पटना में आज का ब्रह्म मुहूर्त
4:12 AM – 5:03 AM
शुभ शुरुआत 4:12 AM के लिए रखें
अगला: बुध, 28 अक्टूबर, 4:13 AM – 5:03 AM
पटना में आज ब्रह्म मुहूर्त 4:12 AM - 5:03 AM है — सूर्योदय 5:54 AM पर समाप्त होने वाली रात्रि का उपान्त्य (चौदहवाँ) मुहूर्त।
सूर्योदय
5:54 AM
5 घंटे 50 मिनट में
अभिजित मुहूर्त
11:11 AM – 11:56 AM
11 घंटे 6 मिनट में
सभी समय पटना के स्थानीय हैं, Asia/Kolkata (UTC+05:30) के लिए निकाले गए।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 4:12 AM - 5:03 AM | शुभ | रात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान। |
कल की खिड़की 4:13 AM - 5:03 AM है, सूर्योदय 5:54 AM से पहले। दिन में यह पेज पढ़ने वाला व्यक्ति कल के बारे में ही पूछ रहा होता है, इसलिए यह यहीं है, एक क्लिक दूर नहीं।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 4:13 AM - 5:03 AM | शुभ | रात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान। |
यह खिड़की सूर्योदय के साथ खिसकती है, इसलिए पटना के लिए हर दिन नए सिरे से निकाली जाती है। ये सात पंक्तियाँ इसी स्थिर URL पर रहती हैं, हर दिन के लिए अलग तारीख वाला पेज नहीं बनाया जाता।
| तारीख | ब्रह्म मुहूर्त | सूर्योदय |
|---|---|---|
| आज | 4:12 AM - 5:03 AM | 5:54 AM |
| 4:13 AM - 5:03 AM | 5:54 AM | |
| 4:13 AM - 5:04 AM | 5:55 AM | |
| 4:13 AM - 5:04 AM | 5:55 AM | |
| 4:14 AM - 5:05 AM | 5:56 AM | |
| 4:14 AM - 5:05 AM | 5:57 AM | |
| 4:15 AM - 5:06 AM | 5:57 AM |
- नई दिल्ली से तुलना। आज पटना में सूर्योदय 5:54 AM पर, नई दिल्ली (6:29 AM) से 35 मिनट पहले है, और सूर्यास्त 5:12 PM पर, नई दिल्ली (5:41 PM) से 29 मिनट पहले। देशांतर: पटना दिल्ली से 7.9° पूर्व में है, इसलिए यहाँ मध्याह्न 32 मिनट पहले आता है (11:33 AM, दिल्ली में 12:05 PM)। अक्षांश: पटना दिल्ली से 3.0° दक्षिण में है, और सितंबर से मार्च के विषुव तक दक्षिण की ओर दिन लंबे होते हैं; आज यहाँ का दिन 7 मिनट लंबा है (11 घंटे 18 मिनट बनाम 11 घंटे 11 मिनट), जो सूर्योदय को पहले और सूर्यास्त को बाद में खिसकाता है — दोनों तरफ़ लगभग 4 मिनट।
- ब्रह्म मुहूर्त की लंबाई। यह सूर्योदय पर ख़त्म होने वाली रात का पंद्रहवाँ भाग है: आज सुबह की रात 12 घंटे 41 मिनट की थी, इसलिए मुहूर्त 51 मिनट का। यह सूर्योदय से पीछे गिना जाता है, इसलिए उसी के साथ खिसकता है: एक हफ़्ते बाद यहाँ सूर्योदय 4 मिनट देर से होगा (5:54 AM से 5:58 AM)।
- स्थानीय मध्याह्न। पटना में आज सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच का क्षण 11:33 AM है — घड़ी के 12:00 से 27 मिनट पहले। पटना उस 82.5° पूर्व देशांतर से 2.6° पूर्व में है जिस पर यहाँ की घड़ी चलती है, जिससे मध्याह्न 11 मिनट पहले आता है; साल का यह समय (समय-समीकरण) आज 16 मिनट घटाता है। अभिजित मुहूर्त का मध्य यही क्षण होता है, घड़ी के बारह बजे नहीं।
- दिनमान। आज पटना में दिन 11 घंटे 18 मिनट का है; एक हफ़्ते पहले 11 घंटे 28 मिनट का था और एक हफ़्ते बाद 11 घंटे 9 मिनट का होगा: यहाँ दिन हर हफ़्ते लगभग 9 मिनट छोटे हो रहे हैं, और 21 दिसंबर के आसपास सबसे छोटे दिन तक यही चलेगा। 2026 में सबसे लंबा दिन 13 घंटे 45 मिनट (20 जून के आसपास) और सबसे छोटा 10 घंटे 33 मिनट (21 दिसंबर के आसपास) — 3 घंटे 12 मिनट का अंतर, जो नई दिल्ली के 3 घंटे 39 मिनट से कम है।
- 2026 के छोर। सबसे जल्दी सूर्योदय 4:58 AM (9 जून के आसपास) और सबसे देर का 6:37 AM (13 जनवरी के आसपास); सबसे जल्दी सूर्यास्त 4:58 PM (30 नवंबर के आसपास) और सबसे देर का 6:45 PM (2 जुलाई के आसपास)। इनमें से कोई भी संक्रांति के दिन नहीं पड़ता: सूर्य का घड़ी-समय साल भर खिसकता है, इसलिए सबसे देर की सुबहें सबसे छोटे दिन के कई हफ़्ते बाद आती हैं।
- सिर के ऊपर सूर्य। पटना 25.6° उत्तर में, कर्क रेखा से आगे है, इसलिए सूर्य कभी ठीक सिर के ऊपर नहीं आता: 21 जून के आसपास दोपहर में यह सबसे ऊँचा, क्षितिज से 88° ऊपर होता है।
