तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
सप्तमी 2027 में कब है
शुक्र, 15 जनवरी
सप्तमी: 14 जन, दोपहर 1:59 → 15 जन, दोपहर 2:14
2027 में पहली: शुक्ल सप्तमी — शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
उसके बाद: कृष्ण सप्तमी — गुरु, 28 जनवरी
शुक्ल सप्तमी — शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
2027 में सप्तमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 14 जन, दोपहर 1:59 → 15 जन, दोपहर 2:14
- गुरुवार, 28 जनवरी 2027 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 28 जन, रात 3:54 → 29 जन, सुबह 4:03
फरवरी 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 फरवरी 2027 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 13 फ़र, रात 3:00 → 14 फ़र, रात 2:07
- शनिवार, 27 फरवरी 2027 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 26 फ़र, रात 8:43 → 27 फ़र, रात 9:55
मार्च 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 15 मार्च 2027 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 14 मार्च, दोपहर 12:32 → 15 मार्च, सुबह 10:52
- सोमवार, 29 मार्च 2027 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 28 मार्च, दोपहर 3:05 → 29 मार्च, शाम 5:11
अप्रैल 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 13 अप्रैल 2027 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 12 अप्रै, शाम 7:35 → 13 अप्रै, शाम 5:30
- बुधवार, 28 अप्रैल 2027 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 27 अप्रै, सुबह 9:57 → 28 अप्रै, दोपहर 12:31
मई 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 12 मई 2027 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 12 मई, रात 1:24 → 12 मई, रात 11:13
- गुरुवार, 27 मई 2027 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 27 मई, सुबह 4:05 → 28 मई, सुबह 6:27 (अगले दिन भी मान्य)
जून 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 10 जून 2027 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 10 जून, सुबह 7:12 → 11 जून, सुबह 5:14 (क्षय तिथि)
- शनिवार, 26 जून 2027 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 25 जून, रात 8:17 → 26 जून, रात 9:52
जुलाई 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 10 जुलाई 2027 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 9 जुला, दोपहर 2:04 → 10 जुला, दोपहर 12:37
- सोमवार, 26 जुलाई 2027 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 25 जुला, सुबह 9:53 → 26 जुला, सुबह 10:25
अगस्त 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 8 अगस्त 2027 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 7 अग, रात 11:01 → 8 अग, रात 10:25
- मंगलवार, 24 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 23 अग, रात 8:54 → 24 अग, रात 8:25
सितंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 7 सितंबर 2027 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 6 सित, सुबह 10:58 → 7 सित, सुबह 11:28
- बुधवार, 22 सितंबर 2027 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 22 सित, सुबह 5:52 → 23 सित, सुबह 4:37
अक्टूबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 6 अक्टूबर 2027 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 6 अक्टू, रात 2:33 → 7 अक्टू, सुबह 4:13
- शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 21 अक्टू, दोपहर 1:43 → 22 अक्टू, सुबह 11:56
नवंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 5 नवंबर 2027 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 4 नव, रात 9:38 → 6 नव, रात 12:10
- शनिवार, 20 नवंबर 2027 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 19 नव, रात 9:21 → 20 नव, शाम 7:18
दिसंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 दिसंबर 2027 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 4 दिस, शाम 6:56 → 5 दिस, रात 9:37
- रविवार, 19 दिसंबर 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 19 दिस, सुबह 5:37 → 20 दिस, रात 3:34
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 15 जनवरी 2027अगली | शुक्ल | पौष | 14 जन, दोपहर 1:59 | 15 जन, दोपहर 2:14 | — |
| गुरुवार, 28 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 28 जन, रात 3:54 | 29 जन, सुबह 4:03 | — |
| शनिवार, 13 फरवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 13 फ़र, रात 3:00 | 14 फ़र, रात 2:07 | — |
| शनिवार, 27 फरवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 26 फ़र, रात 8:43 | 27 फ़र, रात 9:55 | — |
| सोमवार, 15 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 14 मार्च, दोपहर 12:32 | 15 मार्च, सुबह 10:52 | — |
| सोमवार, 29 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 28 मार्च, दोपहर 3:05 | 29 मार्च, शाम 5:11 | — |
| मंगलवार, 13 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 12 अप्रै, शाम 7:35 | 13 अप्रै, शाम 5:30 | — |
| बुधवार, 28 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 27 अप्रै, सुबह 9:57 | 28 अप्रै, दोपहर 12:31 | — |
| बुधवार, 12 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 12 मई, रात 1:24 | 12 मई, रात 11:13 | — |
| गुरुवार, 27 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 27 मई, सुबह 4:05 | 28 मई, सुबह 6:27 | अगले दिन भी मान्य |
| गुरुवार, 10 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 10 जून, सुबह 7:12 | 11 जून, सुबह 5:14 | क्षय तिथि |
| शनिवार, 26 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 25 जून, रात 8:17 | 26 जून, रात 9:52 | — |
| शनिवार, 10 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 9 जुला, दोपहर 2:04 | 10 जुला, दोपहर 12:37 | — |
| सोमवार, 26 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 25 जुला, सुबह 9:53 | 26 जुला, सुबह 10:25 | — |
| रविवार, 8 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 7 अग, रात 11:01 | 8 अग, रात 10:25 | — |
| मंगलवार, 24 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 23 अग, रात 8:54 | 24 अग, रात 8:25 | — |
| मंगलवार, 7 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 6 सित, सुबह 10:58 | 7 सित, सुबह 11:28 | — |
| बुधवार, 22 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 22 सित, सुबह 5:52 | 23 सित, सुबह 4:37 | — |
| बुधवार, 6 अक्टूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 6 अक्टू, रात 2:33 | 7 अक्टू, सुबह 4:13 | — |
| शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 21 अक्टू, दोपहर 1:43 | 22 अक्टू, सुबह 11:56 | — |
| शुक्रवार, 5 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 4 नव, रात 9:38 | 6 नव, रात 12:10 | — |
| शनिवार, 20 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 19 नव, रात 9:21 | 20 नव, शाम 7:18 | — |
| रविवार, 5 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 4 दिस, शाम 6:56 | 5 दिस, रात 9:37 | — |
| रविवार, 19 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 19 दिस, सुबह 5:37 | 20 दिस, रात 3:34 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
सप्तमी कब है 2027 में?
2027 में अगली सप्तमी शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है। तिथि 14 जन, दोपहर 1:59 → 15 जन, दोपहर 2:14 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में सप्तमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल सप्तमी और कृष्ण सप्तमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। सप्तमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में सप्तमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या सप्तमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
सप्तमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
सप्तमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय सप्तमी क्या होती है?
2027 में 1 बार सप्तमी क्षय तिथि है: गुरुवार, 10 जून 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।