तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
द्वादशी 2026 में कब है
शुक्र, 6 नवंबर
द्वादशी: 5 नव, सुबह 10:36 → 6 नव, सुबह 10:31
अगली तिथि: कृष्ण द्वादशी — शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
उसके बाद: शुक्ल द्वादशी — शनि, 21 नवंबर
कृष्ण द्वादशी — शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
2026 में द्वादशी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 15 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 14 जन, शाम 5:53 → 15 जन, रात 8:17
- शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 29 जन, दोपहर 1:56 → 30 जन, सुबह 11:09
फरवरी 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 14 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 13 फ़र, दोपहर 2:26 → 14 फ़र, शाम 4:02
- शनिवार, 28 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 27 फ़र, रात 10:33 → 28 फ़र, रात 8:44
मार्च 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 16 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 15 मार्च, सुबह 9:17 → 16 मार्च, सुबह 9:41
- सोमवार, 30 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 29 मार्च, सुबह 7:47 → 30 मार्च, सुबह 7:10
अप्रैल 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 14 अप्रै, रात 1:09 → 15 अप्रै, रात 12:13
- मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 27 अप्रै, शाम 6:16 → 28 अप्रै, शाम 6:52
मई 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 14 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 13 मई, दोपहर 1:30 → 14 मई, सुबह 11:21
- गुरुवार, 28 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 27 मई, सुबह 6:22 → 28 मई, सुबह 7:57
जून 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 12 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 11 जून, रात 10:36 → 12 जून, शाम 7:37
- शुक्रवार, 26 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 25 जून, रात 8:10 → 26 जून, रात 10:23
जुलाई 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 11 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 11 जुला, सुबह 5:23 → 12 जुला, रात 2:04
- रविवार, 26 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 25 जुला, सुबह 11:35 → 26 जुला, दोपहर 1:58
अगस्त 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 10 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 9 अग, सुबह 11:05 → 10 अग, सुबह 8:01
- सोमवार, 24 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 24 अग, सुबह 4:19 → 25 अग, सुबह 6:21 (अगले दिन भी मान्य)
सितंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 8 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 7 सित, शाम 5:05 → 8 सित, दोपहर 2:44
- बुधवार, 23 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 22 सित, रात 9:44 → 23 सित, रात 10:51
अक्टूबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 7 अक्टू, रात 12:35 → 7 अक्टू, रात 11:17
- शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 22 अक्टू, दोपहर 2:48 → 23 अक्टू, दोपहर 2:36
नवंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 5 नव, सुबह 10:36 → 6 नव, सुबह 10:31
- शनिवार, 21 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 21 नव, सुबह 6:32 → 22 नव, सुबह 4:57
दिसंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 5 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 4 दिस, रात 11:45 → 6 दिस, रात 12:52
- सोमवार, 21 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 20 दिस, रात 8:15 → 21 दिस, शाम 5:37
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 15 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 14 जन, शाम 5:53 | 15 जन, रात 8:17 | — |
| शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 29 जन, दोपहर 1:56 | 30 जन, सुबह 11:09 | — |
| शनिवार, 14 फरवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 13 फ़र, दोपहर 2:26 | 14 फ़र, शाम 4:02 | — |
| शनिवार, 28 फरवरी 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 27 फ़र, रात 10:33 | 28 फ़र, रात 8:44 | — |
| सोमवार, 16 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 15 मार्च, सुबह 9:17 | 16 मार्च, सुबह 9:41 | — |
| सोमवार, 30 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 29 मार्च, सुबह 7:47 | 30 मार्च, सुबह 7:10 | — |
| मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 14 अप्रै, रात 1:09 | 15 अप्रै, रात 12:13 | — |
| मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 27 अप्रै, शाम 6:16 | 28 अप्रै, शाम 6:52 | — |
| गुरुवार, 14 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 13 मई, दोपहर 1:30 | 14 मई, सुबह 11:21 | — |
| गुरुवार, 28 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 27 मई, सुबह 6:22 | 28 मई, सुबह 7:57 | — |
| शुक्रवार, 12 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 11 जून, रात 10:36 | 12 जून, शाम 7:37 | — |
| शुक्रवार, 26 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 25 जून, रात 8:10 | 26 जून, रात 10:23 | — |
| शनिवार, 11 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 11 जुला, सुबह 5:23 | 12 जुला, रात 2:04 | — |
| रविवार, 26 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 25 जुला, सुबह 11:35 | 26 जुला, दोपहर 1:58 | — |
| सोमवार, 10 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 9 अग, सुबह 11:05 | 10 अग, सुबह 8:01 | — |
| सोमवार, 24 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 24 अग, सुबह 4:19 | 25 अग, सुबह 6:21 | अगले दिन भी मान्य |
| मंगलवार, 8 सितंबर 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 7 सित, शाम 5:05 | 8 सित, दोपहर 2:44 | — |
| बुधवार, 23 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 22 सित, रात 9:44 | 23 सित, रात 10:51 | — |
| बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 7 अक्टू, रात 12:35 | 7 अक्टू, रात 11:17 | — |
| शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 22 अक्टू, दोपहर 2:48 | 23 अक्टू, दोपहर 2:36 | — |
| शुक्रवार, 6 नवंबर 2026अगली | कृष्ण | कार्तिक | 5 नव, सुबह 10:36 | 6 नव, सुबह 10:31 | — |
| शनिवार, 21 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 21 नव, सुबह 6:32 | 22 नव, सुबह 4:57 | — |
| शनिवार, 5 दिसंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 4 दिस, रात 11:45 | 6 दिस, रात 12:52 | — |
| सोमवार, 21 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 20 दिस, रात 8:15 | 21 दिस, शाम 5:37 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
द्वादशी कब है 2026 में?
2026 में अगली द्वादशी शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। तिथि 5 नव, सुबह 10:36 → 6 नव, सुबह 10:31 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में द्वादशी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल द्वादशी और कृष्ण द्वादशी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। द्वादशी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में द्वादशी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या द्वादशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
द्वादशी को और किन नामों से खोजा जाता है?
द्वादशी तिथि, बारस — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।