- यहाँ का कैलेंडर। बिहार में चांद्र मास पूर्णिमा से पूर्णिमा (पूर्णिमांत) गिना जाता है, इसलिए आज कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा है। दूसरी गिनती वाले राज्यों के पंचांग में यही दिन आश्विन कृष्ण प्रतिपदा छपता है — त्योहार की तारीख़ एक ही रहती है, सिर्फ़ महीने का नाम बदलता है।
- सबसे पास के शहर। वाराणसी (219 किमी पश्चिम) — सूर्योदय 9 मिनट बाद; राँची (251 किमी दक्षिण) — सूर्योदय 3 मिनट पहले।
पटना के लिए आगे
ब्रह्म मुहूर्त घड़ी से नहीं, सूर्योदय से पीछे गिना जाता है — इसलिए यह हर शहर में अलग समय पर खुलता है और हर दिन थोड़ा खिसकता है। नियम से यह कभी 4:00 बजे नहीं होता; यह 4:00 बजे केवल उन दिनों और उन जगहों पर होता है जहाँ सूर्योदय संयोग से 5:36 पर हो।
यहाँ "ब्रह्म" सृष्टिकर्ता हैं और उनके नाम का यह समय रात्रि का अंतिम भाग है। शास्त्रीय दिनचर्या इसमें जप, पाठ, अध्ययन, ध्यान और प्राणायाम रखती है — इस तर्क पर कि मन अभी खर्च नहीं हुआ और संसार शांत है, न कि इस दावे पर कि खिड़की स्वयं कुछ करती है। यह एकमात्र शुभ काल है जो तिथि, नक्षत्र या वार से कुछ नहीं माँगता।
भारत लगभग तीस देशांतर अंशों पर एक ही घड़ी रखता है, इसलिए एक ही तिथि को गुवाहाटी का सूर्योदय राजकोट से एक घंटे से अधिक पहले होता है और दोनों शहरों का ब्रह्म मुहूर्त उतने ही अंतर से अलग होता है। ऋतु इसे फिर खिसकाती है: खिड़की सूर्योदय का अनुसरण करती है, इसलिए यह जून में सबसे जल्दी और जनवरी में सबसे देर से आती है।
सूर्योदय से पहले के दो मुहूर्तों में से पंचांग केवल पहले को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं — आज पटना में 4:12 AM - 5:03 AM। दूसरा, जो सूर्योदय तक चलता है, रात्रि का अंतिम प्रहर है। यह पेज वही खिड़की दिखाता है जो पूरा पंचांग, ताकि दोनों एक ही मिनटों को लेकर कभी अलग बात न कहें।
सूर्यास्त और सूर्योदय इस शहर के अक्षांश-देशांतर और इन तिथियों के लिए स्विस एफेमेरिस से आते हैं। उनके बीच की रात्रि पंद्रह समान मुहूर्तों में बाँटी जाती है — दिन के उन पंद्रहवें भागों की तरह जिनसे अभिजित बनता है — और ब्रह्म मुहूर्त चौदहवाँ है: यह सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले खुलता है और एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है। इसलिए विषुव के आसपास यह लगभग 48 मिनट का होता है, सर्दियों में लंबा और गर्मियों में छोटा।
ब्रह्म मुहूर्त: सामान्य प्रश्न
पटना में आज ब्रह्म मुहूर्त कब है?
आज पटना में ब्रह्म मुहूर्त 4:12 AM - 5:03 AM है, सूर्योदय 5:54 AM से पहले।
पटना में कल ब्रह्म मुहूर्त कब है?
कल की खिड़की 4:13 AM - 5:03 AM है। यह हर दिन कुछ मिनट खिसकती है क्योंकि सूर्योदय खिसकता है।
ब्रह्म मुहूर्त क्या है?
रात्रि के पंद्रह मुहूर्तों में से चौदहवाँ — सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले खुलता है और एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है। मुहूर्त रात्रि का पंद्रहवाँ भाग है, इसलिए यह सर्दियों में लंबा और गर्मियों में छोटा होता है।
क्या पटना में ब्रह्म मुहूर्त हमेशा 4 बजे होता है?
नहीं। यह सूर्योदय से पीछे गिना जाता है, घड़ी से नहीं। आज पटना में सूर्योदय 5:54 AM है, इसलिए खिड़की 4:12 AM - 5:03 AM है — और ऋतु के साथ यह बदलती रहती है।
ब्रह्म मुहूर्त में क्या किया जाता है?
जप, पाठ, अध्ययन, ध्यान और प्राणायाम। यह एकमात्र शुभ काल है जो तिथि, नक्षत्र या वार से कुछ नहीं माँगता।
कुछ जगह ब्रह्म मुहूर्त का समय अलग क्यों दिखता है?
कुछ स्रोत मुहूर्त को हर ऋतु में निश्चित 48 मिनट मानते हैं, या सूर्योदय तक के पूरे दो मुहूर्त दिखाते हैं। यह पेज, पूरा पंचांग, एस्ट्रोसेज और द्रिक पंचांग रात्रि का पंद्रहवाँ भाग लेते हैं — आज 4:12 AM - 5:03 AM।
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