तिथि कैलेंडर · नई दिल्ली
पंचमी 2027 में कब है
बुध, 13 जनवरी
पंचमी: 12 जन, सुबह 11:30 → 13 जन, दोपहर 1:02
2027 में पहली: शुक्ल पंचमी — बुधवार, 13 जनवरी 2027
उसके बाद: कृष्ण पंचमी — मंगल, 26 जनवरी
शुक्ल पंचमी — बुधवार, 13 जनवरी 2027
2027 में पंचमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
जनवरी 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 13 जनवरी 2027 शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 12 जन, सुबह 11:30 → 13 जन, दोपहर 1:02
- मंगलवार, 26 जनवरी 2027 कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 26 जन, सुबह 6:01 → 27 जन, सुबह 4:33
फरवरी 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 11 फरवरी 2027 शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 11 फ़र, रात 3:05 → 12 फ़र, रात 3:19
- गुरुवार, 25 फरवरी 2027 कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 24 फ़र, रात 8:40 → 25 फ़र, रात 8:18
मार्च 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 मार्च 2027 शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 12 मार्च, दोपहर 2:58 → 13 मार्च, दोपहर 1:55
- शनिवार, 27 मार्च 2027 कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 26 मार्च, दोपहर 12:44 → 27 मार्च, दोपहर 1:34
अप्रैल 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 11 अप्रैल 2027 शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 10 अप्रै, रात 11:40 → 11 अप्रै, रात 9:40
- रविवार, 25 अप्रैल 2027 कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 25 अप्रै, सुबह 5:42 → 26 अप्रै, सुबह 7:37 (अगले दिन भी मान्य)
मई 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 10 मई 2027 शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 10 मई, सुबह 6:23 → 11 मई, रात 3:49 (क्षय तिथि)
- मंगलवार, 25 मई 2027 कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 24 मई, रात 10:59 → 26 मई, रात 1:31
जून 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 9 जून 2027 शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 8 जून, दोपहर 12:22 → 9 जून, सुबह 9:36
- गुरुवार, 24 जून 2027 कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 23 जून, दोपहर 3:43 → 24 जून, शाम 6:10
जुलाई 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 8 जुलाई 2027 शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 7 जुला, शाम 6:44 → 8 जुला, शाम 4:07
- शनिवार, 24 जुलाई 2027 कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 23 जुला, सुबह 6:57 → 24 जुला, सुबह 8:41
अगस्त 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 6 अग, रात 2:28 → 7 अग, रात 12:23
- रविवार, 22 अगस्त 2027 कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 21 अग, रात 8:05 → 22 अग, रात 8:46
सितंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 सितंबर 2027 शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 4 सित, दोपहर 12:26 → 5 सित, सुबह 11:18
- मंगलवार, 21 सितंबर 2027 कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 20 सित, सुबह 7:09 → 21 सित, सुबह 6:43
अक्टूबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 4 अक्टू, रात 1:29 → 5 अक्टू, रात 1:36
- बुधवार, 20 अक्टूबर 2027 कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 19 अक्टू, शाम 4:42 → 20 अक्टू, दोपहर 3:19
नवंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 3 नवंबर 2027 शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 2 नव, शाम 6:03 → 3 नव, शाम 7:32
- गुरुवार, 18 नवंबर 2027 कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 नव, रात 1:36 → 18 नव, रात 11:27
दिसंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 2 दिस, दोपहर 1:44 → 3 दिस, शाम 4:14
- शनिवार, 18 दिसंबर 2027 कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 17 दिस, सुबह 10:35 → 18 दिस, सुबह 7:58
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 13 जनवरी 2027अगली | शुक्ल | पौष | 12 जन, सुबह 11:30 | 13 जन, दोपहर 1:02 | — |
| मंगलवार, 26 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 26 जन, सुबह 6:01 | 27 जन, सुबह 4:33 | — |
| गुरुवार, 11 फरवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 11 फ़र, रात 3:05 | 12 फ़र, रात 3:19 | — |
| गुरुवार, 25 फरवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 24 फ़र, रात 8:40 | 25 फ़र, रात 8:18 | — |
| शनिवार, 13 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 12 मार्च, दोपहर 2:58 | 13 मार्च, दोपहर 1:55 | — |
| शनिवार, 27 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 26 मार्च, दोपहर 12:44 | 27 मार्च, दोपहर 1:34 | — |
| रविवार, 11 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 10 अप्रै, रात 11:40 | 11 अप्रै, रात 9:40 | — |
| रविवार, 25 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 25 अप्रै, सुबह 5:42 | 26 अप्रै, सुबह 7:37 | अगले दिन भी मान्य |
| सोमवार, 10 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 10 मई, सुबह 6:23 | 11 मई, रात 3:49 | क्षय तिथि |
| मंगलवार, 25 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 24 मई, रात 10:59 | 26 मई, रात 1:31 | — |
| बुधवार, 9 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 8 जून, दोपहर 12:22 | 9 जून, सुबह 9:36 | — |
| गुरुवार, 24 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 23 जून, दोपहर 3:43 | 24 जून, शाम 6:10 | — |
| गुरुवार, 8 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 7 जुला, शाम 6:44 | 8 जुला, शाम 4:07 | — |
| शनिवार, 24 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 23 जुला, सुबह 6:57 | 24 जुला, सुबह 8:41 | — |
| शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 6 अग, रात 2:28 | 7 अग, रात 12:23 | — |
| रविवार, 22 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 21 अग, रात 8:05 | 22 अग, रात 8:46 | — |
| रविवार, 5 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 4 सित, दोपहर 12:26 | 5 सित, सुबह 11:18 | — |
| मंगलवार, 21 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 20 सित, सुबह 7:09 | 21 सित, सुबह 6:43 | — |
| सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 4 अक्टू, रात 1:29 | 5 अक्टू, रात 1:36 | — |
| बुधवार, 20 अक्टूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 19 अक्टू, शाम 4:42 | 20 अक्टू, दोपहर 3:19 | — |
| बुधवार, 3 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 2 नव, शाम 6:03 | 3 नव, शाम 7:32 | — |
| गुरुवार, 18 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 18 नव, रात 1:36 | 18 नव, रात 11:27 | — |
| शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 2 दिस, दोपहर 1:44 | 3 दिस, शाम 4:14 | — |
| शनिवार, 18 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 17 दिस, सुबह 10:35 | 18 दिस, सुबह 7:58 | — |
- यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
सामान्य प्रश्न
पंचमी कब है 2027 में?
2027 में अगली पंचमी बुधवार, 13 जनवरी 2027 को है। तिथि 12 जन, सुबह 11:30 → 13 जन, दोपहर 1:02 तक चलती है (नई दिल्ली के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में पंचमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल पंचमी और कृष्ण पंचमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। पंचमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में पंचमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या पंचमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो नई दिल्ली में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
पंचमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
पंचमी तिथि, पंचम — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय पंचमी क्या होती है?
2027 में 1 बार पंचमी क्षय तिथि है: सोमवार, 10 मई 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।