तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
तृतीया 2026 में कब है
बुध, 28 अक्टूबर
तृतीया: 28 अक्टू, सुबह 4:07 → 29 अक्टू, रात 1:07
अगली तिथि: कृष्ण तृतीया — बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
उसके बाद: शुक्ल तृतीया — गुरु, 12 नवंबर
कृष्ण तृतीया — बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
2026 में तृतीया 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 6 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 5 जन, सुबह 9:57 → 6 जन, सुबह 8:02
- बुधवार, 21 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 21 जन, रात 2:43 → 22 जन, रात 2:47
फरवरी 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 4 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 4 फ़र, रात 12:41 → 5 फ़र, रात 12:10
- शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 19 फ़र, दोपहर 3:59 → 20 फ़र, दोपहर 2:39
मार्च 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 6 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 5 मार्च, शाम 5:04 → 6 मार्च, शाम 5:54
- शनिवार, 21 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 21 मार्च, रात 2:32 → 21 मार्च, रात 11:57
अप्रैल 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 4 अप्रै, सुबह 10:10 → 5 अप्रै, दोपहर 12:00
- सोमवार, 20 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 19 अप्रै, सुबह 10:50 → 20 अप्रै, सुबह 7:28
मई 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 4 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 4 मई, रात 3:02 → 5 मई, सुबह 5:25
- मंगलवार, 19 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 18 मई, शाम 5:54 → 19 मई, दोपहर 2:19
जून 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 3 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 2 जून, शाम 7:02 → 3 जून, रात 9:21
- बुधवार, 17 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 17 जून, रात 12:52 → 17 जून, रात 9:39
जुलाई 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 2 जुला, सुबह 9:38 → 3 जुला, सुबह 11:21
- शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 16 जुला, सुबह 8:53 → 17 जुला, सुबह 6:28
अगस्त 2026 में तृतीया 3 बार पड़ती है।
- शनिवार, 1 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 31 जुला, रात 10:32 → 1 अग, रात 11:08
- शनिवार, 15 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 14 अग, शाम 6:47 → 15 अग, शाम 5:29
- सोमवार, 31 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 30 अग, सुबह 9:37 → 31 अग, सुबह 8:52
सितंबर 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 14 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 13 सित, सुबह 7:09 → 14 सित, सुबह 7:07
- मंगलवार, 29 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 28 सित, शाम 7:14 → 29 सित, शाम 5:10
अक्टूबर 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 12 अक्टू, रात 10:13 → 13 अक्टू, रात 11:28
- बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 28 अक्टू, सुबह 4:07 → 29 अक्टू, रात 1:07
नवंबर 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 12 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 11 नव, दोपहर 3:53 → 12 नव, शाम 6:10
- शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 26 नव, दोपहर 1:16 → 27 नव, सुबह 9:49
दिसंबर 2026 में तृतीया 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 12 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 11 दिस, सुबह 11:24 → 12 दिस, दोपहर 2:07
- शनिवार, 26 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 25 दिस, रात 11:26 → 26 दिस, रात 8:05
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| मंगलवार, 6 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 5 जन, सुबह 9:57 | 6 जन, सुबह 8:02 | — |
| बुधवार, 21 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 21 जन, रात 2:43 | 22 जन, रात 2:47 | — |
| बुधवार, 4 फरवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 4 फ़र, रात 12:41 | 5 फ़र, रात 12:10 | — |
| शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 19 फ़र, दोपहर 3:59 | 20 फ़र, दोपहर 2:39 | — |
| शुक्रवार, 6 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 5 मार्च, शाम 5:04 | 6 मार्च, शाम 5:54 | — |
| शनिवार, 21 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 21 मार्च, रात 2:32 | 21 मार्च, रात 11:57 | — |
| रविवार, 5 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 4 अप्रै, सुबह 10:10 | 5 अप्रै, दोपहर 12:00 | — |
| सोमवार, 20 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 19 अप्रै, सुबह 10:50 | 20 अप्रै, सुबह 7:28 | — |
| सोमवार, 4 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 4 मई, रात 3:02 | 5 मई, सुबह 5:25 | — |
| मंगलवार, 19 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 18 मई, शाम 5:54 | 19 मई, दोपहर 2:19 | — |
| बुधवार, 3 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 2 जून, शाम 7:02 | 3 जून, रात 9:21 | — |
| बुधवार, 17 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 17 जून, रात 12:52 | 17 जून, रात 9:39 | — |
| शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 2 जुला, सुबह 9:38 | 3 जुला, सुबह 11:21 | — |
| शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 16 जुला, सुबह 8:53 | 17 जुला, सुबह 6:28 | — |
| शनिवार, 1 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 31 जुला, रात 10:32 | 1 अग, रात 11:08 | — |
| शनिवार, 15 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 14 अग, शाम 6:47 | 15 अग, शाम 5:29 | — |
| सोमवार, 31 अगस्त 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 30 अग, सुबह 9:37 | 31 अग, सुबह 8:52 | — |
| सोमवार, 14 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 13 सित, सुबह 7:09 | 14 सित, सुबह 7:07 | — |
| मंगलवार, 29 सितंबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 28 सित, शाम 7:14 | 29 सित, शाम 5:10 | — |
| मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 12 अक्टू, रात 10:13 | 13 अक्टू, रात 11:28 | — |
| बुधवार, 28 अक्टूबर 2026अगली | कृष्ण | कार्तिक | 28 अक्टू, सुबह 4:07 | 29 अक्टू, रात 1:07 | — |
| गुरुवार, 12 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 11 नव, दोपहर 3:53 | 12 नव, शाम 6:10 | — |
| शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 26 नव, दोपहर 1:16 | 27 नव, सुबह 9:49 | — |
| शनिवार, 12 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 11 दिस, सुबह 11:24 | 12 दिस, दोपहर 2:07 | — |
| शनिवार, 26 दिसंबर 2026 | कृष्ण | पौष | 25 दिस, रात 11:26 | 26 दिस, रात 8:05 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
तृतीया कब है 2026 में?
2026 में अगली तृतीया बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को है। तिथि 28 अक्टू, सुबह 4:07 → 29 अक्टू, रात 1:07 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में तृतीया कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल तृतीया और कृष्ण तृतीया में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। तृतीया हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में तृतीया की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या तृतीया पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
तृतीया को और किन नामों से खोजा जाता है?
तीज, तृतीया तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।