मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
सितंबर 2026 में नामकरण मुहूर्त
गुरु, 3 सितंबर
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर)
सितंबर 2026 में नामकरण के 14 शुभ मुहूर्त हैं: 3, 4, 7, 11, 13, 14, 16, 17, 20, 21, 23, 24, 27 और 28 सितंबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर) है।
उसके बाद: शुक्र, 4 सितंबर · सुबह 6:00 – रात 12:14 (5 सितंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 12:29 | सुबह 6:00 | |||||
| शाम 6:14 | दोपहर 1:16 | |||||
| सुबह 6:04 | सुबह 6:05 | शाम 5:22 | सुबह 6:06 | |||
| सुबह 4:34 | सुबह 6:08 | सुबह 6:09 | सुबह 10:35 | |||
| सुबह 6:11 | सुबह 6:12 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर)
- रोहिणी
- कृष्ण सप्तमी (3 सितंबर, सुबह 4:26 – 4 सितंबर, रात 2:25)
कृष्ण अष्टमी (4 सितंबर, रात 2:25 – 5 सितंबर, रात 12:14) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
सुबह 6:00 – रात 12:14 (5 सितंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण अष्टमी (4 सितंबर, रात 2:25 – 5 सितंबर, रात 12:14)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
सोमवार, 7 सितंबर 2026
शाम 6:14 – सुबह 6:02 (8 सितंबर)
- पुष्य
- कृष्ण द्वादशी (7 सितंबर, शाम 5:04 – 8 सितंबर, दोपहर 2:43)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
दोपहर 1:16 – सुबह 6:04 (12 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल प्रतिपदा (11 सितंबर, सुबह 8:57 – 12 सितंबर, सुबह 7:46)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 13 सितंबर 2026
सुबह 6:04 – सुबह 6:05 (14 सितंबर)
- हस्त, चित्रा
- शुक्ल द्वितीया (12 सितंबर, सुबह 7:46 – 13 सितंबर, सुबह 7:08)
शुक्ल तृतीया (13 सितंबर, सुबह 7:08 – 14 सितंबर, सुबह 7:07) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 14 सितंबर 2026
सुबह 6:05 – सुबह 7:07
- चित्रा
- शुक्ल तृतीया (13 सितंबर, सुबह 7:08 – 14 सितंबर, सुबह 7:07)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 16 सितंबर 2026
शाम 5:22 – सुबह 6:06 (17 सितंबर)
- अनुराधा
- शुक्ल षष्ठी (16 सितंबर, सुबह 8:59 – 17 सितंबर, सुबह 10:48)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
सुबह 6:06 – शाम 7:53
- अनुराधा
- शुक्ल षष्ठी (16 सितंबर, सुबह 8:59 – 17 सितंबर, सुबह 10:48)
शुक्ल सप्तमी (17 सितंबर, सुबह 10:48 – 18 सितंबर, दोपहर 1:01) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 20 सितंबर 2026
सुबह 4:34 – सुबह 6:08 (21 सितंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल दशमी (20 सितंबर, शाम 5:52 – 21 सितंबर, रात 8:01)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 21 सितंबर 2026
सुबह 6:08 – सुबह 6:09 (22 सितंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल दशमी (20 सितंबर, शाम 5:52 – 21 सितंबर, रात 8:01)
शुक्ल एकादशी (21 सितंबर, रात 8:01 – 22 सितंबर, रात 9:43) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 23 सितंबर 2026
सुबह 6:09 – सुबह 9:09
- श्रवण
- शुक्ल द्वादशी (22 सितंबर, रात 9:43 – 23 सितंबर, रात 10:51)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
सुबह 10:35 – रात 11:18
- शतभिषा
- शुक्ल त्रयोदशी (23 सितंबर, रात 10:51 – 24 सितंबर, रात 11:18)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 27 सितंबर 2026
सुबह 6:11 – सुबह 6:12 (28 सितंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण प्रतिपदा (26 सितंबर, रात 10:19 – 27 सितंबर, रात 8:59)
कृष्ण द्वितीया (27 सितंबर, रात 8:59 – 28 सितंबर, शाम 7:14) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 28 सितंबर 2026
सुबह 6:12 – सुबह 6:12 (29 सितंबर)
- रेवती, अश्विनी
- कृष्ण द्वितीया (27 सितंबर, रात 8:59 – 28 सितंबर, शाम 7:14)
कृष्ण तृतीया (28 सितंबर, शाम 7:14 – 29 सितंबर, शाम 5:10) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 2 सितंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 5 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 6 सितंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 8 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 9–10 सितंबर चंद्रमा आश्लेषा, मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 12 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 15 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 18 सितंबर चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 19 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 22 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 25 सितंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्दशी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 26 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 29 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 30 सितंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या सितंबर 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 14 दिन: 3, 4, 7, 11, 13, 14, 16, 17, 20, 21, 23, 24, 27 और 28 सितंबर।
गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।
सितंबर 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को।