मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
फरवरी 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
बुध, 18 फरवरी
शाम 4:58 – रात 9:16
फरवरी 2026 में भूमि पूजन के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 18, 19, 20, 21, 25, 26 और 28 फरवरी। पहला मुहूर्त बुधवार, 18 फरवरी 2026 को शाम 4:58 – रात 9:16 है।
उसके बाद: गुरु, 19 फरवरी · रात 8:52 – सुबह 6:55 (20 फरवरी)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| शाम 4:58 | रात 8:52 | सुबह 6:55 | दोपहर 1:01 | |||
| रात 2:41 | सुबह 6:49 | सुबह 9:35 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
बुधवार, 18 फरवरी 2026
शाम 4:58 – रात 9:16
- शतभिषा
- शुक्ल द्वितीया (18 फरवरी, शाम 4:58 – 19 फरवरी, दोपहर 3:59)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 19 फरवरी 2026
रात 8:52 – सुबह 6:55 (20 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल तृतीया (19 फरवरी, दोपहर 3:59 – 20 फरवरी, दोपहर 2:38)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026
सुबह 6:55 – दोपहर 2:38
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल तृतीया (19 फरवरी, दोपहर 3:59 – 20 फरवरी, दोपहर 2:38)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 21 फरवरी 2026
दोपहर 1:01 – शाम 7:07
- रेवती
- शुक्ल पंचमी (21 फरवरी, दोपहर 1:01 – 22 फरवरी, सुबह 11:10)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 25 फरवरी 2026
रात 2:41 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी (26 फरवरी, रात 2:41 – 27 फरवरी, रात 12:33)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 26 फरवरी 2026
सुबह 6:49 – दोपहर 12:11
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी (26 फरवरी, रात 2:41 – 27 फरवरी, रात 12:33)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 28 फरवरी 2026
सुबह 9:35 – सुबह 6:46 (1 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल द्वादशी (27 फरवरी, रात 10:33 – 28 फरवरी, रात 8:43)
शुक्ल त्रयोदशी (28 फरवरी, रात 8:43 – 1 मार्च, शाम 7:09) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| बुधवार, 4 फरवरी 2026 | शुक्र | 6.8° (सीमा 10°) | रात 10:12 – रात 12:10 (5 फरवरी) |
| गुरुवार, 5 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.0° (सीमा 10°) | रात 12:22 – सुबह 7:06 (6 फरवरी) |
| शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.3° (सीमा 10°) | सुबह 7:06 – सुबह 7:05 (7 फरवरी) |
| शनिवार, 7 फरवरी 2026 | शुक्र | 7.5° (सीमा 10°) | सुबह 7:05 – सुबह 7:04 (8 फरवरी) |
| बुधवार, 11 फरवरी 2026 | शुक्र | 8.5° (सीमा 10°) | सुबह 9:59 – सुबह 10:53 |
| शनिवार, 14 फरवरी 2026 | शुक्र | 9.2° (सीमा 10°) | शाम 6:16 – सुबह 6:59 (15 फरवरी) |
- 1 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 2 फरवरी चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 3 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 4–7 फरवरी शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है।
- 8 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 9 फरवरी चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 10 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 11 फरवरी शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है।
- 12–13 फरवरी चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14 फरवरी शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक अस्त है।
- 15 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 16 फरवरी शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 17 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 22 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 23 फरवरी चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 24 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 27 फरवरी चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या फरवरी 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 7 दिन: 18, 19, 20, 21, 25, 26 और 28 फरवरी।
बुधवार, 18 फरवरी 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
शाम 4:58 – रात 9:16 — नई दिल्ली के समय अनुसार, शतभिषा नक्षत्र में।
फरवरी 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
बुधवार, 4 मार्च 2026 को।
कुछ पंचांग फरवरी 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?
4, 5, 6, 7, 11 और 14 फरवरी बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।