तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
सप्तमी 2026 में कब है
रवि, 1 नवंबर
सप्तमी: 31 अक्टू, शाम 4:57 → 1 नव, दोपहर 2:52
अगली तिथि: कृष्ण सप्तमी — रविवार, 1 नवंबर 2026
उसके बाद: शुक्ल सप्तमी — सोम, 16 नवंबर
कृष्ण सप्तमी — रविवार, 1 नवंबर 2026
2026 में सप्तमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 9 जन, सुबह 7:06 → 10 जन, सुबह 8:24 (अगले दिन भी मान्य)
- रविवार, 25 जनवरी 2026 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 25 जन, रात 12:40 → 25 जन, रात 11:11
फरवरी 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 8 फरवरी 2026 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 8 फ़र, रात 2:55 → 9 फ़र, सुबह 5:01
- मंगलवार, 24 फरवरी 2026 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 23 फ़र, सुबह 9:09 → 24 फ़र, सुबह 7:03
मार्च 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 10 मार्च 2026 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 9 मार्च, रात 11:27 → 11 मार्च, रात 1:55
- बुधवार, 25 मार्च 2026 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 24 मार्च, शाम 4:08 → 25 मार्च, दोपहर 1:50
अप्रैल 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 8 अप्रै, शाम 7:02 → 9 अप्रै, रात 9:20
- गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 22 अप्रै, रात 10:50 → 23 अप्रै, रात 8:50
मई 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 9 मई 2026 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 8 मई, दोपहर 12:22 → 9 मई, दोपहर 2:03
- शुक्रवार, 22 मई 2026 शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 22 मई, सुबह 6:25 → 23 मई, सुबह 5:05 (क्षय तिथि)
जून 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 7 जून 2026 कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 7 जून, रात 2:42 → 8 जून, रात 3:25
- रविवार, 21 जून 2026 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 20 जून, दोपहर 3:47 → 21 जून, दोपहर 3:21
जुलाई 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 7 जुलाई 2026 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 6 जुला, दोपहर 1:47 → 7 जुला, दोपहर 1:25
- सोमवार, 20 जुलाई 2026 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 20 जुला, रात 3:30 → 21 जुला, सुबह 4:03
अगस्त 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 5 अगस्त 2026 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 4 अग, रात 10:04 → 5 अग, रात 8:43
- बुधवार, 19 अगस्त 2026 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 18 अग, शाम 5:51 → 19 अग, शाम 7:20
सितंबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 3 सितंबर 2026 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 3 सित, सुबह 4:27 → 4 सित, रात 2:26
- शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 17 सित, सुबह 10:48 → 18 सित, दोपहर 1:02
अक्टूबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 2 अक्टू, सुबह 10:16 → 3 अक्टू, सुबह 8:00
- शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 17 अक्टू, सुबह 5:55 → 18 अक्टू, सुबह 8:29 (अगले दिन भी मान्य)
नवंबर 2026 में सप्तमी 3 बार पड़ती है।
- रविवार, 1 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 31 अक्टू, शाम 4:57 → 1 नव, दोपहर 2:52
- सोमवार, 16 नवंबर 2026 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 16 नव, रात 2:02 → 17 नव, सुबह 4:20
- सोमवार, 30 नवंबर 2026 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 30 नव, रात 1:47 → 1 दिस, रात 12:12
दिसंबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 16 दिसंबर 2026 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 15 दिस, रात 9:20 → 16 दिस, रात 10:46
- बुधवार, 30 दिसंबर 2026 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 29 दिस, दोपहर 1:25 → 30 दिस, दोपहर 12:37
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 9 जन, सुबह 7:06 | 10 जन, सुबह 8:24 | अगले दिन भी मान्य |
| रविवार, 25 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 25 जन, रात 12:40 | 25 जन, रात 11:11 | — |
| रविवार, 8 फरवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 8 फ़र, रात 2:55 | 9 फ़र, सुबह 5:01 | — |
| मंगलवार, 24 फरवरी 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 23 फ़र, सुबह 9:09 | 24 फ़र, सुबह 7:03 | — |
| मंगलवार, 10 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 9 मार्च, रात 11:27 | 11 मार्च, रात 1:55 | — |
| बुधवार, 25 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 24 मार्च, शाम 4:08 | 25 मार्च, दोपहर 1:50 | — |
| गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 8 अप्रै, शाम 7:02 | 9 अप्रै, रात 9:20 | — |
| गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 22 अप्रै, रात 10:50 | 23 अप्रै, रात 8:50 | — |
| शनिवार, 9 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 8 मई, दोपहर 12:22 | 9 मई, दोपहर 2:03 | — |
| शुक्रवार, 22 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 22 मई, सुबह 6:25 | 23 मई, सुबह 5:05 | क्षय तिथि |
| रविवार, 7 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 7 जून, रात 2:42 | 8 जून, रात 3:25 | — |
| रविवार, 21 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 20 जून, दोपहर 3:47 | 21 जून, दोपहर 3:21 | — |
| मंगलवार, 7 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 6 जुला, दोपहर 1:47 | 7 जुला, दोपहर 1:25 | — |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 20 जुला, रात 3:30 | 21 जुला, सुबह 4:03 | — |
| बुधवार, 5 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 4 अग, रात 10:04 | 5 अग, रात 8:43 | — |
| बुधवार, 19 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 18 अग, शाम 5:51 | 19 अग, शाम 7:20 | — |
| गुरुवार, 3 सितंबर 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 3 सित, सुबह 4:27 | 4 सित, रात 2:26 | — |
| शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 17 सित, सुबह 10:48 | 18 सित, दोपहर 1:02 | — |
| शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 2 अक्टू, सुबह 10:16 | 3 अक्टू, सुबह 8:00 | — |
| शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 17 अक्टू, सुबह 5:55 | 18 अक्टू, सुबह 8:29 | अगले दिन भी मान्य |
| रविवार, 1 नवंबर 2026अगली | कृष्ण | कार्तिक | 31 अक्टू, शाम 4:57 | 1 नव, दोपहर 2:52 | — |
| सोमवार, 16 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 16 नव, रात 2:02 | 17 नव, सुबह 4:20 | — |
| सोमवार, 30 नवंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 30 नव, रात 1:47 | 1 दिस, रात 12:12 | — |
| बुधवार, 16 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 15 दिस, रात 9:20 | 16 दिस, रात 10:46 | — |
| बुधवार, 30 दिसंबर 2026 | कृष्ण | पौष | 29 दिस, दोपहर 1:25 | 30 दिस, दोपहर 12:37 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
सप्तमी कब है 2026 में?
2026 में अगली सप्तमी रविवार, 1 नवंबर 2026 को है। तिथि 31 अक्टू, शाम 4:57 → 1 नव, दोपहर 2:52 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में सप्तमी कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल सप्तमी और कृष्ण सप्तमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। सप्तमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में सप्तमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या सप्तमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
सप्तमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
सप्तमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय सप्तमी क्या होती है?
2026 में 1 बार सप्तमी क्षय तिथि है: शुक्रवार, 22 मई 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।