मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
फरवरी 2026 में मुंडन मुहूर्त
शुक्र, 6 फरवरी
रात 12:24 – रात 1:19 (7 फरवरी)
फरवरी 2026 में मुंडन के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 6, 11, 12, 18, 25, 26 और 27 फरवरी। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को रात 12:24 – रात 1:19 (7 फरवरी) है।
उसके बाद: बुध, 11 फरवरी · सुबह 10:53 – सुबह 7:01 (12 फरवरी)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| रात 12:24 | ||||||
| सुबह 10:53 | सुबह 7:01 | |||||
| शाम 4:58 | ||||||
| रात 2:41 | सुबह 6:49 | सुबह 10:49 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, वार और मास दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित मास का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शुक्रवार, 6 फरवरी 2026
रात 12:24 – रात 1:19 (7 फरवरी)
- चित्रा
- कृष्ण पंचमी (6 फरवरी, रात 12:22 – 7 फरवरी, रात 1:19)
- माघ
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, माघ मास
- शुभ
बुधवार, 11 फरवरी 2026
सुबह 10:53 – सुबह 7:01 (12 फरवरी)
- ज्येष्ठा
- कृष्ण दशमी (11 फरवरी, सुबह 9:59 – 12 फरवरी, दोपहर 12:22)
- माघ
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, माघ मास
- शुभ
गुरुवार, 12 फरवरी 2026
सुबह 7:01 – दोपहर 1:42
- ज्येष्ठा
- कृष्ण दशमी (11 फरवरी, सुबह 9:59 – 12 फरवरी, दोपहर 12:22)
कृष्ण एकादशी (12 फरवरी, दोपहर 12:22 – 13 फरवरी, दोपहर 2:26) - माघ
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, माघ मास
- शुभ
बुधवार, 18 फरवरी 2026
शाम 4:58 – रात 9:16
- शतभिषा
- शुक्ल द्वितीया (18 फरवरी, शाम 4:58 – 19 फरवरी, दोपहर 3:59)
- फाल्गुन
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, फाल्गुन मास
- शुभ
बुधवार, 25 फरवरी 2026
रात 2:41 – सुबह 6:49 (26 फरवरी)
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी (26 फरवरी, रात 2:41 – 27 फरवरी, रात 12:33)
- फाल्गुन
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, फाल्गुन मास
- शुभ
गुरुवार, 26 फरवरी 2026
सुबह 6:49 – दोपहर 12:11
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी (26 फरवरी, रात 2:41 – 27 फरवरी, रात 12:33)
- फाल्गुन
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास
- शुभ
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026
सुबह 10:49 – रात 10:33
- पुनर्वसु
- शुक्ल एकादशी (27 फरवरी, रात 12:33 – 27 फरवरी, रात 10:33)
- फाल्गुन
- मुंडन का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, फाल्गुन मास

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 फरवरी रविवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 2 फरवरी चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 3 फरवरी मंगलवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 4–5 फरवरी चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 7–8 फरवरी शनिवार और रविवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 9 फरवरी चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 10 फरवरी मंगलवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 13 फरवरी चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14–15 फरवरी शनिवार और रविवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 16 फरवरी शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो मुंडन के लिए वर्जित है।
- 17 फरवरी मंगलवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 19–20 फरवरी चंद्रमा पूर्व भाद्रपदा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 21–22 फरवरी शनिवार और रविवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 23 फरवरी चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी मुंडन के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 24 फरवरी मंगलवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 28 फरवरी शनिवार — मुंडन रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के चूड़ाकरण नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित मुंडन सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- मास: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, माघ और फाल्गुन — अमावस्या से अमावस्या तक गिने (अमांत)। आषाढ़ केवल देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) तक, जब चातुर्मास शुरू होता है। श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष और पौष वर्जित हैं, और कोई भी अधिक मास भी।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, षष्ठी, अष्टमी, नवमी, द्वादशी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: कई परिवार पहला मुंडन बच्चे के विषम वर्ष में करते हैं (पहले, तीसरे या पाँचवें), और कई अपनी कुल या मंदिर की परंपरा मानते हैं। वर्ष परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
- ज्येष्ठ: मान्य है, पर बड़ी संतान के लिए कई परिवार इसे टालते हैं, इसलिए ज्येष्ठ की पंक्तियाँ चिह्नित हैं। कुछ परिवार कन्या के मुंडन में शुक्रवार भी टालते हैं।
- खरमास और अस्त: जिस गणना-आधारित मुंडन सूची से यह पेज जाँचा गया, उसमें दोनों में से कोई नियम नहीं, इसलिए इनसे यहाँ कोई तारीख नहीं हटती। खरमास (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027) की तारीखें चिह्नित हैं, क्योंकि कई परिवार इसके बीतने तक रुकते हैं।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली — जन्म नक्षत्र से चंद्र बल और तारा बल — और लग्न। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या फरवरी 2026 में मुंडन मुहूर्त है?
हाँ, 7 दिन: 6, 11, 12, 18, 25, 26 और 27 फरवरी।
शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 12:24 – रात 1:19 (7 फरवरी) — नई दिल्ली के समय अनुसार, चित्रा नक्षत्र में।
फरवरी 2026 के बाद अगला मुंडन मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को।