुल अलग पैमाने पर चलते हैं — शनि और गुरु राशि घंटों में नहीं, सालों में बदलते हैं। Shani Gochar, Guru Gochar, Rahu Ketu Gochar, Sade Sati, Mercury retrograde.

यहाँ दी गई समय-संबंधी जानकारी योजना बनाने का एक ढाँचा है — यह चिकित्सा, क़ानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है। किसी शुभ मुहूर्त के इंतज़ार में इलाज कभी न टालें।

गुलिक काल से जुड़े आम सवाल

राँची में आज गुलिक काल किस समय से शुरू होता है?

ऊपर की तालिका राँची के सूर्योदय से शुरू होती है, जो आज 5:51 AM है। इस पेज की हर अवधि उसी सूर्योदय से नापी जाती है, इसलिए पहली अवधि आधी रात से नहीं, वहीं से शुरू होती है।

राँची में गुलिक काल दिल्ली से अलग क्यों होता है?

क्योंकि ये अवधियाँ राँची के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को बाँटकर बनती हैं, किसी राष्ट्रीय तालिका से नहीं। भारत में सूर्योदय का अंतर एक घंटे से भी ज़्यादा है, इसलिए दिल्ली के लिए निकाला गया समय राँची में काफ़ी हद तक ग़लत बैठता है।

गुलिक काल की कुल कितनी अवधियाँ होती हैं?

ऊपर राँची के लिए 4 दी गई हैं — दिन के उजाले की उस अवधि, जिसे यह टूल बाँटता है की पूरी सूची।

दूसरे शहरों का गुलिक काल

ये सभी अवधियाँ स्थानीय सूर्योदय से बनती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं। दिल्ली के लिए निकाला गया समय चेन्नई में काफ़ी हद तक ग़लत बैठता है।

राँची में आज से जुड़ी बाक़ी हर बात — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और मुहूर्त की पूरी सूची — देखने के लिए खोलें राँची का पूरा पंचांग.

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