मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
जुलाई 2026 में विवाह मुहूर्त
बुध, 1 जुलाई
सुबह 6:51 – शाम 4:04
जुलाई 2026 में विवाह के 6 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 6, 7, 8, 11 और 12 जुलाई। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 जुलाई 2026 को सुबह 6:51 – शाम 4:04 है।
उसके बाद: सोम, 6 जुलाई · रात 1:41 – सुबह 5:29 (7 जुलाई)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 6:51 | ||||||
| रात 1:41 | सुबह 5:29 | दोपहर 12:38 | रात 12:05 | |||
| सुबह 5:31 | ||||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
बुधवार, 1 जुलाई 2026
सुबह 6:51 – शाम 4:04
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण प्रतिपदा (30 जून, सुबह 5:26 – 1 जुलाई, सुबह 7:38)
कृष्ण द्वितीया (1 जुलाई, सुबह 7:38 – 2 जुलाई, सुबह 9:38) - विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
- कर्क सुबह 6:51–9:00 · सिंह सुबह 9:00–11:17 · कन्या सुबह 11:17–दोपहर 1:34 · तुला दोपहर 1:34–3:53 · वृश्चिक दोपहर 3:53–शाम 4:04
- शुभ
सोमवार, 6 जुलाई 2026
रात 1:41 – सुबह 5:29 (7 जुलाई)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण सप्तमी (6 जुलाई, दोपहर 1:47 – 7 जुलाई, दोपहर 1:25)
- विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
- मेष रात 1:41–2:06 · वृषभ रात 2:06–सुबह 4:01 · मिथुन सुबह 4:01–5:29
- शुभ
मंगलवार, 7 जुलाई 2026
सुबह 5:29 – दोपहर 2:31
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण सप्तमी (6 जुलाई, दोपहर 1:47 – 7 जुलाई, दोपहर 1:25)
कृष्ण अष्टमी (7 जुलाई, दोपहर 1:25 – 8 जुलाई, दोपहर 12:22) - विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- मिथुन सुबह 5:29–6:16 · कर्क सुबह 6:16–8:36 · सिंह सुबह 8:36–10:54 · कन्या सुबह 10:54–दोपहर 1:10 · तुला दोपहर 1:10–2:31
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 8 जुलाई 2026
दोपहर 12:38 – शाम 4:00
- रेवती
- कृष्ण नवमी (8 जुलाई, दोपहर 12:22 – 9 जुलाई, सुबह 10:38)
- विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं - कन्या दोपहर 12:38–1:06 · तुला दोपहर 1:06–3:26 · वृश्चिक दोपहर 3:26–शाम 4:00
- शुभ
शनिवार, 11 जुलाई 2026
रात 12:05 – सुबह 5:31 (12 जुलाई)
- रोहिणी
- कृष्ण द्वादशी (11 जुलाई, सुबह 5:23 – 12 जुलाई, रात 2:04)
कृष्ण त्रयोदशी (12 जुलाई, रात 2:04 – 12 जुलाई, रात 10:30) - विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- मीन रात 12:05–12:11 · मेष रात 12:11–1:46 · वृषभ रात 1:46–3:42 · मिथुन रात 3:42–सुबह 5:31
- शुभ
रविवार, 12 जुलाई 2026
सुबह 5:31 – रात 10:30
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण त्रयोदशी (12 जुलाई, रात 2:04 – 12 जुलाई, रात 10:30)
- विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- मिथुन सुबह 5:31–5:56 · कर्क सुबह 5:56–8:17 · सिंह सुबह 8:17–10:34 · कन्या सुबह 10:34–दोपहर 12:50 · तुला दोपहर 12:50–3:10 · वृश्चिक दोपहर 3:10–शाम 5:28 · धनु शाम 5:28–7:32 · मकर शाम 7:32–रात 9:15 · कुंभ रात 9:15–10:30
लग्न वाले कॉलम में हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाली हर राशि है, नई दिल्ली के लिए। फेरों के लिए इनमें से कौन-सा लग्न लें, यह पंडित वर-वधू की कुंडली देखकर तय करते हैं; सूची केवल उपलब्ध लग्न दिखाती है।

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क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 16 जुलाई 2026 | गुरु | 9.2° (सीमा 11°) | शाम 7:52 – रात 1:22 (17 जुलाई) |
| शनिवार, 18 जुलाई 2026 | गुरु | 7.7° (सीमा 11°) | शाम 6:00 – रात 8:45 |
| रविवार, 19 जुलाई 2026 | गुरु | 7.0° (सीमा 11°) | शाम 7:23 – सुबह 5:35 (20 जुलाई) |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | गुरु | 6.2° (सीमा 11°) | सुबह 5:35 – शाम 7:09 |
| मंगलवार, 21 जुलाई 2026 | गुरु | 5.5° (सीमा 11°) | रात 8:49 – सुबह 5:36 (22 जुलाई) |
| बुधवार, 22 जुलाई 2026 | गुरु | 4.8° (सीमा 11°) | सुबह 5:36 – रात 11:03 |
| गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | गुरु | 4.0° (सीमा 11°) | रात 1:42 – सुबह 5:37 (24 जुलाई) |
- 2 जुलाई नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग वैधृति में मिलते हैं।
- 3–5 जुलाई चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9–10 जुलाई चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 13–15 जुलाई चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16 जुलाई गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- 17 जुलाई नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग व्यतीपात में मिलते हैं।
- 18–23 जुलाई गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
- 24–31 जुलाई चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या जुलाई 2026 में विवाह मुहूर्त है?
हाँ, 6 दिन: 1, 6, 7, 8, 11 और 12 जुलाई।
बुधवार, 1 जुलाई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:51 – शाम 4:04 — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
जुलाई 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?
शनिवार, 21 नवंबर 2026 को।
कुछ पंचांग जुलाई 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?
16, 18, 19, 20, 21, 22 और 23 जुलाई बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय गुरु अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।