मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मई 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
शुक्र, 1 मई
सुबह 5:40 – रात 10:53
मई 2026 में भूमि पूजन के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 4, 7, 8, 11, 13 और 14 मई। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 1 मई 2026 को सुबह 5:40 – रात 10:53 है।
उसके बाद: सोम, 4 मई · सुबह 5:38 – सुबह 9:58
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 5:40 | ||||||
| सुबह 5:38 | शाम 6:45 | सुबह 5:34 | ||||
| दोपहर 3:25 | सुबह 5:31 | सुबह 5:30 | ||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शुक्रवार, 1 मई 2026
सुबह 5:40 – रात 10:53
- स्वाति
- पूर्णिमा (30 अप्रैल, रात 9:13 – 1 मई, रात 10:53)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 4 मई 2026
सुबह 5:38 – सुबह 9:58
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया (4 मई, रात 3:02 – 5 मई, सुबह 5:24)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 7 मई 2026
शाम 6:45 – सुबह 5:34 (8 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी (7 मई, सुबह 10:14 – 8 मई, दोपहर 12:22)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 8 मई 2026
सुबह 5:34 – रात 9:20
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण षष्ठी (7 मई, सुबह 10:14 – 8 मई, दोपहर 12:22)
कृष्ण सप्तमी (8 मई, दोपहर 12:22 – 9 मई, दोपहर 2:03) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 11 मई 2026
दोपहर 3:25 – रात 1:28 (12 मई)
- शतभिषा
- कृष्ण दशमी (11 मई, दोपहर 3:25 – 12 मई, दोपहर 2:52)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 13 मई 2026
सुबह 5:31 – सुबह 5:30 (14 मई)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण एकादशी (12 मई, दोपहर 2:52 – 13 मई, दोपहर 1:30)
कृष्ण द्वादशी (13 मई, दोपहर 1:30 – 14 मई, सुबह 11:21) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 14 मई 2026
सुबह 5:30 – रात 10:34
- रेवती
- कृष्ण द्वादशी (13 मई, दोपहर 1:30 – 14 मई, सुबह 11:21)
कृष्ण त्रयोदशी (14 मई, सुबह 11:21 – 15 मई, सुबह 8:31) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 2 मई चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 3 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 5 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 6 मई चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 मई शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण अष्टमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 10 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 12 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 15 मई चंद्रमा अश्विनी और भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16–31 मई अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मई 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 7 दिन: 1, 4, 7, 8, 11, 13 और 14 मई।
शुक्रवार, 1 मई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 5:40 – रात 10:53 — नई दिल्ली के समय अनुसार, स्वाति नक्षत्र में।
मई 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को।