मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अप्रैल 2026 में विवाह मुहूर्त
बुध, 15 अप्रैल
दोपहर 3:22 – रात 10:31
अप्रैल 2026 में विवाह के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 15, 19, 20, 21, 25, 26, 28 और 29 अप्रैल। पहला मुहूर्त बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:22 – रात 10:31 है।
उसके बाद: रवि, 19 अप्रैल · सुबह 4:35 – सुबह 5:50 (20 अप्रैल)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दोपहर 3:22 | ||||||
| सुबह 4:35 | सुबह 5:50 | सुबह 5:49 | रात 11:43 | |||
| सुबह 5:44 | रात 9:04 | सुबह 5:42 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
दोपहर 3:22 – रात 10:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण त्रयोदशी (15 अप्रैल, रात 12:12 – 15 अप्रैल, रात 10:31)
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण वणिज — दोनों शुद्ध
- सिंह दोपहर 3:22–शाम 4:20 · कन्या शाम 4:20–6:36 · तुला शाम 6:36–रात 8:56 · वृश्चिक रात 8:56–10:31
- शुभ
रविवार, 19 अप्रैल 2026
सुबह 4:35 – सुबह 5:50 (20 अप्रैल)
- रोहिणी
- शुक्ल तृतीया (19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:28)
- विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज — दोनों शुद्ध
- मीन सुबह 4:35–5:37 · मेष सुबह 5:37–5:50
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
सुबह 5:50 – शाम 5:50
सुबह 4:15 – सुबह 5:49 (21 अप्रैल)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया (19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:28)
शुक्ल चतुर्थी (क्षय) (20 अप्रैल, सुबह 7:28 – 21 अप्रैल, सुबह 4:15)
शुक्ल पंचमी (21 अप्रैल, सुबह 4:15 – 22 अप्रैल, रात 1:20) - विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण गरज / वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं - मेष सुबह 5:50–7:13 · वृषभ सुबह 7:13–9:08 · मिथुन सुबह 9:08–11:23 · कर्क सुबह 11:23–दोपहर 1:43 · सिंह दोपहर 1:43–शाम 4:00 · कन्या शाम 4:00–5:50 · मीन सुबह 4:15–5:33 · मेष सुबह 5:33–5:49
- शुभ
मंगलवार, 21 अप्रैल 2026
सुबह 5:49 – दोपहर 12:31
- मृगशिरा
- शुक्ल पंचमी (21 अप्रैल, सुबह 4:15 – 22 अप्रैल, रात 1:20)
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
- मेष सुबह 5:49–7:09 · वृषभ सुबह 7:09–9:04 · मिथुन सुबह 9:04–11:19 · कर्क सुबह 11:19–दोपहर 12:31
- शुभ
शनिवार, 25 अप्रैल 2026
रात 11:43 – सुबह 5:44 (26 अप्रैल)
- मघा
- शुक्ल दशमी (25 अप्रैल, शाम 6:28 – 26 अप्रैल, शाम 6:07)
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
- धनु रात 11:43–12:39 · मकर रात 12:39–2:21 · कुंभ रात 2:21–3:49 · मीन रात 3:49–सुबह 5:14 · मेष सुबह 5:14–5:44
- शुभ
रविवार, 26 अप्रैल 2026
सुबह 5:44 – रात 8:27
- मघा
- शुक्ल दशमी (25 अप्रैल, शाम 6:28 – 26 अप्रैल, शाम 6:07)
शुक्ल एकादशी (26 अप्रैल, शाम 6:07 – 27 अप्रैल, शाम 6:16) - विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- मेष सुबह 5:44–6:49 · वृषभ सुबह 6:49–8:45 · मिथुन सुबह 8:45–10:59 · कर्क सुबह 10:59–दोपहर 1:19 · सिंह दोपहर 1:19–3:37 · कन्या दोपहर 3:37–शाम 5:53 · तुला शाम 5:53–रात 8:13 · वृश्चिक रात 8:13–8:27
- शुभ
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
रात 9:04 – सुबह 5:42 (29 अप्रैल)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी (28 अप्रैल, शाम 6:52 – 29 अप्रैल, शाम 7:52)
- विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव — दोनों शुद्ध
- वृश्चिक रात 9:04–10:23 · धनु रात 10:23–12:27 · मकर रात 12:27–2:09 · कुंभ रात 2:09–3:37 · मीन रात 3:37–सुबह 5:02 · मेष सुबह 5:02–5:42
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
सुबह 5:42 – रात 8:51
- हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी (28 अप्रैल, शाम 6:52 – 29 अप्रैल, शाम 7:52)
शुक्ल चतुर्दशी (29 अप्रैल, शाम 7:52 – 30 अप्रैल, रात 9:13) - विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं - मेष सुबह 5:42–6:37 · वृषभ सुबह 6:37–8:33 · मिथुन सुबह 8:33–10:47 · कर्क सुबह 10:47–दोपहर 1:08 · सिंह दोपहर 1:08–3:25 · कन्या दोपहर 3:25–शाम 5:41 · तुला शाम 5:41–रात 8:01 · वृश्चिक रात 8:01–8:51
लग्न वाले कॉलम में हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाली हर राशि है, नई दिल्ली के लिए। फेरों के लिए इनमें से कौन-सा लग्न लें, यह पंडित वर-वधू की कुंडली देखकर तय करते हैं; सूची केवल उपलब्ध लग्न दिखाती है।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1–14 अप्रैल खरमास (मीन राशि में सूर्य) मीन संक्रांति (15 मार्च 2026) से मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2026) तक है।
- 16 अप्रैल नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण विष्टि और शकुनि में मिलते हैं।
- 17 अप्रैल शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो विवाह के लिए वर्जित है।
- 18 अप्रैल चंद्रमा अश्विनी और भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 22–24 अप्रैल चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 27 अप्रैल नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग व्याघात में मिलते हैं।
- 30 अप्रैल नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण विष्टि में मिलते हैं।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अप्रैल 2026 में विवाह मुहूर्त है?
हाँ, 8 दिन: 15, 19, 20, 21, 25, 26, 28 और 29 अप्रैल।
बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
दोपहर 3:22 – रात 10:31 — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में।
अप्रैल 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 1 मई 2026 को।