तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
दशमी 2026 में कब है
बुध, 4 नवंबर
दशमी: 3 नव, सुबह 11:55 → 4 नव, सुबह 11:04
अगली तिथि: कृष्ण दशमी — बुधवार, 4 नवंबर 2026
उसके बाद: शुक्ल दशमी — शुक्र, 20 नवंबर
कृष्ण दशमी — बुधवार, 4 नवंबर 2026
2026 में दशमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 13 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 12 जन, दोपहर 12:43 → 13 जन, दोपहर 3:18
- बुधवार, 28 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 27 जन, शाम 7:06 → 28 जन, शाम 4:37
फरवरी 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 12 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 11 फ़र, सुबह 9:59 → 12 फ़र, दोपहर 12:23
- गुरुवार, 26 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 26 फ़र, रात 2:41 → 27 फ़र, रात 12:34
मार्च 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 13 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 13 मार्च, सुबह 6:29 → 14 मार्च, सुबह 8:12 (अगले दिन भी मान्य)
- शनिवार, 28 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 27 मार्च, सुबह 10:07 → 28 मार्च, सुबह 8:46
अप्रैल 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 12 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 12 अप्रै, रात 12:38 → 13 अप्रै, रात 1:17
- रविवार, 26 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 25 अप्रै, शाम 6:29 → 26 अप्रै, शाम 6:07
मई 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 12 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 11 मई, दोपहर 3:25 → 12 मई, दोपहर 2:53
- सोमवार, 25 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 25 मई, सुबह 4:31 → 26 मई, सुबह 5:11
जून 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 10 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 10 जून, रात 2:35 → 11 जून, रात 12:58
- बुधवार, 24 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 23 जून, शाम 4:40 → 24 जून, शाम 6:13
जुलाई 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 9 जुला, सुबह 10:38 → 10 जुला, सुबह 8:17
- शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 23 जुला, सुबह 7:04 → 24 जुला, सुबह 9:13
अगस्त 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 8 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 7 अग, शाम 4:37 → 8 अग, दोपहर 1:59
- शनिवार, 22 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 21 अग, रात 11:36 → 23 अग, रात 2:01
सितंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 6 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 5 सित, रात 9:54 → 6 सित, शाम 7:29
- सोमवार, 21 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 20 सित, शाम 5:52 → 21 सित, रात 8:01
अक्टूबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 5 अक्टू, रात 3:54 → 6 अक्टू, रात 2:08
- बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 20 अक्टू, दोपहर 12:51 → 21 अक्टू, दोपहर 2:12
नवंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 4 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 3 नव, सुबह 11:55 → 4 नव, सुबह 11:04
- शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 19 नव, सुबह 7:06 → 20 नव, सुबह 7:16
दिसंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 2 दिस, रात 10:53 → 3 दिस, रात 11:04
- शनिवार, 19 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 दिस, रात 11:14 → 19 दिस, रात 10:09
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| मंगलवार, 13 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 12 जन, दोपहर 12:43 | 13 जन, दोपहर 3:18 | — |
| बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 27 जन, शाम 7:06 | 28 जन, शाम 4:37 | — |
| गुरुवार, 12 फरवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 11 फ़र, सुबह 9:59 | 12 फ़र, दोपहर 12:23 | — |
| गुरुवार, 26 फरवरी 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 26 फ़र, रात 2:41 | 27 फ़र, रात 12:34 | — |
| शुक्रवार, 13 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 13 मार्च, सुबह 6:29 | 14 मार्च, सुबह 8:12 | अगले दिन भी मान्य |
| शनिवार, 28 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 27 मार्च, सुबह 10:07 | 28 मार्च, सुबह 8:46 | — |
| रविवार, 12 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 12 अप्रै, रात 12:38 | 13 अप्रै, रात 1:17 | — |
| रविवार, 26 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 25 अप्रै, शाम 6:29 | 26 अप्रै, शाम 6:07 | — |
| मंगलवार, 12 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 11 मई, दोपहर 3:25 | 12 मई, दोपहर 2:53 | — |
| सोमवार, 25 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 25 मई, सुबह 4:31 | 26 मई, सुबह 5:11 | — |
| बुधवार, 10 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 10 जून, रात 2:35 | 11 जून, रात 12:58 | — |
| बुधवार, 24 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 23 जून, शाम 4:40 | 24 जून, शाम 6:13 | — |
| शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 9 जुला, सुबह 10:38 | 10 जुला, सुबह 8:17 | — |
| शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 23 जुला, सुबह 7:04 | 24 जुला, सुबह 9:13 | — |
| शनिवार, 8 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 7 अग, शाम 4:37 | 8 अग, दोपहर 1:59 | — |
| शनिवार, 22 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 21 अग, रात 11:36 | 23 अग, रात 2:01 | — |
| रविवार, 6 सितंबर 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 5 सित, रात 9:54 | 6 सित, शाम 7:29 | — |
| सोमवार, 21 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 20 सित, शाम 5:52 | 21 सित, रात 8:01 | — |
| सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 5 अक्टू, रात 3:54 | 6 अक्टू, रात 2:08 | — |
| बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 20 अक्टू, दोपहर 12:51 | 21 अक्टू, दोपहर 2:12 | — |
| बुधवार, 4 नवंबर 2026अगली | कृष्ण | कार्तिक | 3 नव, सुबह 11:55 | 4 नव, सुबह 11:04 | — |
| शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 19 नव, सुबह 7:06 | 20 नव, सुबह 7:16 | — |
| गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 2 दिस, रात 10:53 | 3 दिस, रात 11:04 | — |
| शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 18 दिस, रात 11:14 | 19 दिस, रात 10:09 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
दशमी कब है 2026 में?
2026 में अगली दशमी बुधवार, 4 नवंबर 2026 को है। तिथि 3 नव, सुबह 11:55 → 4 नव, सुबह 11:04 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में दशमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल दशमी और कृष्ण दशमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। दशमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में दशमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या दशमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
दशमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
दशमी तिथि, दसमी — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।