तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
चतुर्दशी 2027 में कब है
बुध, 6 जनवरी
चतुर्दशी: 5 जन, रात 8:40 → 6 जन, रात 11:14
2027 में पहली: कृष्ण चतुर्दशी — बुधवार, 6 जनवरी 2027
उसके बाद: शुक्ल चतुर्दशी — गुरु, 21 जनवरी
कृष्ण चतुर्दशी — बुधवार, 6 जनवरी 2027
2027 में चतुर्दशी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 6 जनवरी 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 5 जन, रात 8:40 → 6 जन, रात 11:14
- गुरुवार, 21 जनवरी 2027 शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 21 जन, रात 1:12 → 21 जन, रात 9:30
फरवरी 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 5 फरवरी 2027 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 4 फ़र, शाम 4:32 → 5 फ़र, शाम 7:06
- शनिवार, 20 फरवरी 2027 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 19 फ़र, सुबह 11:15 → 20 फ़र, सुबह 8:00
मार्च 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 7 मार्च 2027 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 6 मार्च, दोपहर 12:04 → 7 मार्च, दोपहर 1:46
- रविवार, 21 मार्च 2027 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 20 मार्च, रात 8:46 → 21 मार्च, शाम 6:22
अप्रैल 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 5 अप्रैल 2027 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 5 अप्रै, सुबह 5:24 → 6 अप्रै, सुबह 5:41
- सोमवार, 19 अप्रैल 2027 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 19 अप्रै, सुबह 6:09 → 20 अप्रै, सुबह 4:52 (क्षय तिथि)
मई 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 5 मई 2027 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 4 मई, शाम 7:32 → 5 मई, शाम 6:17
- बुधवार, 19 मई 2027 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 18 मई, शाम 4:04 → 19 मई, शाम 4:03
जून 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 3 जून 2027 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 3 जून, सुबह 6:35 → 4 जून, सुबह 4:06 (क्षय तिथि)
- गुरुवार, 17 जून 2027 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 17 जून, रात 3:20 → 18 जून, सुबह 4:35
जुलाई 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 3 जुलाई 2027 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 2 जुला, दोपहर 3:24 → 3 जुला, दोपहर 12:06
- शनिवार, 17 जुलाई 2027 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 16 जुला, शाम 4:35 → 17 जुला, शाम 6:49
अगस्त 2027 में चतुर्दशी 3 बार पड़ती है।
- रविवार, 1 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 31 जुला, रात 10:58 → 1 अग, शाम 7:20
- सोमवार, 16 अगस्त 2027 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 15 अग, सुबह 7:54 → 16 अग, सुबह 10:29
- सोमवार, 30 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 30 अग, सुबह 6:13 → 31 अग, रात 2:41 (क्षय तिथि)
सितंबर 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 14 सितंबर 2027 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 14 सित, रात 12:40 → 15 सित, रात 2:49
- बुधवार, 29 सितंबर 2027 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 28 सित, दोपहर 1:55 → 29 सित, सुबह 10:55
अक्टूबर 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 13 अक्टू, शाम 5:49 → 14 अक्टू, शाम 6:50
- गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 27 अक्टू, रात 10:50 → 28 अक्टू, रात 8:48
नवंबर 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 नवंबर 2027 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 12 नव, सुबह 10:21 → 13 नव, सुबह 9:56
- शनिवार, 27 नवंबर 2027 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 26 नव, सुबह 9:48 → 27 नव, सुबह 9:07
दिसंबर 2027 में चतुर्दशी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 12 दिसंबर 2027 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 12 दिस, रात 1:43 → 12 दिस, रात 11:55
- रविवार, 26 दिसंबर 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 25 दिस, रात 11:32 → 27 दिस, रात 12:23
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 6 जनवरी 2027अगली | कृष्ण | पौष | 5 जन, रात 8:40 | 6 जन, रात 11:14 | — |
| गुरुवार, 21 जनवरी 2027 | शुक्ल | पौष | 21 जन, रात 1:12 | 21 जन, रात 9:30 | — |
| शुक्रवार, 5 फरवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 4 फ़र, शाम 4:32 | 5 फ़र, शाम 7:06 | — |
| शनिवार, 20 फरवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 19 फ़र, सुबह 11:15 | 20 फ़र, सुबह 8:00 | — |
| रविवार, 7 मार्च 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 6 मार्च, दोपहर 12:04 | 7 मार्च, दोपहर 1:46 | — |
| रविवार, 21 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 20 मार्च, रात 8:46 | 21 मार्च, शाम 6:22 | — |
| सोमवार, 5 अप्रैल 2027 | कृष्ण | चैत्र | 5 अप्रै, सुबह 5:24 | 6 अप्रै, सुबह 5:41 | — |
| सोमवार, 19 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 19 अप्रै, सुबह 6:09 | 20 अप्रै, सुबह 4:52 | क्षय तिथि |
| बुधवार, 5 मई 2027 | कृष्ण | वैशाख | 4 मई, शाम 7:32 | 5 मई, शाम 6:17 | — |
| बुधवार, 19 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 18 मई, शाम 4:04 | 19 मई, शाम 4:03 | — |
| गुरुवार, 3 जून 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 3 जून, सुबह 6:35 | 4 जून, सुबह 4:06 | क्षय तिथि |
| गुरुवार, 17 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 17 जून, रात 3:20 | 18 जून, सुबह 4:35 | — |
| शनिवार, 3 जुलाई 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 2 जुला, दोपहर 3:24 | 3 जुला, दोपहर 12:06 | — |
| शनिवार, 17 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 16 जुला, शाम 4:35 | 17 जुला, शाम 6:49 | — |
| रविवार, 1 अगस्त 2027 | कृष्ण | श्रावण | 31 जुला, रात 10:58 | 1 अग, शाम 7:20 | — |
| सोमवार, 16 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 15 अग, सुबह 7:54 | 16 अग, सुबह 10:29 | — |
| सोमवार, 30 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 30 अग, सुबह 6:13 | 31 अग, रात 2:41 | क्षय तिथि |
| मंगलवार, 14 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 14 सित, रात 12:40 | 15 सित, रात 2:49 | — |
| बुधवार, 29 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 28 सित, दोपहर 1:55 | 29 सित, सुबह 10:55 | — |
| गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 13 अक्टू, शाम 5:49 | 14 अक्टू, शाम 6:50 | — |
| गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 27 अक्टू, रात 10:50 | 28 अक्टू, रात 8:48 | — |
| शनिवार, 13 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 12 नव, सुबह 10:21 | 13 नव, सुबह 9:56 | — |
| शनिवार, 27 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 26 नव, सुबह 9:48 | 27 नव, सुबह 9:07 | — |
| रविवार, 12 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 12 दिस, रात 1:43 | 12 दिस, रात 11:55 | — |
| रविवार, 26 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 25 दिस, रात 11:32 | 27 दिस, रात 12:23 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
चतुर्दशी कब है 2027 में?
2027 में अगली चतुर्दशी बुधवार, 6 जनवरी 2027 को है। तिथि 5 जन, रात 8:40 → 6 जन, रात 11:14 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में चतुर्दशी कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल चतुर्दशी और कृष्ण चतुर्दशी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। चतुर्दशी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में चतुर्दशी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या चतुर्दशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
चतुर्दशी को और किन नामों से खोजा जाता है?
चौदस, चतुर्दशी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय चतुर्दशी क्या होती है?
2027 में 3 बार चतुर्दशी क्षय तिथि है: सोमवार, 19 अप्रैल 2027; गुरुवार, 3 जून 2027; सोमवार, 30 अगस्त 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।