मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
नवंबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
बुध, 4 नवंबर
रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
नवंबर 2026 में भूमि पूजन के 12 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 5, 6, 7, 11, 14, 16, 20, 21, 25, 26 और 28 नवंबर। पहला मुहूर्त बुधवार, 4 नवंबर 2026 को रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर) है।
उसके बाद: गुरु, 5 नवंबर · सुबह 6:35 – सुबह 6:36 (6 नवंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 3:30 | सुबह 6:35 | सुबह 6:36 | सुबह 6:37 | |||
| सुबह 6:40 | रात 8:24 | |||||
| रात 2:17 | सुबह 6:56 | सुबह 6:48 | ||||
| शाम 4:50 | सुबह 6:52 | दोपहर 12:50 | ||||
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
बुधवार, 4 नवंबर 2026
रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण एकादशी (4 नवंबर, सुबह 11:03 – 5 नवंबर, सुबह 10:36)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सुबह 6:35 – सुबह 6:36 (6 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण एकादशी (4 नवंबर, सुबह 11:03 – 5 नवंबर, सुबह 10:36)
कृष्ण द्वादशी (5 नवंबर, सुबह 10:36 – 6 नवंबर, सुबह 10:31) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
सुबह 6:36 – सुबह 6:37 (7 नवंबर)
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण द्वादशी (5 नवंबर, सुबह 10:36 – 6 नवंबर, सुबह 10:31)
कृष्ण त्रयोदशी (6 नवंबर, सुबह 10:31 – 7 नवंबर, सुबह 10:48) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 7 नवंबर 2026
सुबह 6:37 – सुबह 10:48
- चित्रा
- कृष्ण त्रयोदशी (6 नवंबर, सुबह 10:31 – 7 नवंबर, सुबह 10:48)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 11 नवंबर 2026
सुबह 6:40 – सुबह 11:38
- अनुराधा
- शुक्ल द्वितीया (10 नवंबर, दोपहर 2:00 – 11 नवंबर, दोपहर 3:53)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 14 नवंबर 2026
रात 8:24 – सुबह 6:43 (15 नवंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल पंचमी (13 नवंबर, रात 8:43 – 14 नवंबर, रात 11:24)
शुक्ल षष्ठी (14 नवंबर, रात 11:24 – 16 नवंबर, रात 2:01) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 16 नवंबर 2026
रात 2:17 – सुबह 4:20 (17 नवंबर)
- धनिष्ठा
- शुक्ल सप्तमी (16 नवंबर, रात 2:01 – 17 नवंबर, सुबह 4:20)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
सुबह 6:56 – सुबह 6:48 (21 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल दशमी (19 नवंबर, सुबह 7:06 – 20 नवंबर, सुबह 7:16)
शुक्ल एकादशी (क्षय) (20 नवंबर, सुबह 7:16 – 21 नवंबर, सुबह 6:32)
शुक्ल द्वादशी (21 नवंबर, सुबह 6:32 – 22 नवंबर, सुबह 4:57) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – सुबह 5:55 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वादशी (21 नवंबर, सुबह 6:32 – 22 नवंबर, सुबह 4:57)
शुक्ल त्रयोदशी (22 नवंबर, सुबह 4:57 – 23 नवंबर, रात 2:37) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
शाम 4:50 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, शाम 4:50 – 26 नवंबर, दोपहर 1:15)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, शाम 4:50 – 26 नवंबर, दोपहर 1:15)
कृष्ण तृतीया (26 नवंबर, दोपहर 1:15 – 27 नवंबर, सुबह 9:49) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 28 नवंबर 2026
दोपहर 12:50 – सुबह 6:54 (29 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण पंचमी (28 नवंबर, सुबह 6:40 – 29 नवंबर, रात 3:57)
कृष्ण षष्ठी (29 नवंबर, रात 3:57 – 30 नवंबर, रात 1:47) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 2 नवंबर चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 3 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 8 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 9 नवंबर शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 10 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 12–13 नवंबर चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 15 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 17 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 18 नवंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल नवमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 19 नवंबर चंद्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 22 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 23 नवंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 24 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 27 नवंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 29 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 30 नवंबर चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या नवंबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 12 दिन: 4, 5, 6, 7, 11, 14, 16, 20, 21, 25, 26 और 28 नवंबर।
बुधवार, 4 नवंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 3:30 – सुबह 6:35 (5 नवंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
नवंबर 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को।