मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
नवंबर 2026 में विवाह मुहूर्त
शनि, 21 नवंबर
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
नवंबर 2026 में विवाह के 5 शुभ मुहूर्त हैं: 21, 24, 25, 26 और 30 नवंबर। पहला मुहूर्त शनिवार, 21 नवंबर 2026 को सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर) है।
उसके बाद: मंगल, 24 नवंबर · रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
देवउठनी एकादशी (शुक्रवार, 20 नवंबर) और तुलसी विवाह (शनिवार, 21 नवंबर) के बाद शादी की तारीखें खुलती हैं। शादी से पहले कुंडली मिलान →
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 6:48 | ||||||
| रात 11:25 | सुबह 6:51 | सुबह 6:52 | ||||
| दोपहर 12:55 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शनिवार, 21 नवंबर 2026
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वादशी (21 नवंबर, सुबह 6:32 – 22 नवंबर, सुबह 4:57)
- विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
- वृश्चिक सुबह 6:48–8:49 · धनु सुबह 8:49–10:53 · मकर सुबह 10:53–दोपहर 12:36 · कुंभ दोपहर 12:36–2:03 · मीन दोपहर 2:03–3:28 · मेष दोपहर 3:28–शाम 5:03 · वृषभ शाम 5:03–6:59 · मिथुन शाम 6:59–रात 9:14 · कर्क रात 9:14–11:34 · सिंह रात 11:34–1:51 · कन्या रात 1:51–2:30
- शुभ
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
रात 11:25 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- रोहिणी
- कृष्ण प्रतिपदा (24 नवंबर, रात 8:23 – 25 नवंबर, शाम 4:50)
- विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
- सिंह रात 11:25–1:39 · कन्या रात 1:39–3:56 · तुला रात 3:56–सुबह 6:15 · वृश्चिक सुबह 6:15–6:51
- शुभ
बुधवार, 25 नवंबर 2026
सुबह 6:51 – सुबह 6:52 (26 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण प्रतिपदा (24 नवंबर, रात 8:23 – 25 नवंबर, शाम 4:50)
कृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, शाम 4:50 – 26 नवंबर, दोपहर 1:15) - विवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
- वृश्चिक सुबह 6:51–8:34 · धनु सुबह 8:34–10:38 · मकर सुबह 10:38–दोपहर 12:20 · कुंभ दोपहर 12:20–1:47 · मीन दोपहर 1:47–3:12 · मेष दोपहर 3:12–शाम 4:48 · वृषभ शाम 4:48–6:43 · मिथुन शाम 6:43–रात 8:58 · कर्क रात 8:58–11:18 · सिंह रात 11:18–1:35 · कन्या रात 1:35–3:52 · तुला रात 3:52–सुबह 6:11 · वृश्चिक सुबह 6:11–6:52
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – शाम 5:47
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, शाम 4:50 – 26 नवंबर, दोपहर 1:15)
कृष्ण तृतीया (26 नवंबर, दोपहर 1:15 – 27 नवंबर, सुबह 9:49) - विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
- वृश्चिक सुबह 6:52–8:30 · धनु सुबह 8:30–10:34 · मकर सुबह 10:34–दोपहर 12:16 · कुंभ दोपहर 12:16–1:43 · मीन दोपहर 1:43–3:08 · मेष दोपहर 3:08–शाम 4:44 · वृषभ शाम 4:44–5:47
- शुभ
सोमवार, 30 नवंबर 2026
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:27
- मघा
- कृष्ण सप्तमी (30 नवंबर, रात 1:47 – 1 दिसंबर, रात 12:12)
- विवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बव — दोनों शुद्ध
- कुंभ दोपहर 12:55–1:28 · मीन दोपहर 1:28–2:27
लग्न वाले कॉलम में हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाली हर राशि है, नई दिल्ली के लिए। फेरों के लिए इनमें से कौन-सा लग्न लें, यह पंडित वर-वधू की कुंडली देखकर तय करते हैं; सूची केवल उपलब्ध लग्न दिखाती है।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1–20 नवंबर चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
- 22–23 नवंबर चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 27–29 नवंबर चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
विवाह का मौसम चातुर्मास बीतने पर खुलता है और खरमास में, धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक, रुकता है। इसका हर महीना, और महीने के बाकी दिन क्यों बंद हैं, नई दिल्ली के लिए:
| महीना | संख्या | तारीखें | बाकी दिन क्यों बंद |
|---|---|---|---|
| नवंबर 2026 | 5 | 21, 24, 25, 26, 30 | चातुर्मास 20 नवंबर तक |
| दिसंबर 2026 | 7 | 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 | खरमास 16 दिसंबर से |
| जनवरी 2027 | 9 | 15, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 31 | खरमास 14 जनवरी तक |
| फरवरी 2027 | 13 | 2, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28 | कोई वर्जित अवधि नहीं |
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ तय नहीं किया गया: फेरों का लग्न — महीने के पेज हर मुहूर्त के भीतर उदित होने वाले सारे लग्न दिखाते हैं — और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या नवंबर 2026 में विवाह मुहूर्त है?
हाँ, 5 दिन: 21, 24, 25, 26 और 30 नवंबर।
शनिवार, 21 नवंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:48 – रात 2:30 (22 नवंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में।
नवंबर 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?
बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को।