मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अप्रैल 2026 में नामकरण मुहूर्त
बुध, 1 अप्रैल
सुबह 7:06 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल)
अप्रैल 2026 में नामकरण के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 6, 10, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 23, 24, 27, 29 और 30 अप्रैल। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को सुबह 7:06 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल) है।
उसके बाद: गुरु, 2 अप्रैल · सुबह 6:10 – सुबह 6:09 (3 अप्रैल)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 7:06 | सुबह 6:10 | सुबह 6:09 | ||||
| दोपहर 2:11 | सुबह 11:28 | |||||
| सुबह 5:59 | शाम 4:03 | दोपहर 3:22 | शाम 5:21 | |||
| सुबह 4:35 | सुबह 5:50 | रात 8:57 | सुबह 5:46 | |||
| रात 9:18 | सुबह 5:42 | रात 9:13 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
सुबह 7:06 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- पूर्णिमा (1 अप्रैल, सुबह 7:06 – 2 अप्रैल, सुबह 7:41)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
सुबह 6:10 – सुबह 6:09 (3 अप्रैल)
- हस्त, चित्रा
- पूर्णिमा (1 अप्रैल, सुबह 7:06 – 2 अप्रैल, सुबह 7:41)
कृष्ण प्रतिपदा (2 अप्रैल, सुबह 7:41 – 3 अप्रैल, सुबह 8:42) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
सुबह 6:09 – सुबह 6:07 (4 अप्रैल)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण प्रतिपदा (2 अप्रैल, सुबह 7:41 – 3 अप्रैल, सुबह 8:42)
कृष्ण द्वितीया (3 अप्रैल, सुबह 8:42 – 4 अप्रैल, सुबह 10:09) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
सोमवार, 6 अप्रैल 2026
दोपहर 2:11 – रात 2:56 (7 अप्रैल)
- अनुराधा
- कृष्ण पंचमी (6 अप्रैल, दोपहर 2:11 – 7 अप्रैल, शाम 4:35)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
सुबह 11:28 – रात 11:16
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण अष्टमी (9 अप्रैल, रात 9:20 – 10 अप्रैल, रात 11:16)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 12 अप्रैल 2026
सुबह 5:59 – दोपहर 3:14
- श्रवण
- कृष्ण दशमी (12 अप्रैल, रात 12:38 – 13 अप्रैल, रात 1:17)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 13 अप्रैल 2026
शाम 4:03 – सुबह 5:56 (14 अप्रैल)
- शतभिषा
- कृष्ण एकादशी (13 अप्रैल, रात 1:17 – 14 अप्रैल, रात 1:09)
कृष्ण द्वादशी (14 अप्रैल, रात 1:09 – 15 अप्रैल, रात 12:12) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
दोपहर 3:22 – रात 10:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण त्रयोदशी (15 अप्रैल, रात 12:12 – 15 अप्रैल, रात 10:31)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
शाम 5:21 – सुबह 5:52 (18 अप्रैल)
- अश्विनी
- शुक्ल प्रतिपदा (17 अप्रैल, शाम 5:21 – 18 अप्रैल, दोपहर 2:11)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 19 अप्रैल 2026
सुबह 4:35 – सुबह 5:50 (20 अप्रैल)
- रोहिणी
- शुक्ल तृतीया (19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:28)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
सुबह 5:50 – सुबह 7:28
सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया (19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:28)
शुक्ल पंचमी (21 अप्रैल, सुबह 4:15 – 22 अप्रैल, रात 1:20) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
रात 8:57 – सुबह 5:46 (24 अप्रैल)
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी (23 अप्रैल, रात 8:49 – 24 अप्रैल, शाम 7:22)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
सुबह 5:46 – शाम 7:22
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी (23 अप्रैल, रात 8:49 – 24 अप्रैल, शाम 7:22)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
सोमवार, 27 अप्रैल 2026
रात 9:18 – सुबह 5:43 (28 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल द्वादशी (27 अप्रैल, शाम 6:16 – 28 अप्रैल, शाम 6:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
सुबह 5:42 – शाम 7:52
- हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी (28 अप्रैल, शाम 6:52 – 29 अप्रैल, शाम 7:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
रात 9:13 – सुबह 5:40 (1 मई)
- चित्रा, स्वाति
- पूर्णिमा (30 अप्रैल, रात 9:13 – 1 मई, रात 10:53)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 4 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 5 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्थी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 7 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 8–9 अप्रैल चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 14 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 16 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 18 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 21 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 22 अप्रैल चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 25 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 26 अप्रैल चंद्रमा मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 28 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अप्रैल 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 16 दिन: 1, 2, 3, 6, 10, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 23, 24, 27, 29 और 30 अप्रैल।
बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 7:06 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
अप्रैल 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 1 मई 2026 को।