तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
पंचमी 2026 में कब है
शुक्र, 30 अक्टूबर
पंचमी: 29 अक्टू, रात 10:10 → 30 अक्टू, शाम 7:25
अगली तिथि: कृष्ण पंचमी — शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
उसके बाद: शुक्ल पंचमी — शनि, 14 नवंबर
कृष्ण पंचमी — शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
2026 में पंचमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 7 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 7 जन, सुबह 6:53 → 8 जन, सुबह 6:34
- शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 23 जन, रात 2:28 → 24 जन, रात 1:46
फरवरी 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 6 फ़र, रात 12:23 → 7 फ़र, रात 1:19
- रविवार, 22 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 21 फ़र, दोपहर 1:01 → 22 फ़र, सुबह 11:10
मार्च 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 8 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 7 मार्च, शाम 7:18 → 8 मार्च, रात 9:11
- सोमवार, 23 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 22 मार्च, रात 9:17 → 23 मार्च, शाम 6:38
अप्रैल 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 6 अप्रै, दोपहर 2:11 → 7 अप्रै, शाम 4:35
- मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 21 अप्रै, सुबह 4:15 → 22 अप्रै, रात 1:20
मई 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 7 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 6 मई, सुबह 7:52 → 7 मई, सुबह 10:14
- गुरुवार, 21 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 20 मई, सुबह 11:07 → 21 मई, सुबह 8:27
जून 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 5 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 4 जून, रात 11:31 → 6 जून, रात 1:20
- शुक्रवार, 19 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 18 जून, शाम 6:59 → 19 जून, शाम 5:00
जुलाई 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 4 जुला, दोपहर 12:41 → 5 जुला, दोपहर 1:31
- शनिवार, 18 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 18 जुला, सुबह 4:43 → 19 जुला, रात 3:43
अगस्त 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 3 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 2 अग, रात 11:16 → 3 अग, रात 10:54
- सोमवार, 17 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 16 अग, शाम 4:53 → 17 अग, शाम 5:01
सितंबर 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 2 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 1 सित, सुबह 7:42 → 2 सित, सुबह 6:13
- बुधवार, 16 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 15 सित, सुबह 7:44 → 16 सित, सुबह 8:59
अक्टूबर 2026 में पंचमी 3 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 30 सित, दोपहर 2:56 → 1 अक्टू, दोपहर 12:36
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 15 अक्टू, रात 1:14 → 16 अक्टू, रात 3:25
- शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 29 अक्टू, रात 10:10 → 30 अक्टू, शाम 7:25
नवंबर 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 14 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 13 नव, रात 8:43 → 14 नव, रात 11:24
- शनिवार, 28 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 28 नव, सुबह 6:40 → 29 नव, रात 3:57
दिसंबर 2026 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 14 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 13 दिस, शाम 4:48 → 14 दिस, शाम 7:16
- सोमवार, 28 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 27 दिस, शाम 5:13 → 28 दिस, दोपहर 2:59
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 7 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 7 जन, सुबह 6:53 | 8 जन, सुबह 6:34 | — |
| शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 23 जन, रात 2:28 | 24 जन, रात 1:46 | — |
| शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 6 फ़र, रात 12:23 | 7 फ़र, रात 1:19 | — |
| रविवार, 22 फरवरी 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 21 फ़र, दोपहर 1:01 | 22 फ़र, सुबह 11:10 | — |
| रविवार, 8 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 7 मार्च, शाम 7:18 | 8 मार्च, रात 9:11 | — |
| सोमवार, 23 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 22 मार्च, रात 9:17 | 23 मार्च, शाम 6:38 | — |
| मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 6 अप्रै, दोपहर 2:11 | 7 अप्रै, शाम 4:35 | — |
| मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 21 अप्रै, सुबह 4:15 | 22 अप्रै, रात 1:20 | — |
| गुरुवार, 7 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 6 मई, सुबह 7:52 | 7 मई, सुबह 10:14 | — |
| गुरुवार, 21 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 20 मई, सुबह 11:07 | 21 मई, सुबह 8:27 | — |
| शुक्रवार, 5 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 4 जून, रात 11:31 | 6 जून, रात 1:20 | — |
| शुक्रवार, 19 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 18 जून, शाम 6:59 | 19 जून, शाम 5:00 | — |
| रविवार, 5 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 4 जुला, दोपहर 12:41 | 5 जुला, दोपहर 1:31 | — |
| शनिवार, 18 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 18 जुला, सुबह 4:43 | 19 जुला, रात 3:43 | — |
| सोमवार, 3 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 2 अग, रात 11:16 | 3 अग, रात 10:54 | — |
| सोमवार, 17 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 16 अग, शाम 4:53 | 17 अग, शाम 5:01 | — |
| बुधवार, 2 सितंबर 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 1 सित, सुबह 7:42 | 2 सित, सुबह 6:13 | — |
| बुधवार, 16 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 15 सित, सुबह 7:44 | 16 सित, सुबह 8:59 | — |
| गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 30 सित, दोपहर 2:56 | 1 अक्टू, दोपहर 12:36 | — |
| गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 15 अक्टू, रात 1:14 | 16 अक्टू, रात 3:25 | — |
| शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026अगली | कृष्ण | कार्तिक | 29 अक्टू, रात 10:10 | 30 अक्टू, शाम 7:25 | — |
| शनिवार, 14 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 13 नव, रात 8:43 | 14 नव, रात 11:24 | — |
| शनिवार, 28 नवंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 28 नव, सुबह 6:40 | 29 नव, रात 3:57 | — |
| सोमवार, 14 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 13 दिस, शाम 4:48 | 14 दिस, शाम 7:16 | — |
| सोमवार, 28 दिसंबर 2026 | कृष्ण | पौष | 27 दिस, शाम 5:13 | 28 दिस, दोपहर 2:59 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
पंचमी कब है 2026 में?
2026 में अगली पंचमी शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को है। तिथि 29 अक्टू, रात 10:10 → 30 अक्टू, शाम 7:25 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में पंचमी कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल पंचमी और कृष्ण पंचमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। पंचमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में पंचमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या पंचमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
पंचमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
पंचमी तिथि, पंचम — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।