मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अगस्त 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
शुक्र, 14 अगस्त
रात 3:42 – सुबह 5:50 (15 अगस्त)
अगस्त 2026 में भूमि पूजन के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 14, 15, 17, 19, 24, 27, 28, 29 और 31 अगस्त। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को रात 3:42 – सुबह 5:50 (15 अगस्त) है।
उसके बाद: शनि, 15 अगस्त · सुबह 5:50 – शाम 5:29
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 3:42 | सुबह 5:50 | |||||
| सुबह 5:51 | सुबह 5:52 | |||||
| रात 8:28 | सुबह 9:09 | सुबह 5:56 | रात 3:42 | |||
| सुबह 5:58 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
रात 3:42 – सुबह 5:50 (15 अगस्त)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल तृतीया (14 अगस्त, शाम 6:47 – 15 अगस्त, शाम 5:29)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 15 अगस्त 2026
सुबह 5:50 – शाम 5:29
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल तृतीया (14 अगस्त, शाम 6:47 – 15 अगस्त, शाम 5:29)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 17 अगस्त 2026
सुबह 5:51 – सुबह 5:51 (18 अगस्त)
- चित्रा, स्वाति
- शुक्ल पंचमी (16 अगस्त, शाम 4:53 – 17 अगस्त, शाम 5:00)
शुक्ल षष्ठी (17 अगस्त, शाम 5:00 – 18 अगस्त, शाम 5:51) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 19 अगस्त 2026
सुबह 5:52 – सुबह 6:47
- स्वाति
- शुक्ल सप्तमी (18 अगस्त, शाम 5:51 – 19 अगस्त, शाम 7:20)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 24 अगस्त 2026
रात 8:28 – सुबह 5:55 (25 अगस्त)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल द्वादशी (24 अगस्त, सुबह 4:19 – 25 अगस्त, सुबह 6:21)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 27 अगस्त 2026
सुबह 9:09 – सुबह 5:56 (28 अगस्त)
- धनिष्ठा, शतभिषा
- पूर्णिमा (27 अगस्त, सुबह 9:09 – 28 अगस्त, सुबह 9:48)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
सुबह 5:56 – सुबह 9:48
- शतभिषा
- पूर्णिमा (27 अगस्त, सुबह 9:09 – 28 अगस्त, सुबह 9:48)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 29 अगस्त 2026
रात 3:42 – सुबह 5:57 (30 अगस्त)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण द्वितीया (29 अगस्त, सुबह 9:57 – 30 अगस्त, सुबह 9:37)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 31 अगस्त 2026
सुबह 5:58 – सुबह 8:51
- रेवती
- कृष्ण तृतीया (30 अगस्त, सुबह 9:37 – 31 अगस्त, सुबह 8:51)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| शनिवार, 1 अगस्त 2026 | गुरु | 1.8° (सीमा 11°) | सुबह 5:42 – रात 8:45 |
| सोमवार, 3 अगस्त 2026 | गुरु | 3.3° (सीमा 11°) | सुबह 5:43 – सुबह 5:44 (4 अगस्त) |
| शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 | गुरु | 6.3° (सीमा 11°) | शाम 6:43 – सुबह 5:46 (8 अगस्त) |
| शनिवार, 8 अगस्त 2026 | गुरु | 7.0° (सीमा 11°) | सुबह 5:46 – सुबह 5:46 (9 अगस्त) |
- 1 अगस्त गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- 2 अगस्त रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 3 अगस्त गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- 4 अगस्त मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 5–6 अगस्त चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 7–8 अगस्त गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- 9 अगस्त रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 10 अगस्त चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11 अगस्त मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 12 अगस्त शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 13 अगस्त चंद्रमा आश्लेषा, मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16 अगस्त रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 18 अगस्त मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 20–21 अगस्त शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल अष्टमी और शुक्ल नवमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 22 अगस्त चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 23 अगस्त रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 25 अगस्त मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 26 अगस्त शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्दशी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 30 अगस्त रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अगस्त 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 9 दिन: 14, 15, 17, 19, 24, 27, 28, 29 और 31 अगस्त।
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 3:42 – सुबह 5:50 (15 अगस्त) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
अगस्त 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को।
कुछ पंचांग अगस्त 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?
1, 3, 7 और 8 अगस्त बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय गुरु अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।