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मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली

दिसंबर 2026 में विवाह मुहूर्त

दिसंबर 2026 · विवाह मुहूर्त

7 तारीखें

बुध, 2 दिसंबर

सुबह 10:31 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)

दिसंबर 2026 में विवाह के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर। पहला मुहूर्त बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को सुबह 10:31 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर) है।

उसके बाद: गुरु, 3 दिसंबर · सुबह 6:57 – सुबह 10:54

दिसंबर 2026 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

दिसंबर 2026 · 7 तारीखें
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
सुबह 10:31सुबह 6:57सुबह 6:58सुबह 11:49
सुबह 6:59रात 3:04सुबह 7:03

मुहूर्तवर्जित अवधि

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
  1. बुधवार, 2 दिसंबर 2026

    सुबह 10:31 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)

    रिक्ता तिथि
    • उत्तरा फाल्गुनी
    • कृष्ण नवमी (1 दिसंबर, रात 11:14 – 2 दिसंबर, रात 10:52)
      कृष्ण दशमी (2 दिसंबर, रात 10:52 – 3 दिसंबर, रात 11:04)
    • विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
      रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
    • मकर सुबह 10:31–11:52 · कुंभ सुबह 11:52–दोपहर 1:20 · मीन दोपहर 1:20–2:45 · मेष दोपहर 2:45–शाम 4:20 · वृषभ शाम 4:20–6:16 · मिथुन शाम 6:16–रात 8:30 · कर्क रात 8:30–10:51 · सिंह रात 10:51–1:08 · कन्या रात 1:08–3:24 · तुला रात 3:24–सुबह 5:44 · वृश्चिक सुबह 5:44–6:57
  2. गुरुवार, 3 दिसंबर 2026

    सुबह 6:57 – सुबह 10:54

    रात 11:04 – सुबह 6:58 (4 दिसंबर)

    शुभ
    • उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
    • कृष्ण दशमी (2 दिसंबर, रात 10:52 – 3 दिसंबर, रात 11:04)
      कृष्ण एकादशी (3 दिसंबर, रात 11:04 – 4 दिसंबर, रात 11:45)
    • विवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
    • वृश्चिक सुबह 6:57–8:02 · धनु सुबह 8:02–10:06 · मकर सुबह 10:06–10:54 · सिंह रात 11:04–1:04 · कन्या रात 1:04–3:20 · तुला रात 3:20–सुबह 5:40 · वृश्चिक सुबह 5:40–6:58
  3. शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026

    सुबह 6:58 – सुबह 10:23

    शुभ
    • हस्त
    • कृष्ण एकादशी (3 दिसंबर, रात 11:04 – 4 दिसंबर, रात 11:45)
    • विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव — दोनों शुद्ध
    • वृश्चिक सुबह 6:58–7:58 · धनु सुबह 7:58–10:02 · मकर सुबह 10:02–10:23
  4. शनिवार, 5 दिसंबर 2026

    सुबह 11:49 – सुबह 6:59 (6 दिसंबर)

    शुभ
    • स्वाति
    • कृष्ण द्वादशी (4 दिसंबर, रात 11:45 – 6 दिसंबर, रात 12:52)
      कृष्ण त्रयोदशी (6 दिसंबर, रात 12:52 – 7 दिसंबर, रात 2:22)
    • विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
    • कुंभ सुबह 11:49–दोपहर 1:08 · मीन दोपहर 1:08–2:33 · मेष दोपहर 2:33–शाम 4:08 · वृषभ शाम 4:08–6:04 · मिथुन शाम 6:04–रात 8:18 · कर्क रात 8:18–10:39 · सिंह रात 10:39–12:56 · कन्या रात 12:56–3:12 · तुला रात 3:12–सुबह 5:32 · वृश्चिक सुबह 5:32–6:59
  5. रविवार, 6 दिसंबर 2026

    सुबह 6:59 – सुबह 7:41

    शुभ
    • स्वाति
    • कृष्ण त्रयोदशी (6 दिसंबर, रात 12:52 – 7 दिसंबर, रात 2:22)
    • विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण गरज — दोनों शुद्ध
    • वृश्चिक सुबह 6:59–7:41
  6. शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026

    रात 3:04 – सुबह 7:03 (12 दिसंबर)

    शुभ
    • उत्तराषाढ़ा
    • शुक्ल तृतीया (11 दिसंबर, सुबह 11:23 – 12 दिसंबर, दोपहर 2:06)
    • विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण गरज — दोनों शुद्ध
    • तुला रात 3:04–सुबह 5:08 · वृश्चिक सुबह 5:08–7:03
  7. शनिवार, 12 दिसंबर 2026

    सुबह 7:03 – रात 3:28 (13 दिसंबर)

    रिक्ता तिथि
    • उत्तराषाढ़ा
    • शुक्ल तृतीया (11 दिसंबर, सुबह 11:23 – 12 दिसंबर, दोपहर 2:06)
      शुक्ल चतुर्थी (12 दिसंबर, दोपहर 2:06 – 13 दिसंबर, शाम 4:48)
    • विवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
      रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
    • वृश्चिक सुबह 7:03–7:27 · धनु सुबह 7:27–9:31 · मकर सुबह 9:31–11:13 · कुंभ सुबह 11:13–दोपहर 12:40 · मीन दोपहर 12:40–2:05 · मेष दोपहर 2:05–3:41 · वृषभ दोपहर 3:41–शाम 5:36 · मिथुन शाम 5:36–7:51 · कर्क शाम 7:51–रात 10:11 · सिंह रात 10:11–12:29 · कन्या रात 12:29–2:45 · तुला रात 2:45–3:28

लग्न वाले कॉलम में हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाली हर राशि है, नई दिल्ली के लिए। फेरों के लिए इनमें से कौन-सा लग्न लें, यह पंडित वर-वधू की कुंडली देखकर तय करते हैं; सूची केवल उपलब्ध लग्न दिखाती है।

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दिसंबर 2026 के बाकी दिनों में मुहूर्त क्यों नहीं

  • 1 दिसंबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग वैधृति में मिलते हैं।
  • 7 दिसंबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण शकुनि में मिलते हैं।
  • 8 दिसंबर शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो विवाह के लिए वर्जित है।
  • 9–10 दिसंबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग शूल और गण्ड में मिलते हैं।
  • 13–15 दिसंबर चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 16–31 दिसंबर खरमास (धनु राशि में सूर्य) धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2026) से मकर संक्रांति (14 जनवरी 2027) तक है।

विवाह मुहूर्त: नवंबर 2026 से फरवरी 2027

विवाह का मौसम चातुर्मास बीतने पर खुलता है और खरमास में, धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक, रुकता है। इसका हर महीना, और महीने के बाकी दिन क्यों बंद हैं, नई दिल्ली के लिए:

विवाह मुहूर्त: नवंबर 2026 से फरवरी 2027
महीनासंख्यातारीखेंबाकी दिन क्यों बंद
नवंबर 2026521, 24, 25, 26, 30चातुर्मास 20 नवंबर तक
दिसंबर 202672, 3, 4, 5, 6, 11, 12खरमास 16 दिसंबर से
जनवरी 2027915, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 31खरमास 14 जनवरी तक
फरवरी 2027132, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28कोई वर्जित अवधि नहीं

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

सामान्य प्रश्न

क्या दिसंबर 2026 में विवाह मुहूर्त है?

हाँ, 7 दिन: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर।

बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

सुबह 10:31 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।

दिसंबर 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

2026 में इसके बाद कोई नहीं।