तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
अष्टमी 2027 में कब है
शनि, 16 जनवरी
अष्टमी: 15 जन, दोपहर 2:14 → 16 जन, दोपहर 1:44
2027 में पहली: शुक्ल अष्टमी — शनिवार, 16 जनवरी 2027
उसके बाद: कृष्ण अष्टमी — शुक्र, 29 जनवरी
शुक्ल अष्टमी — शनिवार, 16 जनवरी 2027
2027 में अष्टमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 16 जनवरी 2027 शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 15 जन, दोपहर 2:14 → 16 जन, दोपहर 1:44
- शुक्रवार, 29 जनवरी 2027 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 29 जन, सुबह 4:03 → 30 जन, सुबह 4:59
फरवरी 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 14 फरवरी 2027 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 14 फ़र, रात 2:07 → 15 फ़र, रात 12:42
- रविवार, 28 फरवरी 2027 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 27 फ़र, रात 9:55 → 28 फ़र, रात 11:46
मार्च 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 16 मार्च 2027 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 15 मार्च, सुबह 10:52 → 16 मार्च, सुबह 8:54
- मंगलवार, 30 मार्च 2027 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 29 मार्च, शाम 5:11 → 30 मार्च, शाम 7:40
अप्रैल 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 14 अप्रैल 2027 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 13 अप्रै, शाम 5:29 → 14 अप्रै, दोपहर 3:24
- गुरुवार, 29 अप्रैल 2027 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 28 अप्रै, दोपहर 12:31 → 29 अप्रै, दोपहर 3:02
मई 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 13 मई 2027 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 12 मई, रात 11:14 → 13 मई, रात 9:18
- शनिवार, 29 मई 2027 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 28 मई, सुबह 6:26 → 29 मई, सुबह 8:20
जून 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 11 जून 2027 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 11 जून, सुबह 5:14 → 12 जून, रात 3:45
- रविवार, 27 जून 2027 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 26 जून, रात 9:52 → 27 जून, रात 10:45
जुलाई 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 11 जुलाई 2027 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 10 जुला, दोपहर 12:37 → 11 जुला, सुबह 11:50
- मंगलवार, 27 जुलाई 2027 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 26 जुला, सुबह 10:25 → 27 जुला, सुबह 10:13
अगस्त 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 9 अगस्त 2027 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 8 अग, रात 10:25 → 9 अग, रात 10:34
- बुधवार, 25 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 24 अग, रात 8:25 → 25 अग, शाम 7:20
सितंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 8 सितंबर 2027 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 7 सित, सुबह 11:29 → 8 सित, दोपहर 12:45
- गुरुवार, 23 सितंबर 2027 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 23 सित, सुबह 4:37 → 24 सित, रात 2:58
अक्टूबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 7 अक्टू, सुबह 4:13 → 8 अक्टू, सुबह 6:28 (अगले दिन भी मान्य)
- शनिवार, 23 अक्टूबर 2027 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 22 अक्टू, सुबह 11:56 → 23 अक्टू, सुबह 10:00
नवंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 6 नवंबर 2027 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 6 नव, रात 12:10 → 7 नव, रात 2:51
- रविवार, 21 नवंबर 2027 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 20 नव, शाम 7:18 → 21 नव, शाम 5:20
दिसंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 6 दिसंबर 2027 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 5 दिस, रात 9:37 → 7 दिस, रात 12:00
- सोमवार, 20 दिसंबर 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 20 दिस, रात 3:34 → 21 दिस, रात 1:53
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| शनिवार, 16 जनवरी 2027अगली | शुक्ल | पौष | 15 जन, दोपहर 2:14 | 16 जन, दोपहर 1:44 | — |
| शुक्रवार, 29 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 29 जन, सुबह 4:03 | 30 जन, सुबह 4:59 | — |
| रविवार, 14 फरवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 14 फ़र, रात 2:07 | 15 फ़र, रात 12:42 | — |
| रविवार, 28 फरवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 27 फ़र, रात 9:55 | 28 फ़र, रात 11:46 | — |
| मंगलवार, 16 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 15 मार्च, सुबह 10:52 | 16 मार्च, सुबह 8:54 | — |
| मंगलवार, 30 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 29 मार्च, शाम 5:11 | 30 मार्च, शाम 7:40 | — |
| बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 13 अप्रै, शाम 5:29 | 14 अप्रै, दोपहर 3:24 | — |
| गुरुवार, 29 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 28 अप्रै, दोपहर 12:31 | 29 अप्रै, दोपहर 3:02 | — |
| गुरुवार, 13 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 12 मई, रात 11:14 | 13 मई, रात 9:18 | — |
| शनिवार, 29 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 28 मई, सुबह 6:26 | 29 मई, सुबह 8:20 | — |
| शुक्रवार, 11 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 11 जून, सुबह 5:14 | 12 जून, रात 3:45 | — |
| रविवार, 27 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 26 जून, रात 9:52 | 27 जून, रात 10:45 | — |
| रविवार, 11 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 10 जुला, दोपहर 12:37 | 11 जुला, सुबह 11:50 | — |
| मंगलवार, 27 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 26 जुला, सुबह 10:25 | 27 जुला, सुबह 10:13 | — |
| सोमवार, 9 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 8 अग, रात 10:25 | 9 अग, रात 10:34 | — |
| बुधवार, 25 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 24 अग, रात 8:25 | 25 अग, शाम 7:20 | — |
| बुधवार, 8 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 7 सित, सुबह 11:29 | 8 सित, दोपहर 12:45 | — |
| गुरुवार, 23 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 23 सित, सुबह 4:37 | 24 सित, रात 2:58 | — |
| गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 7 अक्टू, सुबह 4:13 | 8 अक्टू, सुबह 6:28 | अगले दिन भी मान्य |
| शनिवार, 23 अक्टूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 22 अक्टू, सुबह 11:56 | 23 अक्टू, सुबह 10:00 | — |
| शनिवार, 6 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 6 नव, रात 12:10 | 7 नव, रात 2:51 | — |
| रविवार, 21 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 20 नव, शाम 7:18 | 21 नव, शाम 5:20 | — |
| सोमवार, 6 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 5 दिस, रात 9:37 | 7 दिस, रात 12:00 | — |
| सोमवार, 20 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 20 दिस, रात 3:34 | 21 दिस, रात 1:53 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
अष्टमी कब है 2027 में?
2027 में अगली अष्टमी शनिवार, 16 जनवरी 2027 को है। तिथि 15 जन, दोपहर 2:14 → 16 जन, दोपहर 1:44 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में अष्टमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल अष्टमी और कृष्ण अष्टमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। अष्टमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में अष्टमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या अष्टमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
अष्टमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
अष्टमी तिथि, आठें — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।