मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त
सोम, 20 अप्रैल
सुबह 5:50 – सुबह 7:28 · सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश के 1 शुभ मुहूर्त हैं: 20 अप्रैल। पहला मुहूर्त सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को सुबह 5:50 – सुबह 7:28 है।
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| सुबह 5:50 | ||||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, वार और मास दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित मास का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
सुबह 5:50 – सुबह 7:28
सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया (19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:28)
शुक्ल पंचमी (21 अप्रैल, सुबह 4:15 – 22 अप्रैल, रात 1:20) - वैशाख
- स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, सोमवार, वैशाख मास
- मेष सुबह 5:50–7:13 · वृषभ सुबह 7:13–7:28 · मीन सुबह 4:15–5:33 · मेष सुबह 5:33–5:49
लग्न वाले कॉलम में हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाली हर राशि है, नई दिल्ली के लिए; स्थिर लग्न — वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ, जो गृह प्रवेश के लिए उत्तम माने जाते हैं — मोटे अक्षरों में हैं।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1–17 अप्रैल चैत्र मास (19 मार्च 2026 से 17 अप्रैल 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
- 18 अप्रैल चंद्रमा अश्विनी और भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी गृह प्रवेश के 8 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 19 अप्रैल रविवार — गृह प्रवेश रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 21 अप्रैल मंगलवार — गृह प्रवेश रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 22–25 अप्रैल चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी गृह प्रवेश के 8 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 26 अप्रैल रविवार — गृह प्रवेश रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 27 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल द्वादशी में पड़ता है, जो गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
- 28 अप्रैल मंगलवार — गृह प्रवेश रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 29–30 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्दशी और पूर्णिमा में पड़ता है, जो गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
- मास: वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ और फाल्गुन — अमावस्या से अमावस्या तक गिने (अमांत)। चैत्र, आषाढ़ से आश्विन तक के चार मास और पौष वर्जित हैं, और कोई भी अधिक मास भी।
- वार: रविवार और मंगलवार कभी नहीं (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)।
- नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती — स्थिर और मृदु नक्षत्र।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी या त्रयोदशी, या कृष्ण प्रतिपदा। द्वादशी, रिक्ता तिथियाँ, षष्ठी, अष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या नहीं — प्रकाशित सूचियाँ द्वादशी पर भी गृह प्रवेश नहीं देतीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और गृह प्रवेश नहीं।
- खरमास: प्रकाशित गृह प्रवेश सूचियाँ इसे नियम नहीं मानतीं, इसलिए यहाँ भी नहीं; पर खरमास (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027) में पड़ने वाली तिथियाँ चिह्नित हैं, क्योंकि कई परिवार इसके बीतने तक रुकते हैं।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि छूती है, वह पूरा छोड़ दिया जाता है।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: प्रवेश का लग्न (स्थिर लग्न उत्तम माना जाता है; महीने के पेज हर मुहूर्त में उदित स्थिर लग्न मोटे अक्षरों में दिखाते हैं) और गृहस्वामी की अपनी कुंडली। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त है?
हाँ, 1 दिन: 20 अप्रैल।
सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 5:50 – सुबह 7:28; सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल) — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।
अप्रैल 2026 के बाद अगला गृह प्रवेश मुहूर्त कब है?
सोमवार, 4 मई 2026 को।