मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अक्टूबर 2026 में नामकरण मुहूर्त
बुध, 28 अक्टूबर
दोपहर 1:26 – रात 1:07 (29 अक्टूबर)
अक्टूबर 2026 में नामकरण के 18 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 4, 5, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29 और 30 अक्टूबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:13 – सुबह 6:14 (2 अक्टूबर) है।
उसके बाद: गुरु, 29 अक्टूबर · रात 10:10 – सुबह 6:31 (30 अक्टूबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 6:13 | सुबह 6:14 | |||||
| रात 3:54 | सुबह 6:15 | रात 9:20 | ||||
| सुबह 6:19 | सुबह 6:19 | रात 1:13 | ||||
| दोपहर 12:49 | सुबह 6:24 | शाम 7:48 | सुबह 6:25 | रात 9:03 | ||
| सुबह 11:56 | सुबह 6:28 | दोपहर 1:26 | रात 10:10 | सुबह 6:31 |
मुहूर्तआज
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
सुबह 6:13 – सुबह 6:14 (2 अक्टूबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण पंचमी (30 सितंबर, दोपहर 2:55 – 1 अक्टूबर, दोपहर 12:35)
कृष्ण षष्ठी (1 अक्टूबर, दोपहर 12:35 – 2 अक्टूबर, सुबह 10:15) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
सुबह 6:14 – रात 2:55 (3 अक्टूबर)
- मृगशिरा
- कृष्ण षष्ठी (1 अक्टूबर, दोपहर 12:35 – 2 अक्टूबर, सुबह 10:15)
कृष्ण सप्तमी (2 अक्टूबर, सुबह 10:15 – 3 अक्टूबर, सुबह 8:00) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 4 अक्टूबर 2026
रात 3:54 – सुबह 6:15 (5 अक्टूबर)
- पुष्य
- कृष्ण दशमी (5 अक्टूबर, रात 3:54 – 6 अक्टूबर, रात 2:08)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
सुबह 6:15 – रात 11:09
- पुष्य
- कृष्ण दशमी (5 अक्टूबर, रात 3:54 – 6 अक्टूबर, रात 2:08)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
रात 9:20 – रात 10:16
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण त्रयोदशी (7 अक्टूबर, रात 11:17 – 8 अक्टूबर, रात 10:16)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 11 अक्टूबर 2026
सुबह 6:19 – सुबह 6:19 (12 अक्टूबर)
- चित्रा, स्वाति
- शुक्ल प्रतिपदा (10 अक्टूबर, रात 9:20 – 11 अक्टूबर, रात 9:31)
शुक्ल द्वितीया (11 अक्टूबर, रात 9:31 – 12 अक्टूबर, रात 10:13) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
सुबह 6:19 – रात 11:52
- स्वाति
- शुक्ल द्वितीया (11 अक्टूबर, रात 9:31 – 12 अक्टूबर, रात 10:13)
शुक्ल तृतीया (12 अक्टूबर, रात 10:13 – 13 अक्टूबर, रात 11:28) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026
रात 1:13 – सुबह 4:03 (15 अक्टूबर)
- अनुराधा
- शुक्ल पंचमी (15 अक्टूबर, रात 1:13 – 16 अक्टूबर, रात 3:25)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
दोपहर 12:49 – सुबह 6:24 (19 अक्टूबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल अष्टमी (18 अक्टूबर, सुबह 8:28 – 19 अक्टूबर, सुबह 10:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
सुबह 6:24 – सुबह 10:52
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल अष्टमी (18 अक्टूबर, सुबह 8:28 – 19 अक्टूबर, सुबह 10:52)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
शाम 7:48 – सुबह 6:25 (22 अक्टूबर)
- शतभिषा
- शुक्ल एकादशी (21 अक्टूबर, दोपहर 2:12 – 22 अक्टूबर, दोपहर 2:48)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
सुबह 6:25 – रात 8:49
- शतभिषा
- शुक्ल एकादशी (21 अक्टूबर, दोपहर 2:12 – 22 अक्टूबर, दोपहर 2:48)
शुक्ल द्वादशी (22 अक्टूबर, दोपहर 2:48 – 23 अक्टूबर, दोपहर 2:36) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
रात 9:03 – सुबह 6:27 (24 अक्टूबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल त्रयोदशी (23 अक्टूबर, दोपहर 2:36 – 24 अक्टूबर, दोपहर 1:37)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 25 अक्टूबर 2026
सुबह 11:56 – सुबह 6:28 (26 अक्टूबर)
- रेवती, अश्विनी
- पूर्णिमा (25 अक्टूबर, सुबह 11:56 – 26 अक्टूबर, सुबह 9:41)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
सुबह 6:28 – शाम 5:41
- अश्विनी
- पूर्णिमा (25 अक्टूबर, सुबह 11:56 – 26 अक्टूबर, सुबह 9:41)
कृष्ण प्रतिपदा (26 अक्टूबर, सुबह 9:41 – 27 अक्टूबर, सुबह 7:02) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
दोपहर 1:26 – रात 1:07 (29 अक्टूबर)
- रोहिणी
- कृष्ण तृतीया (28 अक्टूबर, सुबह 4:07 – 29 अक्टूबर, रात 1:07)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
रात 10:10 – सुबह 6:31 (30 अक्टूबर)
- मृगशिरा
- कृष्ण पंचमी (29 अक्टूबर, रात 10:10 – 30 अक्टूबर, शाम 7:25)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
सुबह 6:31 – सुबह 9:04
- मृगशिरा
- कृष्ण पंचमी (29 अक्टूबर, रात 10:10 – 30 अक्टूबर, शाम 7:25)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 3 अक्टूबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 6 अक्टूबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 7 अक्टूबर चंद्रमा मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 अक्टूबर शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 10 अक्टूबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 13 अक्टूबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 15–16 अक्टूबर चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 17 अक्टूबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 20 अक्टूबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 24 अक्टूबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 27 अक्टूबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 31 अक्टूबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अक्टूबर 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 18 दिन: 1, 2, 4, 5, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29 और 30 अक्टूबर।
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:13 – सुबह 6:14 (2 अक्टूबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।
अक्टूबर 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
रविवार, 1 नवंबर 2026 को।