मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
फरवरी 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त
गुरु, 4 फरवरी
दोपहर 3:32 – शाम 4:31
फरवरी 2027 में भूमि पूजन के 12 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 8, 10, 11, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 27 फरवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 4 फरवरी 2027 को दोपहर 3:32 – शाम 4:31 है।
उसके बाद: सोम, 8 फरवरी · सुबह 7:04 – रात 1:57 (9 फरवरी)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दोपहर 3:32 | ||||||
| सुबह 7:04 | रात 3:05 | सुबह 7:02 | ||||
| रात 10:44 | रात 9:06 | सुबह 6:56 | ||||
| सुबह 11:55 | रात 8:40 | सुबह 6:50 | सुबह 6:49 | सुबह 11:40 | ||
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
गुरुवार, 4 फरवरी 2027
दोपहर 3:32 – शाम 4:31
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण त्रयोदशी (3 फरवरी, दोपहर 1:50 – 4 फरवरी, शाम 4:31)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 8 फरवरी 2027
सुबह 7:04 – रात 1:57 (9 फरवरी)
- शतभिषा
- शुक्ल द्वितीया (7 फरवरी, रात 11:27 – 9 फरवरी, रात 1:06)
शुक्ल तृतीया (9 फरवरी, रात 1:06 – 10 फरवरी, रात 2:20) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 10 फरवरी 2027
रात 3:05 – सुबह 7:02 (11 फरवरी)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल पंचमी (11 फरवरी, रात 3:05 – 12 फरवरी, रात 3:18)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 11 फरवरी 2027
सुबह 7:02 – सुबह 5:42 (12 फरवरी)
- रेवती
- शुक्ल पंचमी (11 फरवरी, रात 3:05 – 12 फरवरी, रात 3:18)
शुक्ल षष्ठी (12 फरवरी, रात 3:18 – 13 फरवरी, रात 2:59) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 15 फरवरी 2027
रात 10:44 – सुबह 6:58 (16 फरवरी)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल दशमी (15 फरवरी, रात 10:44 – 16 फरवरी, रात 8:19)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 18 फरवरी 2027
रात 9:06 – सुबह 6:56 (19 फरवरी)
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी (18 फरवरी, दोपहर 2:28 – 19 फरवरी, सुबह 11:14)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 19 फरवरी 2027
सुबह 6:56 – सुबह 11:14
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी (18 फरवरी, दोपहर 2:28 – 19 फरवरी, सुबह 11:14)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 22 फरवरी 2027
सुबह 11:55 – सुबह 6:52 (23 फरवरी)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण द्वितीया (22 फरवरी, रात 2:03 – 22 फरवरी, रात 11:39)
कृष्ण तृतीया (22 फरवरी, रात 11:39 – 23 फरवरी, रात 9:49) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 24 फरवरी 2027
रात 8:40 – सुबह 6:50 (25 फरवरी)
- चित्रा
- कृष्ण पंचमी (24 फरवरी, रात 8:40 – 25 फरवरी, रात 8:18)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 25 फरवरी 2027
सुबह 6:50 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण पंचमी (24 फरवरी, रात 8:40 – 25 फरवरी, रात 8:18)
कृष्ण षष्ठी (25 फरवरी, रात 8:18 – 26 फरवरी, रात 8:43) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 26 फरवरी 2027
सुबह 6:49 – सुबह 10:13
- स्वाति
- कृष्ण षष्ठी (25 फरवरी, रात 8:18 – 26 फरवरी, रात 8:43)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 27 फरवरी 2027
सुबह 11:40 – रात 9:55
- अनुराधा
- कृष्ण सप्तमी (26 फरवरी, रात 8:43 – 27 फरवरी, रात 9:55)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 फरवरी चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 2 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 3 फरवरी चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 5–6 फरवरी शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी, अमावस्या और शुक्ल प्रतिपदा में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 7 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 9 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 12–13 फरवरी चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 16 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 17 फरवरी चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 20 फरवरी चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 21 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 23 फरवरी मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 28 फरवरी रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 18 अक्टूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या फरवरी 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 12 दिन: 4, 8, 10, 11, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 27 फरवरी।
गुरुवार, 4 फरवरी 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
दोपहर 3:32 – शाम 4:31 — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
फरवरी 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
बुधवार, 3 मार्च 2027 को।