तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
षष्ठी 2027 में कब है
गुरु, 14 जनवरी
षष्ठी: 13 जन, दोपहर 1:02 → 14 जन, दोपहर 1:59
2027 में पहली: शुक्ल षष्ठी — गुरुवार, 14 जनवरी 2027
उसके बाद: कृष्ण षष्ठी — बुध, 27 जनवरी
शुक्ल षष्ठी — गुरुवार, 14 जनवरी 2027
2027 में षष्ठी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 14 जनवरी 2027 शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 13 जन, दोपहर 1:02 → 14 जन, दोपहर 1:59
- बुधवार, 27 जनवरी 2027 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 27 जन, सुबह 4:34 → 28 जन, रात 3:54
फरवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 12 फरवरी 2027 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 12 फ़र, रात 3:19 → 13 फ़र, रात 3:00
- शुक्रवार, 26 फरवरी 2027 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 25 फ़र, रात 8:18 → 26 फ़र, रात 8:43
मार्च 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 14 मार्च 2027 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 13 मार्च, दोपहर 1:55 → 14 मार्च, दोपहर 12:32
- रविवार, 28 मार्च 2027 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 27 मार्च, दोपहर 1:34 → 28 मार्च, दोपहर 3:05
अप्रैल 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 12 अप्रैल 2027 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 11 अप्रै, रात 9:40 → 12 अप्रै, शाम 7:35
- मंगलवार, 27 अप्रैल 2027 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 26 अप्रै, सुबह 7:37 → 27 अप्रै, सुबह 9:58
मई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 11 मई 2027 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 11 मई, रात 3:48 → 12 मई, रात 1:24
- बुधवार, 26 मई 2027 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 26 मई, रात 1:31 → 27 मई, सुबह 4:05
जून 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 10 जून 2027 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 9 जून, सुबह 9:36 → 10 जून, सुबह 7:12
- शुक्रवार, 25 जून 2027 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 24 जून, शाम 6:11 → 25 जून, रात 8:17
जुलाई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 9 जुलाई 2027 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 8 जुला, शाम 4:07 → 9 जुला, दोपहर 2:04
- रविवार, 25 जुलाई 2027 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 24 जुला, सुबह 8:41 → 25 जुला, सुबह 9:53
अगस्त 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 7 अगस्त 2027 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 7 अग, रात 12:23 → 7 अग, रात 11:01
- सोमवार, 23 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 22 अग, रात 8:46 → 23 अग, रात 8:53
सितंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 6 सितंबर 2027 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 5 सित, सुबह 11:18 → 6 सित, सुबह 10:58
- मंगलवार, 21 सितंबर 2027 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 21 सित, सुबह 6:43 → 22 सित, सुबह 5:52 (क्षय तिथि)
अक्टूबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 5 अक्टू, रात 1:37 → 6 अक्टू, रात 2:33
- गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 20 अक्टू, दोपहर 3:19 → 21 अक्टू, दोपहर 1:43
नवंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 4 नवंबर 2027 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 3 नव, शाम 7:32 → 4 नव, रात 9:38
- शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 नव, रात 11:28 → 19 नव, रात 9:21
दिसंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 4 दिसंबर 2027 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 3 दिस, शाम 4:14 → 4 दिस, शाम 6:57
- शनिवार, 18 दिसंबर 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 18 दिस, सुबह 7:58 → 19 दिस, सुबह 5:36 (क्षय तिथि)
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 14 जनवरी 2027अगली | शुक्ल | पौष | 13 जन, दोपहर 1:02 | 14 जन, दोपहर 1:59 | — |
| बुधवार, 27 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 27 जन, सुबह 4:34 | 28 जन, रात 3:54 | — |
| शुक्रवार, 12 फरवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 12 फ़र, रात 3:19 | 13 फ़र, रात 3:00 | — |
| शुक्रवार, 26 फरवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 25 फ़र, रात 8:18 | 26 फ़र, रात 8:43 | — |
| रविवार, 14 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 13 मार्च, दोपहर 1:55 | 14 मार्च, दोपहर 12:32 | — |
| रविवार, 28 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 27 मार्च, दोपहर 1:34 | 28 मार्च, दोपहर 3:05 | — |
| सोमवार, 12 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 11 अप्रै, रात 9:40 | 12 अप्रै, शाम 7:35 | — |
| मंगलवार, 27 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 26 अप्रै, सुबह 7:37 | 27 अप्रै, सुबह 9:58 | — |
| मंगलवार, 11 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 11 मई, रात 3:48 | 12 मई, रात 1:24 | — |
| बुधवार, 26 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 26 मई, रात 1:31 | 27 मई, सुबह 4:05 | — |
| गुरुवार, 10 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 9 जून, सुबह 9:36 | 10 जून, सुबह 7:12 | — |
| शुक्रवार, 25 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 24 जून, शाम 6:11 | 25 जून, रात 8:17 | — |
| शुक्रवार, 9 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 8 जुला, शाम 4:07 | 9 जुला, दोपहर 2:04 | — |
| रविवार, 25 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 24 जुला, सुबह 8:41 | 25 जुला, सुबह 9:53 | — |
| शनिवार, 7 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 7 अग, रात 12:23 | 7 अग, रात 11:01 | — |
| सोमवार, 23 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 22 अग, रात 8:46 | 23 अग, रात 8:53 | — |
| सोमवार, 6 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 5 सित, सुबह 11:18 | 6 सित, सुबह 10:58 | — |
| मंगलवार, 21 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 21 सित, सुबह 6:43 | 22 सित, सुबह 5:52 | क्षय तिथि |
| मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 5 अक्टू, रात 1:37 | 6 अक्टू, रात 2:33 | — |
| गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 20 अक्टू, दोपहर 3:19 | 21 अक्टू, दोपहर 1:43 | — |
| गुरुवार, 4 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 3 नव, शाम 7:32 | 4 नव, रात 9:38 | — |
| शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 18 नव, रात 11:28 | 19 नव, रात 9:21 | — |
| शनिवार, 4 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 3 दिस, शाम 4:14 | 4 दिस, शाम 6:57 | — |
| शनिवार, 18 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 18 दिस, सुबह 7:58 | 19 दिस, सुबह 5:36 | क्षय तिथि |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
षष्ठी कब है 2027 में?
2027 में अगली षष्ठी गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को है। तिथि 13 जन, दोपहर 1:02 → 14 जन, दोपहर 1:59 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में षष्ठी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल षष्ठी और कृष्ण षष्ठी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। षष्ठी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में षष्ठी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या षष्ठी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
षष्ठी को और किन नामों से खोजा जाता है?
षष्ठी तिथि, छठ — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय षष्ठी क्या होती है?
2027 में 2 बार षष्ठी क्षय तिथि है: मंगलवार, 21 सितंबर 2027; शनिवार, 18 दिसंबर 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।