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तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली

षष्ठी 2026 में कब है

अगली तिथि · षष्ठी 2026

कृष्ण षष्ठी

शनि, 31 अक्टूबर

षष्ठी: 30 अक्टू, शाम 7:25 → 31 अक्टू, शाम 4:58

अगली तिथि: कृष्ण षष्ठी — शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

उसके बाद: शुक्ल षष्ठी — रवि, 15 नवंबर

कृष्ण षष्ठी — शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

2026 में षष्ठी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

नई दिल्ली

षष्ठी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 8 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 8 जन, सुबह 6:34 → 9 जन, सुबह 7:06
  • शनिवार, 24 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 24 जन, रात 1:47 → 25 जन, रात 12:40

षष्ठी फरवरी 2026

फरवरी 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 7 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 7 फ़र, रात 1:19 → 8 फ़र, रात 2:55
  • सोमवार, 23 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 22 फ़र, सुबह 11:11 → 23 फ़र, सुबह 9:10

षष्ठी मार्च 2026

मार्च 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 9 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 8 मार्च, रात 9:11 → 9 मार्च, रात 11:28
  • मंगलवार, 24 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 23 मार्च, शाम 6:38 → 24 मार्च, शाम 4:08

षष्ठी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 8 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 7 अप्रै, शाम 4:35 → 8 अप्रै, शाम 7:02
  • बुधवार, 22 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 22 अप्रै, रात 1:20 → 22 अप्रै, रात 10:50

षष्ठी मई 2026

मई 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 8 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 7 मई, सुबह 10:14 → 8 मई, दोपहर 12:22
  • शुक्रवार, 22 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 21 मई, सुबह 8:27 → 22 मई, सुबह 6:25

षष्ठी जून 2026

जून 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 6 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 6 जून, रात 1:20 → 7 जून, रात 2:41
  • शनिवार, 20 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 19 जून, शाम 5:00 → 20 जून, दोपहर 3:47

षष्ठी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 6 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 5 जुला, दोपहर 1:31 → 6 जुला, दोपहर 1:47
  • रविवार, 19 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 19 जुला, रात 3:43 → 20 जुला, रात 3:30

षष्ठी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 4 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 3 अग, रात 10:55 → 4 अग, रात 10:03
  • मंगलवार, 18 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 17 अग, शाम 5:00 → 18 अग, शाम 5:51

षष्ठी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 2 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 2 सित, सुबह 6:13 → 3 सित, सुबह 4:26 (क्षय तिथि)
  • गुरुवार, 17 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 16 सित, सुबह 9:00 → 17 सित, सुबह 10:48

षष्ठी अक्टूबर 2026

अक्टूबर 2026 में षष्ठी 3 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 1 अक्टू, दोपहर 12:35 → 2 अक्टू, सुबह 10:16
  • शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 16 अक्टू, रात 3:25 → 17 अक्टू, सुबह 5:55
  • शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 30 अक्टू, शाम 7:25 → 31 अक्टू, शाम 4:58

षष्ठी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 15 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 14 नव, रात 11:24 → 16 नव, रात 2:02
  • रविवार, 29 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 29 नव, रात 3:57 → 30 नव, रात 1:47

षष्ठी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 15 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 14 दिस, शाम 7:17 → 15 दिस, रात 9:20
  • मंगलवार, 29 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 28 दिस, दोपहर 2:58 → 29 दिस, दोपहर 1:26

2026 की सभी षष्ठी तिथियाँ

2026 की सभी षष्ठी तिथियाँ
तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
गुरुवार, 8 जनवरी 2026कृष्णमाघ8 जन, सुबह 6:349 जन, सुबह 7:06—
शनिवार, 24 जनवरी 2026शुक्लमाघ24 जन, रात 1:4725 जन, रात 12:40—
शनिवार, 7 फरवरी 2026कृष्णफाल्गुन7 फ़र, रात 1:198 फ़र, रात 2:55—
सोमवार, 23 फरवरी 2026शुक्लफाल्गुन22 फ़र, सुबह 11:1123 फ़र, सुबह 9:10—
सोमवार, 9 मार्च 2026कृष्णचैत्र8 मार्च, रात 9:119 मार्च, रात 11:28—
मंगलवार, 24 मार्च 2026शुक्लचैत्र23 मार्च, शाम 6:3824 मार्च, शाम 4:08—
बुधवार, 8 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख7 अप्रै, शाम 4:358 अप्रै, शाम 7:02—
बुधवार, 22 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख22 अप्रै, रात 1:2022 अप्रै, रात 10:50—
शुक्रवार, 8 मई 2026कृष्णज्येष्ठ7 मई, सुबह 10:148 मई, दोपहर 12:22—
शुक्रवार, 22 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ21 मई, सुबह 8:2722 मई, सुबह 6:25—
शनिवार, 6 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ6 जून, रात 1:207 जून, रात 2:41—
शनिवार, 20 जून 2026शुक्लज्येष्ठ19 जून, शाम 5:0020 जून, दोपहर 3:47—
सोमवार, 6 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़5 जुला, दोपहर 1:316 जुला, दोपहर 1:47—
रविवार, 19 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़19 जुला, रात 3:4320 जुला, रात 3:30—
मंगलवार, 4 अगस्त 2026कृष्णश्रावण3 अग, रात 10:554 अग, रात 10:03—
मंगलवार, 18 अगस्त 2026शुक्लश्रावण17 अग, शाम 5:0018 अग, शाम 5:51—
बुधवार, 2 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद2 सित, सुबह 6:133 सित, सुबह 4:26क्षय तिथि
गुरुवार, 17 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद16 सित, सुबह 9:0017 सित, सुबह 10:48—
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026कृष्णआश्विन1 अक्टू, दोपहर 12:352 अक्टू, सुबह 10:16—
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026शुक्लआश्विन16 अक्टू, रात 3:2517 अक्टू, सुबह 5:55—
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026अगलीकृष्णकार्तिक30 अक्टू, शाम 7:2531 अक्टू, शाम 4:58—
रविवार, 15 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक14 नव, रात 11:2416 नव, रात 2:02—
रविवार, 29 नवंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष29 नव, रात 3:5730 नव, रात 1:47—
मंगलवार, 15 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष14 दिस, शाम 7:1715 दिस, रात 9:20—
मंगलवार, 29 दिसंबर 2026कृष्णपौष28 दिस, दोपहर 2:5829 दिस, दोपहर 1:26—
  • यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

षष्ठी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

2026 की अन्य तिथियाँ

सामान्य प्रश्न

षष्ठी कब है 2026 में?

2026 में अगली षष्ठी शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को है। तिथि 30 अक्टू, शाम 7:25 → 31 अक्टू, शाम 4:58 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में षष्ठी कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल षष्ठी और कृष्ण षष्ठी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। षष्ठी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में षष्ठी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या षष्ठी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

षष्ठी को और किन नामों से खोजा जाता है?

षष्ठी तिथि, छठ — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय षष्ठी क्या होती है?

2026 में 1 बार षष्ठी क्षय तिथि है: बुधवार, 2 सितंबर 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।