मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मई 2026 में नामकरण मुहूर्त
शुक्र, 1 मई
सुबह 5:40 – सुबह 4:35 (2 मई)
मई 2026 में नामकरण के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 3, 4, 7, 8, 11, 13, 14 और 15 मई। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 1 मई 2026 को सुबह 5:40 – सुबह 4:35 (2 मई) है।
उसके बाद: रवि, 3 मई · सुबह 7:10 – सुबह 5:38 (4 मई)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 5:40 | ||||||
| सुबह 7:10 | सुबह 5:38 | शाम 6:45 | सुबह 5:34 | |||
| दोपहर 3:25 | सुबह 5:31 | सुबह 5:30 | सुबह 5:30 | |||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
शुक्रवार, 1 मई 2026
सुबह 5:40 – सुबह 4:35 (2 मई)
- स्वाति
- पूर्णिमा (30 अप्रैल, रात 9:13 – 1 मई, रात 10:53)
कृष्ण प्रतिपदा (1 मई, रात 10:53 – 3 मई, रात 12:50) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 3 मई 2026
सुबह 7:10 – सुबह 5:38 (4 मई)
- अनुराधा
- कृष्ण द्वितीया (3 मई, रात 12:50 – 4 मई, रात 3:02)
कृष्ण तृतीया (4 मई, रात 3:02 – 5 मई, सुबह 5:24) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 4 मई 2026
सुबह 5:38 – सुबह 9:58
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया (4 मई, रात 3:02 – 5 मई, सुबह 5:24)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
गुरुवार, 7 मई 2026
शाम 6:45 – सुबह 5:34 (8 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी (7 मई, सुबह 10:14 – 8 मई, दोपहर 12:22)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 8 मई 2026
सुबह 5:34 – सुबह 5:34 (9 मई)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- कृष्ण षष्ठी (7 मई, सुबह 10:14 – 8 मई, दोपहर 12:22)
कृष्ण सप्तमी (8 मई, दोपहर 12:22 – 9 मई, दोपहर 2:03) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
सोमवार, 11 मई 2026
दोपहर 3:25 – रात 1:28 (12 मई)
- शतभिषा
- कृष्ण दशमी (11 मई, दोपहर 3:25 – 12 मई, दोपहर 2:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 13 मई 2026
सुबह 5:31 – सुबह 5:30 (14 मई)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण एकादशी (12 मई, दोपहर 2:52 – 13 मई, दोपहर 1:30)
कृष्ण द्वादशी (13 मई, दोपहर 1:30 – 14 मई, सुबह 11:21) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 14 मई 2026
सुबह 5:30 – सुबह 5:30 (15 मई)
- रेवती, अश्विनी
- कृष्ण द्वादशी (13 मई, दोपहर 1:30 – 14 मई, सुबह 11:21)
कृष्ण त्रयोदशी (14 मई, सुबह 11:21 – 15 मई, सुबह 8:31) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 15 मई 2026
सुबह 5:30 – सुबह 8:31
- अश्विनी
- कृष्ण त्रयोदशी (14 मई, सुबह 11:21 – 15 मई, सुबह 8:31)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 2 मई शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 5 मई मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 6 मई चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 मई शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 10 मई शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण नवमी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 12 मई मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 16–31 मई अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मई 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 9 दिन: 1, 3, 4, 7, 8, 11, 13, 14 और 15 मई।
शुक्रवार, 1 मई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 5:40 – सुबह 4:35 (2 मई) — नई दिल्ली के समय अनुसार, स्वाति नक्षत्र में।
मई 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
बुधवार, 17 जून 2026 को।