मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अप्रैल 2027 में नामकरण मुहूर्त
गुरु, 1 अप्रैल
सुबह 6:11 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल)
अप्रैल 2027 में नामकरण के 15 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 23, 28, 29 और 30 अप्रैल। पहला मुहूर्त गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को सुबह 6:11 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल) है।
उसके बाद: शुक्र, 2 अप्रैल · सुबह 6:10 – दोपहर 12:16
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| सुबह 6:11 | सुबह 6:10 | |||||
| सुबह 6:08 | सुबह 6:04 | सुबह 6:03 | ||||
| सुबह 6:00 | सुबह 5:59 | सुबह 10:52 | ||||
| सुबह 6:06 | सुबह 4:51 | सुबह 5:49 | सुबह 5:47 | |||
| सुबह 5:43 | सुबह 5:42 | रात 11:10 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027
सुबह 6:11 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- कृष्ण दशमी (31 मार्च, रात 10:16 – 2 अप्रैल, रात 12:45)
कृष्ण एकादशी (2 अप्रैल, रात 12:45 – 3 अप्रैल, रात 2:52) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027
सुबह 6:10 – दोपहर 12:16
- श्रवण
- कृष्ण एकादशी (2 अप्रैल, रात 12:45 – 3 अप्रैल, रात 2:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 4 अप्रैल 2027
सुबह 6:08 – शाम 4:33
- शतभिषा
- कृष्ण त्रयोदशी (4 अप्रैल, सुबह 4:27 – 5 अप्रैल, सुबह 5:23)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
बुधवार, 7 अप्रैल 2027
सुबह 6:04 – सुबह 6:03 (8 अप्रैल)
- रेवती, अश्विनी
- शुक्ल प्रतिपदा (7 अप्रैल, सुबह 5:21 – 8 अप्रैल, सुबह 4:29)
शुक्ल द्वितीया (8 अप्रैल, सुबह 4:29 – 9 अप्रैल, रात 3:10) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 8 अप्रैल 2027
सुबह 6:03 – शाम 5:59
- अश्विनी
- शुक्ल द्वितीया (8 अप्रैल, सुबह 4:29 – 9 अप्रैल, रात 3:10)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 11 अप्रैल 2027
सुबह 6:00 – सुबह 5:59 (12 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल पंचमी (10 अप्रैल, रात 11:40 – 11 अप्रैल, रात 9:40)
शुक्ल षष्ठी (11 अप्रैल, रात 9:40 – 12 अप्रैल, शाम 7:35) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 12 अप्रैल 2027
सुबह 5:59 – दोपहर 1:34
- मृगशिरा
- शुक्ल षष्ठी (11 अप्रैल, रात 9:40 – 12 अप्रैल, शाम 7:35)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 14 अप्रैल 2027
सुबह 10:52 – दोपहर 3:24
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी (13 अप्रैल, शाम 5:29 – 14 अप्रैल, दोपहर 3:24)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
रविवार, 18 अप्रैल 2027
सुबह 6:06 – सुबह 5:51 (19 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल द्वादशी (17 अप्रैल, सुबह 9:28 – 18 अप्रैल, सुबह 7:42)
शुक्ल त्रयोदशी (18 अप्रैल, सुबह 7:42 – 19 अप्रैल, सुबह 6:08) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 19 अप्रैल 2027
सुबह 4:51 – सुबह 5:50 (20 अप्रैल)
- चित्रा
- पूर्णिमा (20 अप्रैल, सुबह 4:51 – 21 अप्रैल, रात 3:57)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 21 अप्रैल 2027
सुबह 5:49 – सुबह 4:44 (22 अप्रैल)
- स्वाति
- कृष्ण प्रतिपदा (21 अप्रैल, रात 3:57 – 22 अप्रैल, रात 3:30)
कृष्ण द्वितीया (22 अप्रैल, रात 3:30 – 23 अप्रैल, रात 3:37) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027
सुबह 5:47 – सुबह 4:21 (24 अप्रैल)
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया (23 अप्रैल, रात 3:37 – 24 अप्रैल, सुबह 4:21)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
बुधवार, 28 अप्रैल 2027
सुबह 5:43 – सुबह 5:42 (29 अप्रैल)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- कृष्ण सप्तमी (27 अप्रैल, सुबह 9:57 – 28 अप्रैल, दोपहर 12:31)
कृष्ण अष्टमी (28 अप्रैल, दोपहर 12:31 – 29 अप्रैल, दोपहर 3:01) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 29 अप्रैल 2027
सुबह 5:42 – दोपहर 3:01
- श्रवण
- कृष्ण अष्टमी (28 अप्रैल, दोपहर 12:31 – 29 अप्रैल, दोपहर 3:01)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027
रात 11:10 – सुबह 5:40 (1 मई)
- शतभिषा
- कृष्ण दशमी (30 अप्रैल, शाम 5:14 – 1 मई, शाम 6:54)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 3 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 5 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 6 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 9 अप्रैल चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 10 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 13 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 15 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल नवमी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 16 अप्रैल चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 17 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 20 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 22 अप्रैल चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 24 अप्रैल शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 25–26 अप्रैल चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 27 अप्रैल मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अप्रैल 2027 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 15 दिन: 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 23, 28, 29 और 30 अप्रैल।
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:11 – सुबह 6:10 (2 अप्रैल) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
अप्रैल 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
रविवार, 2 मई 2027 को।