मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
सितंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त
बुध, 1 सितंबर
शाम 7:48 – सुबह 5:59 (2 सितंबर)
सितंबर 2027 में नामकरण के 15 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 5, 6, 10, 12, 15, 16, 17, 19, 22, 23, 26 और 30 सितंबर। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 सितंबर 2027 को शाम 7:48 – सुबह 5:59 (2 सितंबर) है।
उसके बाद: गुरु, 2 सितंबर · सुबह 5:59 – सुबह 5:59 (3 सितंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| शाम 7:48 | सुबह 5:59 | सुबह 5:59 | ||||
| सुबह 6:00 | दोपहर 2:59 | रात 11:50 | ||||
| सुबह 6:04 | सुबह 6:05 | दोपहर 1:44 | सुबह 6:06 | |||
| सुबह 6:07 | सुबह 6:09 | सुबह 6:09 | ||||
| सुबह 6:11 | सुबह 8:06 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
बुधवार, 1 सितंबर 2027
शाम 7:48 – सुबह 5:59 (2 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल प्रतिपदा (31 अगस्त, रात 11:11 – 1 सितंबर, शाम 7:50)
शुक्ल द्वितीया (1 सितंबर, शाम 7:50 – 2 सितंबर, शाम 4:50) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 2 सितंबर 2027
सुबह 5:59 – सुबह 5:59 (3 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल द्वितीया (1 सितंबर, शाम 7:50 – 2 सितंबर, शाम 4:50)
शुक्ल तृतीया (2 सितंबर, शाम 4:50 – 3 सितंबर, दोपहर 2:19) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 3 सितंबर 2027
सुबह 5:59 – दोपहर 2:19
- हस्त
- शुक्ल तृतीया (2 सितंबर, शाम 4:50 – 3 सितंबर, दोपहर 2:19)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 5 सितंबर 2027
सुबह 6:00 – दोपहर 2:30
- स्वाति
- शुक्ल पंचमी (4 सितंबर, दोपहर 12:26 – 5 सितंबर, सुबह 11:17)
शुक्ल षष्ठी (5 सितंबर, सुबह 11:17 – 6 सितंबर, सुबह 10:58) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 6 सितंबर 2027
दोपहर 2:59 – सुबह 6:01 (7 सितंबर)
- अनुराधा
- शुक्ल सप्तमी (6 सितंबर, सुबह 10:58 – 7 सितंबर, सुबह 11:28)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
शुक्रवार, 10 सितंबर 2027
रात 11:50 – सुबह 6:03 (11 सितंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल एकादशी (10 सितंबर, शाम 5:00 – 11 सितंबर, शाम 7:36)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 12 सितंबर 2027
सुबह 6:04 – सुबह 6:04 (13 सितंबर)
- श्रवण
- शुक्ल द्वादशी (11 सितंबर, शाम 7:36 – 12 सितंबर, रात 10:13)
शुक्ल त्रयोदशी (12 सितंबर, रात 10:13 – 14 सितंबर, रात 12:40) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
बुधवार, 15 सितंबर 2027
सुबह 6:05 – सुबह 11:33
- शतभिषा
- पूर्णिमा (15 सितंबर, रात 2:48 – 16 सितंबर, सुबह 4:33)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 16 सितंबर 2027
दोपहर 1:44 – सुबह 6:06 (17 सितंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण प्रतिपदा (16 सितंबर, सुबह 4:33 – 17 सितंबर, सुबह 5:52)
कृष्ण द्वितीया (17 सितंबर, सुबह 5:52 – 18 सितंबर, सुबह 6:44) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 17 सितंबर 2027
सुबह 6:06 – सुबह 6:07 (18 सितंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण द्वितीया (17 सितंबर, सुबह 5:52 – 18 सितंबर, सुबह 6:44)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 19 सितंबर 2027
सुबह 6:07 – सुबह 7:09
- अश्विनी
- कृष्ण तृतीया (18 सितंबर, सुबह 6:44 – 19 सितंबर, सुबह 7:09)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
बुधवार, 22 सितंबर 2027
सुबह 6:09 – सुबह 6:09 (23 सितंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण सप्तमी (22 सितंबर, सुबह 5:52 – 23 सितंबर, सुबह 4:37)
कृष्ण अष्टमी (23 सितंबर, सुबह 4:37 – 24 सितंबर, रात 2:57) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 23 सितंबर 2027
सुबह 6:09 – शाम 5:07
- मृगशिरा
- कृष्ण अष्टमी (23 सितंबर, सुबह 4:37 – 24 सितंबर, रात 2:57)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 26 सितंबर 2027
सुबह 6:11 – दोपहर 12:38
- पुष्य
- कृष्ण एकादशी (25 सितंबर, रात 10:31 – 26 सितंबर, शाम 7:49)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
गुरुवार, 30 सितंबर 2027
सुबह 8:06 – सुबह 6:13 (1 अक्टूबर)
- हस्त, चित्रा
- शुक्ल प्रतिपदा (क्षय) (30 सितंबर, सुबह 8:06 – 1 अक्टूबर, सुबह 5:35)
शुक्ल द्वितीया (1 अक्टूबर, सुबह 5:35 – 2 अक्टूबर, रात 3:33) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 4 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 7 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 8–9 सितंबर चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 13 सितंबर चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 18 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 20 सितंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 21 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 24 सितंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 25 सितंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 27 सितंबर चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 28 सितंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 29 सितंबर शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या सितंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 15 दिन: 1, 2, 3, 5, 6, 10, 12, 15, 16, 17, 19, 22, 23, 26 और 30 सितंबर।
बुधवार, 1 सितंबर 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
शाम 7:48 – सुबह 5:59 (2 सितंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
सितंबर 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को।